English

कठपुतली को गुस्सा क्यों आता है? - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

Question

कठपुतली को गुस्सा क्यों आता है?

Answer in Brief
Advertisements

Solution

कठपुतली को गुस्सा इसलिए आता हैं क्योंकि उसे चारों ओर से धागों से बंधन में बाँध कर रखा गया था। वह इसे बंधन से तंग आ गई थी। वह आज़ाद होना चाहती थी। वह अपनी इच्छानुसार जीना चाहती थी।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 7)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 4: कठपुतली - अन्य पाठेतर है हल प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 2 Class 7
Chapter 4 कठपुतली
अन्य पाठेतर है हल प्रश्न | Q 12

RELATED QUESTIONS

बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर

“पाँवों को छोड़ देने का’ को अर्थ है


 ‘कठपुतली’ कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है?


कविता की इस पंक्ति पर ध्यान दो-

"बच्चे और पेड़ दुनिया को हरा-भरा रखते हैं।"

अब तुम यह बताओ कि पेड़ों और बच्चों में क्या कुछ समानता है? उसे अपने ढंग से लिखो।


नीचे एक लकड़हारे और एक बच्ची की बातचीत दी गई है। इसे अपनी समझ से पूरा करो।

बच्चा- ओ भैया! आप इस पेड़ को क्यों काट रहे हो?
लकड़हारा- यह तो मेरा काम है।
बच्ची – पर यह तो गलत है।
लकड़हारा- यह कैसे गलत है? इसी से तो मेरे परिवार का भरण-पोषण होता है।

बच्ची __________________________________________

लकड़हारा _____________________________________

_______________________________________________


हमारे देश में पुराने समय से ही पेड़-पौधों को लगाने और उन्हें कटने से बचाने की परंपरा रही है। कई बार लोगों ने मिलकर पेड़ों को बचाने के लिए आंदोलन भी किया। ऐसे ही किसी आंदोलन के बारे में जानकारी इकट्ठी करके कॉपी में लिखो। इसके लिए तुम्हें पुस्तकालय, समाचार-पत्रों, शिक्षिका या माता-पिता और इंटरनेट से भी सहायता मिल सकती है।


जंगल, पेड़-पौधों और प्रकृति से संबंधित कुछ कविताओं के बारे में जानकारी प्राप्त करो। "जंगल" शीर्षक से दी गई कविता को पढ़ो और अपने दोस्तों को सुनाओ।


इसी जन्म में, इस जीवन में,
हमको तुमको मान मिलेगा।
इसमें किसे मान मिलने की बात कही गई है?


बहुत से लोग पक्षी पालते हैं-

पक्षियों को पालना उचित है अथवा नहीं? अपने विचार लिखिए।


कठपुतली को गुस्सा क्यों आया?


पहली कठपुतली की बात दूसरी कठपुतलियों को क्यों अच्छी लगी?


'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-

(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।

(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।

(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।

(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।


मोर के बोलने पर कवि को लगा जैसे किसी ने कहा हो-'सुनते हो'। नीचे दिए गए पक्षियों की बोली सुनकर उन्हें भी एक या दो शब्दों में बाँधिए-

कबूतर कौआ मैना
तोता चील हंस

जीवन में मित्रों की अधिकता कब होती है?


नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए-
ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी,
तब ‘समझ’ ने यों मुझे ताने दिए।
• इन पंक्तियों में ऐंठ’ और ‘समझ’ शब्दों का प्रयोग सजीव प्राणी की भाँति हुआ है। कल्पना कीजिए, यदि ‘ऐंठ’ और ‘समझ’ किसी नाटक में दो पात्र होते तो उनको अभिनय कैसा होता?


बहुविकल्पी प्रश्न
तिनका कहाँ से उड़कर आया था?


कविता में दो शब्दों के मध्य (−) का प्रयोग किया गया है, जैसे− 'जिससे उथल-पुथल मच जाए' एवं 'कण-कण में है व्याप्त वही स्वर'। इन पंक्तियों को पढ़िए और अनुमान लगाइए कि कवि ऐसा प्रयोग क्यों करते हैं?


सुबह जगने के समय आपको क्या अच्छा लगता है?


कृष्ण को ‘गउवन के रखवारे’ कहा गया है जिसका अर्थ है गौओं का पालन करनेवाले। इसके लिए एक शब्द दें।


बहुविकल्पी प्रश्न

दही कौन बिलो रही है?


बहुविकल्पी प्रश्न

किसके आने की आहट सुनकर मीरा प्रसन्न हो गई।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×