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'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-

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Question

'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-

(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।

(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।

(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।

(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।

Short/Brief Note
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Solution

मन के छंद से यहाँ तात्पर्य मन की खुशी से है। अर्थात् यहाँ कठपुतलियाँ कहती हैं कि बहुत दिनों से हमने अपनी मर्ज़ी से अपनी खुशी के लिए कुछ नहीं किया। इसी कारण से हमारे मन की इच्छाएँ खत्म हो गई हैं, हमारे मन का दुख दूर नहीं हुआ।

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पद्य (Poetry) (Class 7)
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Chapter 4: कठपुतली - कविता से आगे [Page 21]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 2 Class 7
Chapter 4 कठपुतली
कविता से आगे | Q 1 | Page 21

RELATED QUESTIONS

बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर

कठपुतलियों को किनसे परेशानी थी?


क्या आपको दूसरों के इशारों पर काम करना अच्छा लगता है? इसका तर्कसंगत उत्तर दीजिए।


क्रांति लाने के लिए कवि किसका सहारा लेता है?


इसी जन्म में, इस जीवन में,
हमको तुमको मान मिलेगा।
इसमें किसे मान मिलने की बात कही गई है?


कविता में कवि बार-बार मान मिलने की बात करता है। मान मिलने से हमारे-तुम्हारे जीवन में क्या बदलाव आएगा?


सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो

कहाँ से, किसने, क्यों, क्या, किसके, किसको

___________ डाँट रहे हैं _________कहना नहीं सुना माँ का।


यह कविता आज़ादी मिलने से पहले के समय में लिखी गई थी। उस समय हमारे देश पर अंग्रेज़ों का राज था। किन पंक्तियों से पता चलता है कि लड़का/लड़की के काका स्वतंत्रता सेनानी थे?


सूरज को उसकी माँ ने क्यों बुला लिया?


बादल काका ज़ोर-ज़ोर से क्यों डाँट रहे हैं?


नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। कविता की अगली पंक्ति स्वयं बनाओ। ध्यान रखो, कविता में से देखकर नहीं लिखना।

नमूना →  ज़ोर - ज़ोर से गरज रहे है।
  तड़ तड़ तड़ तड़ बरस रहे है।

किसने फोड़ घड़े बादल के


ऐसी ही एक और कविता खोजकर अपनी कॉपी में लिखो। तुम स्वयं भी कविता की रचना कर सकते हो।


पहली कठपुतली ने स्वयं कहा कि-'ये धागे/क्यों हैं मेरे पीछे-आगे?/इन्हें तोड़ दो;/मुझे मेरे पाँवों पर छोड़ दो।'-तो फिर वह चिंतित क्यों हुई कि-'ये कैसी इच्छा/मेरे मन में जगी?' नीचे दिए वाक्यों की सहायता से अपने विचार व्यक्त कीजिए-

•उसे दूसरी कठपुतलियों की ज़िम्मेदारी महसूस होने लगी।

•उसे शीघ्र स्वतंत्र होने की चिंता होने लगी।

•वह स्वतंत्रता की इच्छा को साकार करने और स्वतंत्रता को हमेशा बनाए रखने के उपाय सोचने लगी।

•वह डर गई, क्योंकि उसकी उम्र कम थी।


पाठ में दिए गए दोहों की कोई पंक्ति कथन है और कोई कथन को प्रमाणित करने वाला उदाहरण। इन दोनों प्रकार की पंक्तियों को पहचान कर अलग-अलग लिखिए।


नीचे दिए गए दोहों में बताई गई सच्चाइयों को यदि हम अपने जीवन में उतार लें तो उनके क्या लाभ होंगे? सोचिए और लिखिए-

(क) तरुवर फल ____________ सचहिं सुजान||

(ख) धरती की-सी ____________ यह देह||


‘जल को मछलियों से कोई प्रेम नहीं होता’ इसका क्या प्रमाण है?


आँख में तिनका पड़ने के बाद घमंडी की क्या दशा हुई?


मीरा को सावन मनभावन क्यों लगने लगा ?


बहुविकल्पी प्रश्न

इस कविता में किसको जगाने का प्रयास किया जा रहा है?


मीरा को सावन मन भावन क्यों लगने लगा?


मीरा ने सावन का वर्णन किस प्रकार किया है?


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