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पहली कठपुतली की बात दूसरी कठपुतलियों को क्यों अच्छी लगी?

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प्रश्न

पहली कठपुतली की बात दूसरी कठपुतलियों को क्यों अच्छी लगी?

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

अवश्य पहली, कठपुतली की बात सुनकर दूसरी कठपुतलियों को अच्छी लगी होगी। परतंत्र रहना किसी को पसंद नहीं। सभी स्वतंत्र यानी आजाद रहना चाहते हैं। सभी अपने-अपने मर्जी से काम करना चाहते हैं। किसी भी कठपुतली को धागे में बंधे रहना और दूसरों की मर्जी से नाचना पसंद नहीं था। यही कारण था कि पहली कठपुतली की बात दूसरी कठपुतलियों को अच्छी लगी होगी।

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पद्य (Poetry) (Class 7)
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अध्याय 4: कठपुतली - अन्य पाठेतर है हल प्रश्न

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एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 2 Class 7
अध्याय 4 कठपुतली
अन्य पाठेतर है हल प्रश्न | Q 13

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  चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे।

उस तरु से इस तरु पर आता,
जाता हूँ धरती की ओर।


इन शब्दों के समान अर्थ वाले कुछ शब्दों को लिखो

धरती ________________________

चिड़िया ________________________

हवा ______________________________

पेड़ ______________________________

दुनिया ______________________________


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(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।

(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।

(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।

(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।


निम्नलिखित शब्द का प्रयोग आप किन संदर्भ में करेंगे? इस शब्द का दो वाक्य बनाइए।

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छप से
टप से
थर्र से
फुर्र से
सन् से।
(क)मेंढक पानी में _________ कूद गया।
(ख)नल बंद होने के बाद पानी की एक बूंद _________ च गई।
(ग)शोर होते ही चिड़िया __________ उड़ी।
(घ) ठंडी हवा__________गुजरी, मैं ठंड में _________ काँप गया।


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