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वृक्ष और सरोवर किस प्रकार दूसरों की भलाई करते हैं?

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प्रश्न

वृक्ष और सरोवर किस प्रकार दूसरों की भलाई करते हैं?

टीपा लिहा
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उत्तर

वृक्ष और सरोवर अपने द्वारा संचित वस्तु का स्वयं उपयोग नहीं करते हैं, यानी वृक्ष असंख्य फल उत्पन्न करता है लेकिन वह स्वयं उसका उपयोग नहीं करता। वह फल दूसरों के लिए देते हैं। ठीक इसी प्रकार सरोवर भी अपना जल स्वयं न पीकर उसे समाज की भलाई के लिए संचित करता है।

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पद्य (Poetry) (Class 7)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 11: रहीम के दोहे - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 2 Class 7
पाठ 11 रहीम के दोहे
अतिरिक्त प्रश्न | Q 12

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नमूने के अनुसार लिखो:
नमूना →
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात। 
  चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे।

उस तरु से इस तरु पर आता,
जाता हूँ धरती की ओर।


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कार

फूल

क्यारियाँ

चिड़ियाँ

सड़क

फल

खेत

तालाब

कारखाने

पेड़

कुर्सी

कागज़

पत्ता

टहनी


इस पंक्ति से बारिश के बारे में क्या पता चलता है?

नमूना →  सूरज की माँ ने उसको बुला लिया।
  ऐसा लगता है कि आसमान में सूरज नज़र नहीं आ रहा होगा।

सूरज ने अपने घर का दरवाज़ा बंद कर लिया।


'हम नया भूगोल बनाएँगे।'

ऊपर लिखी पंक्ति में 'भूगोल' शब्द की जगह और कौन-कौन से शब्द आ सकते हैं?

नीचे दिए गए बॉक्स में से छाँटो और कुछ शब्द स्वयं सोचकर लिखो।

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बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।

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(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।

(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।

(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।

(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।


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नमूने के अनुसार लिखो:

नमूना →
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात। 
  चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे।

डाली से डाली पर पहुँचा,
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