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प्रश्न
हमें वृक्ष और सरोवर से क्या शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए?
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उत्तर
हमें वृक्ष और सरोवर से परोपकार करने की शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए। वृक्ष और सरोवर निस्वार्थ भाव से दूसरों की भलाई करते हैं। उसी प्रकार हमें दूसरों की भलाई निस्स्वार्थ भाव से करना चाहिए।
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वचन बदलो
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एकवचन |
बहुवचन |
| घोंसला | घोंसले, घोंसलो |
| डाल | |
| बात | |
| कली | |
| फूल | |
| फल | |
| साथी | |
| तरु | |
| दाना | |
| डैना |
कविता की इस पंक्ति पर ध्यान दो-
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(ख) सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्ले-सा
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(घ) मँडराता रहता था एक मरियल-सा कुत्ता आसपास
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(च) घास पर फुदकती नन्ही-सी चिड़िया
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• इन पंक्तियों में ऐंठ’ और ‘समझ’ शब्दों का प्रयोग सजीव प्राणी की भाँति हुआ है। कल्पना कीजिए, यदि ‘ऐंठ’ और ‘समझ’ किसी नाटक में दो पात्र होते तो उनको अभिनय कैसा होता?
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