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प्रश्न
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। कविता की अगली पंक्ति स्वयं बनाओ। ध्यान रखो, कविता में से देखकर नहीं लिखना।
| नमूना → | ज़ोर - ज़ोर से गरज रहे है। |
| तड़ तड़ तड़ तड़ बरस रहे है। |
बिजली के आँगन में अम्माँ
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उत्तर
बिजली के आँगन में अम्माँ
क्यों खेल रही हैं, ये बालाएँ?
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संबंधित प्रश्न
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
कठपुतली को किस बात का दुख था?
वचन बदलो
|
एकवचन |
बहुवचन |
| घोंसला | घोंसले, घोंसलो |
| डाल | |
| बात | |
| कली | |
| फूल | |
| फल | |
| साथी | |
| तरु | |
| दाना | |
| डैना |
जंगल, पेड़-पौधों और प्रकृति से संबंधित कुछ कविताओं के बारे में जानकारी प्राप्त करो। "जंगल" शीर्षक से दी गई कविता को पढ़ो और अपने दोस्तों को सुनाओ।
तुम्हें अपने आस-पास यदि लगे कि किसी को सचमुच में आज भी मान-सम्मान नहीं मिला है ओर उसको तुम मान-सम्मान दिलाना चाहते हो तो उनके नामों की सूची बनाओ।
जब बच्ची अपनी माँ से सब बातें कर रही थी, उस समय का आसमान और मौसम कैसा रहा होगा? अपनी कल्पना से बताओ। (संकेत- धूप, सूरज, बादल, धरती, बिजली, लोगों की परेशानियाँ आदि)
बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।
नया भूगोल बनाना
बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।
नया इंसान बनाना
कई बार जब दो शब्द आपस में जुड़ते हैं तो उनके मूल रूप में परिवर्तन हो जाता है। कठपुतली शब्द में भी इस प्रकार का सामान्य परिवर्तन हुआ है। जब काठ और पुतली दो शब्द एक साथ हुए कठपुतली शब्द बन गया और इससे बोलने में सरलता आ गई। इस प्रकार के कुछ शब्द बनाइए-
जैसे-काठ (कठ) से बना-कठगुलाब, कठफोड़ा
| हाथ-हथ | सोना-सोन | मिट्टी-मट |
बहुविकल्पी प्रश्न
पहाड़ को किन रूपों में दर्शाया गया है?
निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित-हिंदी रूप लिखिए-
जैसे-परे-पड़े (रे, ड़े)
| बिपति | बादर |
| मछरी | सीत |
हमें वृक्ष और सरोवर से क्या शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए?
आँख में तिनका पड़ने के बाद घमंडी की क्या दशा हुई?
एक तिनका' कविता में घमंडी को उसकी 'समझ' ने चेतावनी दी-
ऐंठता तू किसलिए इतना रहा,
एक तिनका है बहुत तेरे लिए।इसी प्रकार की चेतावनी कबीर ने भी दी है-तिनका कबहूँ न निंदिए, पाँव तले जो होय|कबहूँ उड़ि आँखिन परै, पीर घनेरी होय||
• इन दोनों में क्या समानता है और क्या अंतर? लिखिए।
नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए-
ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी,
तब ‘समझ’ ने यों मुझे ताने दिए।
• इन पंक्तियों में ऐंठ’ और ‘समझ’ शब्दों का प्रयोग सजीव प्राणी की भाँति हुआ है। कल्पना कीजिए, यदि ‘ऐंठ’ और ‘समझ’ किसी नाटक में दो पात्र होते तो उनको अभिनय कैसा होता?
'बंसीवारे ललना', 'मोरे प्यारे','लाल जी', कहते हुए यशोदा किसे जगाने का प्रयास करती हैं और वे कौन-कौन सी बातें कहती हैं
नीचे दी गई पंक्ति का आशय अपने शब्दों में लिखिए-
‘माखन-रोटी हाथ मँह लीनी, गउवन के रखवारे।’
बहुविकल्पी प्रश्न
‘भोर और बरखा’ कविता की रचयिता हैं?
नमूने के अनुसार लिखो:
| नमूना → |
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात।
|
| चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे। |
डाली से डाली पर पहुँचा,
देखी कलियाँ देखे फूल।
नमूने के अनुसार लिखो:
| नमूना → |
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात।
|
| चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे। |
कच्चे-पक्के फल पहचाने,
खाए और गिराए काट।
