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बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर कठपुतली के मन में कौन-सी इच्छा जागी?

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Question

बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर

कठपुतली के मन में कौन-सी इच्छा जागी?

Options

  • मस्ती करने की

  • खेलने की

  • आज़ाद होने की

  • नाचने की

MCQ
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Solution

आज़ाद होने की

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 7)
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Chapter 4: कठपुतली - अन्य पाठेतर है हल प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 2 Class 7
Chapter 4 कठपुतली
अन्य पाठेतर है हल प्रश्न | Q 3

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कठपुतली कविता के रचयिता हैं


बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर

पहली कठपुतली ने दूसरी कठपुतली से क्या कहा?


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यह कविता किस वाद से प्रभावित है?


क्या आप क्रांति के समर्थक हैं? क्या क्रांति के द्वारा समाज में व्याप्त अव्यवस्था को दूर किया जा सकता है? कैसे तर्क सहित उत्तर लिखिए।


नमूने के अनुसार लिखो:
नमूना →
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात। 
  चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे।

उस तरु से इस तरु पर आता,
जाता हूँ धरती की ओर।


कविता में कवि बार-बार मान मिलने की बात करता है। मान मिलने से हमारे-तुम्हारे जीवन में क्या बदलाव आएगा?


सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो
सूरज ने ___________ बंद कर दिया अपने घर का दरवाज़ा।


कवि एक नया संसार बसाना चाहता है जहाँ मानव की मेहनत पूजी जाए, जहाँ जनता में एकता हो, जहाँ सब समान हों, जहाँ सभी सुखी हों। तुम्हें अपने संसार में ऊपर लिखी बातें नज़र आती हैं या नहीं? इन बातों के होने या न होने का क्या कारण है?


कठपुतली को अपने पाँवों पर खड़ी होने की इच्छा है, लेकिन वह क्यों नहीं खड़ी होती?


कविता की भाषा में लय या तालमेल बनाने के लिए प्रचलित शब्दों और वाक्यों में बदलाव होता है। जैसे-आगे-पीछे अधिक प्रचलित शब्दों की जोड़ी है, लेकिन कविता में 'पीछे-आगे' का प्रयोग हुआ है। यहाँ 'आगे' का '...बोली ये धागे' से ध्वनि का तालमेल है। इस प्रकार के शब्दों की जोड़ियों में आप भी परिवर्तन कीजिए-दुबला-पतला, इधर-उधर, ऊपर-नीचे, दाएँ-बाएँ, गोरा-काला, लाल-पीला आदि।


जंगल में खिले पलाश के फूल कैसे प्रतीत होते हैं?


हमें वृक्ष और सरोवर से क्या शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए?


इस कविता को कवि ने ‘मैं’ से आरंभ किया है- ‘मैं घमंडों में भरा ऐंठा हुआ’। कवि का यह ‘मैं’ कविता पढ़ने वाले व्यक्ति से भी जुड़ सकता है और तब अनुभव यह होगा कि कविता पढ़ने वाला व्यक्ति अपनी बात बता रहा है। यदि कविता में ‘मैं’ की जगह ‘वह’ या कोई नाम लिख दिया जाए, तब कविता के वाक्यों में बदलाव की जाएगा। कविता में ‘मैं’ के स्थान पर ‘वह’ या कोई नाम लिखकर वाक्यों के बदलाव को देखिए और कक्षा में पढ़कर सुनाइए।


नीचे दी गई कबीर की पंक्तियों में तिनका शब्द का प्रयोग एक से अधिक बार किया गया है। इनके अलग-अलग अर्थों की जानकारी प्राप्त करें।
उठा बबूला प्रेम का, तिनका उड़ा अकास।
तिनका-तिनका हो गया, तिनका तिनके पास॥


बहुविकल्पी प्रश्न
आँख में तिनका जाने पर क्या हुआ?


नमूने के अनुसार लिखो:

नमूना →
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात। 
  चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे।

डाली से डाली पर पहुँचा,
देखी कलियाँ देखे फूल।


बार-बार बोलो और नीचे दिए गए शब्द से वाक्य बनाओ।

बात - भात

बार-बार बोलो और नीचे दिए गए शब्द से वाक्य बनाओ।

दाना - धान

नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। कविता की अगली पंक्ति स्वयं बनाओ। ध्यान रखो, कविता में से देखकर नहीं लिखना।

नमूना →  ज़ोर - ज़ोर से गरज रहे है।
  तड़ तड़ तड़ तड़ बरस रहे है।

तब माँ कोई कर न सकेगा


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