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हमें वृक्ष और सरोवर से क्या शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए?

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प्रश्न

हमें वृक्ष और सरोवर से क्या शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए?

टीपा लिहा
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उत्तर

हमें वृक्ष और सरोवर से परोपकार करने की शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए। वृक्ष और सरोवर निस्वार्थ भाव से दूसरों की भलाई करते हैं। उसी प्रकार हमें दूसरों की भलाई निस्स्वार्थ भाव से करना चाहिए।

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पद्य (Poetry) (Class 7)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 11: रहीम के दोहे - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 2 Class 7
पाठ 11 रहीम के दोहे
अतिरिक्त प्रश्न | Q 16

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फूल, पात, फुनगी, दाल, फल, कलियाँ, धरती, साथी, तरु, दाना, गगन

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कई बार जब दो शब्द आपस में जुड़ते हैं तो उनके मूल रूप में परिवर्तन हो जाता है। कठपुतली शब्द में भी इस प्रकार का सामान्य परिवर्तन हुआ है। जब काठ और पुतली दो शब्द एक साथ हुए कठपुतली शब्द बन गया और इससे बोलने में सरलता आ गई। इस प्रकार के कुछ शब्द बनाइए-

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हाथ-हथ सोना-सोन मिट्टी-मट

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पेड़ों के झुनझुने
बजने लगे;
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सूरज की लाल गेंद।
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रहीम ने क्वार के मास में गरजने वाले बादलों की तुलना ऐसे निर्धन व्यक्तियों से क्यों की है जो पहले कभी धनी थे और बीती बातों को बताकर दूसरों को प्रभावित करना चाहते हैं? दोहे के आधार पर आप सावन के बरसने और गरजने वाले बादलों के विषय में क्या कहना चाहेंगे?


वृक्ष और सरोवर किस प्रकार दूसरों की भलाई करते हैं?


नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए-
ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी,
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• इन पंक्तियों में ऐंठ’ और ‘समझ’ शब्दों का प्रयोग सजीव प्राणी की भाँति हुआ है। कल्पना कीजिए, यदि ‘ऐंठ’ और ‘समझ’ किसी नाटक में दो पात्र होते तो उनको अभिनय कैसा होता?


स्वाधीनता संग्राम के दिनों में अनेक कवियों ने स्वाधीनता को मुखर करने वाली ओजपूर्ण कविताएँ लिखीं। माखनलाल चतुर्वेदी, मैथिलीशरण गुप्त और सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की ऐसी कविताओं की चार-चार पंक्तियाँ इकट्ठा कीजिए जिनमें स्वाधीनता के भावे ओज से मुखर हुए हैं।


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कृष्ण को जगाने के लिए द्वार पर कौन खड़े हैं?


नमूने के अनुसार लिखो:

नमूना →
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात। 
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खाए और गिराए काट।


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