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Question
बार-बार बोलो और नीचे दिए गए शब्द से वाक्य बनाओ।
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Solution
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RELATED QUESTIONS
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
पहली कठपुतली ने दूसरी कठपुतली से क्या कहा?
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
कठपुतली ने अपनी इच्छा प्रकट की
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
कठपुतली गुस्से से क्यों उबल पड़ी
रिक्त स्थान पूरे करो।
| नमूना → |
वह मोर सा नाचता है। |
लक्की ________की तरह गरजता है।
सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो
| कहाँ से, किसने, क्यों, क्या, किसके, किसको |
___________ डाँट रहे हैं _________कहना नहीं सुना माँ का।
भाव स्पष्ट कीजिए-
या तो क्षितिज मिलन बन जाता/या तनती साँसों की डोरी।
स्वर्ण-श्रृंखला और लाल किरण - सी में रेखांकित शब्द गुणवाचक विशेषण हैं। कविता से ढूँढ़कर इस प्रकार के तीन और उदाहरण लिखिए।
मोर के बोलने पर कवि को लगा जैसे किसी ने कहा हो-'सुनते हो'। नीचे दिए गए पक्षियों की बोली सुनकर उन्हें भी एक या दो शब्दों में बाँधिए-
| कबूतर | कौआ | मैना |
| तोता | चील | हंस |
निम्नलिखित शब्द का प्रयोग आप किन संदर्भ में करेंगे? इस शब्द का दो वाक्य बनाइए।
औंधी
बहुविकल्पी प्रश्न
कौन-सी अँगीठी दहक रही है?
निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित-हिंदी रूप लिखिए-
जैसे-परे-पड़े (रे, ड़े)
| बिपति | बादर |
| मछरी | सीत |
बहुविकल्पी प्रश्न
रहीम के दोहे’ का मुख्य अभिप्राय है
रहीम ने क्वार मास के बादलों को कैसा बताया है?
‘एक तिनका’ कविता में किस घटना की चर्चा की गई है, जिससे घमंड नहीं करने का संदेश मिलता है?
इस कविता को कवि ने ‘मैं’ से आरंभ किया है- ‘मैं घमंडों में भरा ऐंठा हुआ’। कवि का यह ‘मैं’ कविता पढ़ने वाले व्यक्ति से भी जुड़ सकता है और तब अनुभव यह होगा कि कविता पढ़ने वाला व्यक्ति अपनी बात बता रहा है। यदि कविता में ‘मैं’ की जगह ‘वह’ या कोई नाम लिख दिया जाए, तब कविता के वाक्यों में बदलाव की जाएगा। कविता में ‘मैं’ के स्थान पर ‘वह’ या कोई नाम लिखकर वाक्यों के बदलाव को देखिए और कक्षा में पढ़कर सुनाइए।
स्वाधीनता संग्राम के दिनों में अनेक कवियों ने स्वाधीनता को मुखर करने वाली ओजपूर्ण कविताएँ लिखीं। माखनलाल चतुर्वेदी, मैथिलीशरण गुप्त और सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की ऐसी कविताओं की चार-चार पंक्तियाँ इकट्ठा कीजिए जिनमें स्वाधीनता के भावे ओज से मुखर हुए हैं।
आस-पास के लोगों ने क्या उपहास किया?
यदि आपको अपने छोटे भाई-बहन को जगाना पड़े, तो कैसे जगाएँगे?
