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कठपुतली को गुस्सा क्यों आता है? - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

कठपुतली को गुस्सा क्यों आता है?

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

कठपुतली को गुस्सा इसलिए आता हैं क्योंकि उसे चारों ओर से धागों से बंधन में बाँध कर रखा गया था। वह इसे बंधन से तंग आ गई थी। वह आज़ाद होना चाहती थी। वह अपनी इच्छानुसार जीना चाहती थी।

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पद्य (Poetry) (Class 7)
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अध्याय 4: कठपुतली - अन्य पाठेतर है हल प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 2 Class 7
अध्याय 4 कठपुतली
अन्य पाठेतर है हल प्रश्न | Q 12

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कार

फूल

क्यारियाँ

चिड़ियाँ

सड़क

फल

खेत

तालाब

कारखाने

पेड़

कुर्सी

कागज़

पत्ता

टहनी


कविता में कवि बार-बार मान मिलने की बात करता है। मान मिलने से हमारे-तुम्हारे जीवन में क्या बदलाव आएगा?


रिक्त स्थान पूरे करो।

नमूना → वह मोर सा नाचता है।

मेघाश्री की आवाज़ __________ की तरह मीठी है।


रिक्त स्थान भरो

नमूना → काका जेल  जाएँगे अब
अब मत करना कभी विचार
माँ वे सीख नहीं पाए

न, मत और नहीं का इस्तेमाल किसी काम के मनाही के लिए किया गया है। तुम नीचे लिखे वाक्यों में 'न', 'मत', 'मना' और 'नहीं' भरो।
(क) तुम वहाँ __________जाओ।
(ख) परीक्षा में _______ जो रामू फेल हुआ ________ही असलम।
(ग) मुझे इस प्रश्न का उत्तर ________ पता।
(घ) माँ ने मुझे छत पर जाने से _______ किया है।


"तब माँ कोई कर न सकेगा
अपने ऊपर अत्याचार।"

कविता की इस पंक्ति में किस अत्याचार की बात की जा रही है? वे किस तरह के अत्याचार करते थे?


कवि एक नया संसार बसाना चाहता है जहाँ मानव की मेहनत पूजी जाए, जहाँ जनता में एकता हो, जहाँ सब समान हों, जहाँ सभी सुखी हों। तुम्हें अपने संसार में ऊपर लिखी बातें नज़र आती हैं या नहीं? इन बातों के होने या न होने का क्या कारण है?


बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।

नया इंसान बनाना


'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-

(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।

(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।

(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।

(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।


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पाठ में दिए गए दोहों की कोई पंक्ति कथन है और कोई कथन को प्रमाणित करने वाला उदाहरण। इन दोनों प्रकार की पंक्तियों को पहचान कर अलग-अलग लिखिए।


निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित-हिंदी रूप लिखिए-

जैसे-परे-पड़े (रे, ड़े)

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नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को सामान्य वाक्य में बदलिए।

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मूँठ देने लोग कपड़े की लगे-लोग कपड़े की मूँठ देने लगे।

(क) एक दिन जब था मुंडेरे पर खड़ा- ____________
(ख) लाल होकर आँख भी दुखने लगी- __________
(ग) ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी- ___________
(घ) जब किसी ढब से निकल तिनका गया- ____________


नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए-
ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी,
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