Advertisements
Advertisements
Question
तिनकेवाली घटना से कवि को क्या प्रेरणा मिली?
Advertisements
Solution
तिनकेवाली घटना से कवि समझ गया कि मनुष्य को कभी घमंड नहीं करना चाहिए। एक तिनके ने हमें बेचैन कर दिया। और हमारी औकात बता दिया, उन्हें यह बात भी समझ में आ गई कि उन्हें परेशान करने के लिए एक तिनका ही काफ़ी है। अतः उसे किसी बात पर घमंड नहीं करना चाहिए।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
कठपुतली ने अपनी इच्छा प्रकट की
चुरुंगुन को कौन-कौन सी चीज़ें अच्छी लगती हैं?
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। बताओ, इस पंक्ति का क्या अर्थ हो सकता है?
हमको तुमको प्रान मिलेगा।
अपनी सूची में से किसी एक के बारे में बताओ कि उसे मान-सम्मान कैसे मिल सकता है?
रिक्त स्थान पूरे करो।
| नमूना → |
वह मोर सा नाचता है। |
मनीष के कान ______की तरह तेज़ है।
नीचे लिखी पंक्ति को पढ़कर उत्तर दो।
"नया संसार बसाएँगे, नया इंसान बनाएँगे।"
तुम्हारे विचार से नया संसार बसाने और नया इंसान बनाने की ज़रूरत है या नहीं? कारण भी बताओ।
बहुत से लोग पक्षी पालते हैं-
पक्षियों को पालना उचित है अथवा नहीं? अपने विचार लिखिए।
पहली कठपुतली ने स्वयं कहा कि-'ये धागे/क्यों हैं मेरे पीछे-आगे?/इन्हें तोड़ दो;/मुझे मेरे पाँवों पर छोड़ दो।'-तो फिर वह चिंतित क्यों हुई कि-'ये कैसी इच्छा/मेरे मन में जगी?' नीचे दिए वाक्यों की सहायता से अपने विचार व्यक्त कीजिए-
•उसे दूसरी कठपुतलियों की ज़िम्मेदारी महसूस होने लगी।
•उसे शीघ्र स्वतंत्र होने की चिंता होने लगी।
•वह स्वतंत्रता की इच्छा को साकार करने और स्वतंत्रता को हमेशा बनाए रखने के उपाय सोचने लगी।
•वह डर गई, क्योंकि उसकी उम्र कम थी।
'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-
(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।
(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।
(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।
(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।
मोर के बोलने पर कवि को लगा जैसे किसी ने कहा हो-'सुनते हो'। नीचे दिए गए पक्षियों की बोली सुनकर उन्हें भी एक या दो शब्दों में बाँधिए-
| कबूतर | कौआ | मैना |
| तोता | चील | हंस |
शाम के समय ये क्या करते हैं? पता लगाइए और लिखिए-
| पक्षी | खिलाड़ी | फलवाले | माँ |
| पेड़-पौधे | पिता जी | किसान | बच्चे |
जंगल में खिले पलाश के फूल कैसे प्रतीत होते हैं?
निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित-हिंदी रूप लिखिए-
जैसे-परे-पड़े (रे, ड़े)
| बिपति | बादर |
| मछरी | सीत |
बहुविकल्पी प्रश्न
पेड़ अपना फल स्वयं क्यों नहीं खाते हैं।
बहुविकल्पी प्रश्न
सज्जन संपत्ति क्यों जमा करते हैं?
रहीम ने क्वार मास के बादलों को कैसा बताया है?
नीचे दी गई पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए-
'सावधान! मेरी वीणा में ______ दोनों मेरी ऐंठी हैं।'
'बंसीवारे ललना', 'मोरे प्यारे','लाल जी', कहते हुए यशोदा किसे जगाने का प्रयास करती हैं और वे कौन-कौन सी बातें कहती हैं
यदि आपको अपने छोटे भाई-बहन को जगाना पड़े, तो कैसे जगाएँगे?
नमूने के अनुसार लिखो:
| नमूना → |
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात।
|
| चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे। |
डाली से डाली पर पहुँचा,
देखी कलियाँ देखे फूल।
