Advertisements
Advertisements
Question
वृक्ष और सरोवर किस प्रकार दूसरों की भलाई करते हैं?
Advertisements
Solution
वृक्ष और सरोवर अपने द्वारा संचित वस्तु का स्वयं उपयोग नहीं करते हैं, यानी वृक्ष असंख्य फल उत्पन्न करता है लेकिन वह स्वयं उसका उपयोग नहीं करता। वह फल दूसरों के लिए देते हैं। ठीक इसी प्रकार सरोवर भी अपना जल स्वयं न पीकर उसे समाज की भलाई के लिए संचित करता है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
कठपुतली के मन में कौन-सी इच्छा जागी?
बहुविकल्पी प्रश्न
कवि अपनी कविता के माध्यम से आह्वान कर रहा है
बहुविकल्पी प्रश्न
कवि की वीणा में कैसी चिनगारियाँ आ बैठी हैं?
कवि विप्लव गान क्यों गाना चाहता है?
रिक्त स्थान पूरे करो।
| नमूना → |
वह मोर सा नाचता है। |
मनीष के कान ______की तरह तेज़ है।
सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो
बरसने लगा ________ यह पानी।
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। कविता की अगली पंक्ति स्वयं बनाओ। ध्यान रखो, कविता में से देखकर नहीं लिखना।
| नमूना → | ज़ोर - ज़ोर से गरज रहे है। |
| तड़ तड़ तड़ तड़ बरस रहे है। |
किसने फोड़ घड़े बादल के
बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।
नया इंसान बनाना
भाव स्पष्ट कीजिए-
या तो क्षितिज मिलन बन जाता/या तनती साँसों की डोरी।
'भूखे-प्यासे' में द्वंद्व समास है। इन दोनों शब्दों के बीच लगे चिह्न को सामासिक चिह्न (-) कहते हैं। इस चिह्न से 'और' का संकेत मिलता है, जैसे-
भूखे-प्यासे = भूखे और प्यासे।
• इस प्रकार के दस अन्य उदाहरण खोजकर लिखिए।
हिंदी के एक प्रसिद्ध कवि सुमित्रानंदन पंत ने संध्या का वर्णन इस प्रकार किया है-
संध्या का झुटपुट-
बाँसों का झुरमुट-
है चहक रहीं चिड़ियाँ
टी-वी-टी--टुट्-टुट्
• ऊपर दी गई कविता और सर्वेश्वरदयाल जी की कविता में आपको क्या मुख्य अंतर लगा? लिखिए।
बहुविकल्पी प्रश्न
‘शाम-एक किसान’ कविता के रचयिता कौन हैं?
जंगल में खिले पलाश के फूल कैसे प्रतीत होते हैं?
‘जल को मछलियों से कोई प्रेम नहीं होता’ इसका क्या प्रमाण है?
सज्जन और विद्वान के संपत्ति संचय का क्या उद्देश्य होता है?
बहुविकल्पी प्रश्न
कवि पर किसने व्यंग्य किया?
बहुविकल्पी प्रश्न
कृष्ण को जगाने के लिए द्वार पर कौन खड़े हैं?
पाठ के आधार पर सावन की विशेषताएँ लिखिए।
नमूने के अनुसार लिखो:
| नमूना → |
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात।
|
| चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे। |
कच्चे-पक्के फल पहचाने,
खाए और गिराए काट।
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। कविता की अगली पंक्ति स्वयं बनाओ। ध्यान रखो, कविता में से देखकर नहीं लिखना।
| नमूना → | ज़ोर - ज़ोर से गरज रहे है। |
| तड़ तड़ तड़ तड़ बरस रहे है। |
तब माँ कोई कर न सकेगा
