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प्रश्न
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। बताओ, इस पंक्ति का क्या अर्थ हो सकता है?
क्लेश जहाँ है, फूल खिलेगा।
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उत्तर
लोग अशिक्षा के कारण दूसरे के हाथों की कठपुतली बन जाते हैं। कुछ स्वार्थी लोग धर्म के नाम पर उन्हें आपस में लड़वा देते हैं। शिक्षा उनके विचारों में परिवर्तन लाएगी और तब धार्मिक और जातिए झगड़े समाप्त हो जाएँगे। वहाँ अमन और प्रेम के फूल खिल जाएँगे।
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कई बार जब दो शब्द आपस में जुड़ते हैं तो उनके मूल रूप में परिवर्तन हो जाता है। कठपुतली शब्द में भी इस प्रकार का सामान्य परिवर्तन हुआ है। जब काठ और पुतली दो शब्द एक साथ हुए कठपुतली शब्द बन गया और इससे बोलने में सरलता आ गई। इस प्रकार के कुछ शब्द बनाइए-
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टी-वी-टी--टुट्-टुट्
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'कण-कण में है व्याप्त वही स्वर ______ कालकूट फणि की चिंतामणि'
(क) 'वही स्वर','वह ध्वनि' एवं 'वही तान' आदि वाक्यांश किसके लिए/ किस भाव के लिए प्रयुक्त हुए हैं?
(ख) वही स्वर, वह ध्वनि एवं वही तान से संबंधित भाव का 'रूद्ध-गीत की क्रुद्ध तान है/ निकली मेरी अंतरतर से' - पंक्तियों से क्या कोई संबंध बनता है?
नीचे दी गई पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए-
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