Advertisements
Advertisements
प्रश्न
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। बताओ, इस पंक्ति का क्या अर्थ हो सकता है?
दीप बुझे हैं जिन आँखों के,
उन आँखों को ज्ञान मिलेगा।
Advertisements
उत्तर
भारत में बहुत बड़ी जनसंख्या अशिक्षित है। अशिक्षा के कारण भुखमरी तथा गरीबी चारों और व्याप्त है। कवि इसी ओर संकेत करते हुए कहता है कि समाज में जो लोग अशिक्षित हैं उन्हें शीघ्र ही शिक्षा का अधिकार प्राप्त होगा। अशिक्षित लोग सदैव समाज द्वारा उपेक्षा का शिकार होते हैं। शिक्षा प्राप्त करके वे शिक्षित हो जाएँगे और उन्हें भी समाज में आदर-सम्मान से देखा जाएगा।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
बहुविकल्पी प्रश्न
यह गीत कैसा गीत है?
कविता की इस पंक्ति पर ध्यान दो-
"बच्चे और पेड़ दुनिया को हरा-भरा रखते हैं।"
अब तुम यह बताओ कि पेड़ों और बच्चों में क्या कुछ समानता है? उसे अपने ढंग से लिखो।
हमारे देश में पुराने समय से ही पेड़-पौधों को लगाने और उन्हें कटने से बचाने की परंपरा रही है। कई बार लोगों ने मिलकर पेड़ों को बचाने के लिए आंदोलन भी किया। ऐसे ही किसी आंदोलन के बारे में जानकारी इकट्ठी करके कॉपी में लिखो। इसके लिए तुम्हें पुस्तकालय, समाचार-पत्रों, शिक्षिका या माता-पिता और इंटरनेट से भी सहायता मिल सकती है।
कविता की कुछ पंक्तियाँ छाँटकर लिखो जिनसे पता लगता है कि कवि को इस बात पर पूरा भरोसा है कि एक दिन सबको मान मिलेगा।
कविता में आया है कि सूरज की माँ ने उसे घर के भीतर बुला लिया। पता करो कि क्या सूरज की भी माँ होती होगी?
भाव स्पष्ट कीजिए-
या तो क्षितिज मिलन बन जाता/या तनती साँसों की डोरी।
कई बार जब दो शब्द आपस में जुड़ते हैं तो उनके मूल रूप में परिवर्तन हो जाता है। कठपुतली शब्द में भी इस प्रकार का सामान्य परिवर्तन हुआ है। जब काठ और पुतली दो शब्द एक साथ हुए कठपुतली शब्द बन गया और इससे बोलने में सरलता आ गई। इस प्रकार के कुछ शब्द बनाइए-
जैसे-काठ (कठ) से बना-कठगुलाब, कठफोड़ा
| हाथ-हथ | सोना-सोन | मिट्टी-मट |
शाम के समय ये क्या करते हैं? पता लगाइए और लिखिए-
| पक्षी | खिलाड़ी | फलवाले | माँ |
| पेड़-पौधे | पिता जी | किसान | बच्चे |
बहुविकल्पी प्रश्न
पहाड़ के चरणों में बहती नदी किस रूप में दिखाई देती है?
बहुविकल्पी प्रश्न
सूरज डूबते ही क्या हुआ?
अंधकार दूर सिमटा कैसा लग रहा है?
दूर फैला अंधकार कैसा दिख रहा है?
निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित-हिंदी रूप लिखिए-
जैसे-परे-पड़े (रे, ड़े)
| बिपति | बादर |
| मछरी | सीत |
कविता में दो शब्दों के मध्य (−) का प्रयोग किया गया है, जैसे− 'जिससे उथल-पुथल मच जाए' एवं 'कण-कण में है व्याप्त वही स्वर'। इन पंक्तियों को पढ़िए और अनुमान लगाइए कि कवि ऐसा प्रयोग क्यों करते हैं?
तिनकेवाली घटना से कवि को क्या प्रेरणा मिली?
वर्षा में भींगना और खेलनों आपको कैसा लगता है?
मीरा बाई ने सुबह का चित्र खींचा है। अपनी कल्पना और अनुमान से लिखिए कि नीचे दिए गए स्थानों की सुबह कैसी होती है
(क) गाँव, गली या मुहल्ले में,
(ख) रेलवे प्लेटफ़ॉर्म पर
(ग) नदी या समुद्र के किनारे
(घ) पहाड़ों पर।
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। कविता की अगली पंक्ति स्वयं बनाओ। ध्यान रखो, कविता में से देखकर नहीं लिखना।
| नमूना → | ज़ोर - ज़ोर से गरज रहे है। |
| तड़ तड़ तड़ तड़ बरस रहे है। |
तब माँ कोई कर न सकेगा
