Advertisements
Advertisements
प्रश्न
नमूने के अनुसार लिखो:
| नमूना → |
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात।
|
| चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे। |
डाली से डाली पर पहुँचा,
देखी कलियाँ देखे फूल।
Advertisements
उत्तर
चुरुंगुन पेड़ की एक डाली से दूसरी डाली पर गया। उसने डाली पर लगी कलियाँ और फूल देखे।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
कठपुतली कविता के रचयिता हैं
इस कविता के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?
कवि के कंठ से निकले गीत का क्या प्रभाव पड़ेगा?
कवि फूलों, गीतों और विद्या की खेती क्यों करना चाहता है?
यह कविता आज़ादी मिलने से पहले के समय में लिखी गई थी। उस समय हमारे देश पर अंग्रेज़ों का राज था। किन पंक्तियों से पता चलता है कि लड़का/लड़की के काका स्वतंत्रता सेनानी थे?
लड़की बिजली के घर क्यों जाना चाहती है?
कविता में आया है कि सूरज की माँ ने उसे घर के भीतर बुला लिया। पता करो कि क्या सूरज की भी माँ होती होगी?
यदि आपके घर के किसी स्थान पर किसी पक्षी ने अपना आवास बनाया है और किसी कारणवश आपको अपना घर बदलना पड़ रहा है तो आप उस पक्षी के लिए किस तरह के प्रबंध करना आवश्यक समझेंगे? लिखिए।
कविता की भाषा में लय या तालमेल बनाने के लिए प्रचलित शब्दों और वाक्यों में बदलाव होता है। जैसे-आगे-पीछे अधिक प्रचलित शब्दों की जोड़ी है, लेकिन कविता में 'पीछे-आगे' का प्रयोग हुआ है। यहाँ 'आगे' का '...बोली ये धागे' से ध्वनि का तालमेल है। इस प्रकार के शब्दों की जोड़ियों में आप भी परिवर्तन कीजिए-दुबला-पतला, इधर-उधर, ऊपर-नीचे, दाएँ-बाएँ, गोरा-काला, लाल-पीला आदि।
बहुविकल्पी प्रश्न
चिलम के रूप में किसका चित्रण किया गया है?
इस कविता में किस वातावरण का चित्रण है?
कविता में चित्रित शाम और सूर्यास्त के दृश्य का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
बहुविकल्पी प्रश्न
रहीम के दोहे’ का मुख्य अभिप्राय है
बहुविकल्पी प्रश्न
“संपति सगे’ में किस अलंकार का प्रयोग हुआ है?
रहीम ने क्वार के बादलों की तुलना किससे और क्यों की है?
पाठ के आधार पर सावन की विशेषताएँ लिखिए।
सुबह जगने के समय आपको क्या अच्छा लगता है?
यदि आपको अपने छोटे भाई-बहन को जगाना पड़े, तो कैसे जगाएँगे?
कवि बाग-बगीचा क्यों लगाना चाहता है?
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। कविता की अगली पंक्ति स्वयं बनाओ। ध्यान रखो, कविता में से देखकर नहीं लिखना।
| नमूना → | ज़ोर - ज़ोर से गरज रहे है। |
| तड़ तड़ तड़ तड़ बरस रहे है। |
तब माँ कोई कर न सकेगा
