मराठी

नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। बताओ, इस पंक्ति का क्या अर्थ हो सकता है? क्लेश जहाँ है, फूल खिलेगा। - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। बताओ, इस पंक्ति का क्या अर्थ हो सकता है?

क्लेश जहाँ है, फूल खिलेगा।

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

लोग अशिक्षा के कारण दूसरे के हाथों की कठपुतली बन जाते हैं। कुछ स्वार्थी लोग धर्म के नाम पर उन्हें आपस में लड़वा देते हैं। शिक्षा उनके विचारों में परिवर्तन लाएगी और तब धार्मिक और जातिए झगड़े समाप्त हो जाएँगे। वहाँ अमन और प्रेम के फूल खिल जाएँगे।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 7)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 15: गीत - अभ्यास [पृष्ठ ८५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Durva Part 2 Class 7
पाठ 15 गीत
अभ्यास | Q 2. ख | पृष्ठ ८५

संबंधित प्रश्‍न

बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर

कठपुतलियों को किनसे परेशानी थी?


बहुविकल्पी प्रश्न

‘उथल-पुथल मचने’ से कवि का क्या अभिप्राय है?


 ‘कठपुतली’ कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है?


आपके विचार से किस कठपुतली ने विद्रोह किया?


कवि विप्लव गान क्यों गाना चाहता है?


नीचे कुछ चीज़ों के नाम लिखें हैं। चुरुंगुन ने पहले किसे देखा? क्रम से लगाओ।

फूल, पात, फुनगी, दाल, फल, कलियाँ, धरती, साथी, तरु, दाना, गगन

चुरुंगुन अपने 'उड़ने' के बारे में बार-बार अपनी माँ से क्यों पूछता है?


लड़की बिजली के घर क्यों जाना चाहती है?


'भूखे-प्यासे' में द्वंद्व समास है। इन दोनों शब्दों के बीच लगे चिह्न को सामासिक चिह्न (-) कहते हैं। इस चिह्न से 'और' का संकेत मिलता है, जैसे-

भूखे-प्यासे = भूखे और प्यासे।

• इस प्रकार के दस अन्य उदाहरण खोजकर लिखिए।


कई बार जब दो शब्द आपस में जुड़ते हैं तो उनके मूल रूप में परिवर्तन हो जाता है। कठपुतली शब्द में भी इस प्रकार का सामान्य परिवर्तन हुआ है। जब काठ और पुतली दो शब्द एक साथ हुए कठपुतली शब्द बन गया और इससे बोलने में सरलता आ गई। इस प्रकार के कुछ शब्द बनाइए-

जैसे-काठ (कठ) से बना-कठगुलाब, कठफोड़ा

हाथ-हथ सोना-सोन मिट्टी-मट

शाम के समय ये क्या करते हैं? पता लगाइए और लिखिए-

पक्षी खिलाड़ी फलवाले माँ
पेड़-पौधे पिता जी किसान बच्चे

हिंदी के एक प्रसिद्ध कवि सुमित्रानंदन पंत ने संध्या का वर्णन इस प्रकार किया है-

संध्या का झुटपुट-

बाँसों का झुरमुट-

है चहक रहीं चिड़ियाँ

टी-वी-टी--टुट्-टुट्

• ऊपर दी गई कविता और सर्वेश्वरदयाल जी की कविता में आपको क्या मुख्य अंतर लगा? लिखिए।


इस कविता में किस वातावरण का चित्रण है?


इस कविता को कवि ने ‘मैं’ से आरंभ किया है- ‘मैं घमंडों में भरा ऐंठा हुआ’। कवि का यह ‘मैं’ कविता पढ़ने वाले व्यक्ति से भी जुड़ सकता है और तब अनुभव यह होगा कि कविता पढ़ने वाला व्यक्ति अपनी बात बता रहा है। यदि कविता में ‘मैं’ की जगह ‘वह’ या कोई नाम लिख दिया जाए, तब कविता के वाक्यों में बदलाव की जाएगा। कविता में ‘मैं’ के स्थान पर ‘वह’ या कोई नाम लिखकर वाक्यों के बदलाव को देखिए और कक्षा में पढ़कर सुनाइए।


'कण-कण में है व्याप्त वही स्वर ______ कालकूट फणि की चिंतामणि'

(क) 'वही स्वर','वह ध्वनि' एवं 'वही तान' आदि वाक्यांश किसके लिए/ किस भाव के लिए प्रयुक्त हुए हैं?

(ख) वही स्वर, वह ध्वनि एवं वही तान से संबंधित भाव का 'रूद्ध-गीत की क्रुद्ध तान है/ निकली मेरी अंतरतर से' - पंक्तियों से क्या कोई संबंध बनता है?


नीचे दी गई पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए-

'सावधान! मेरी वीणा में ______ दोनों मेरी ऐंठी हैं।'


तिनकेवाली घटना से कवि को क्या प्रेरणा मिली?


पढ़े हुए पद के आधार पर ब्रज की भोर का वर्णन कीजिए।


ग्वाल-बालों के हाथ में क्या वस्तु थी?


मीरा को सावन मन भावन क्यों लगने लगा?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×