Advertisements
Advertisements
Question
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। बताओ, इस पंक्ति का क्या अर्थ हो सकता है?
क्लेश जहाँ है, फूल खिलेगा।
Advertisements
Solution
लोग अशिक्षा के कारण दूसरे के हाथों की कठपुतली बन जाते हैं। कुछ स्वार्थी लोग धर्म के नाम पर उन्हें आपस में लड़वा देते हैं। शिक्षा उनके विचारों में परिवर्तन लाएगी और तब धार्मिक और जातिए झगड़े समाप्त हो जाएँगे। वहाँ अमन और प्रेम के फूल खिल जाएँगे।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
बहुविकल्पी प्रश्न
कवि देशवासियों को कैसी तान सुनाना चाहता है?
कठपुतलियाँ किसका प्रतीक हैं?
‘कठपुतली’ कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है?
कविता में कालकूट फणि की चिंतामणि शब्दों का अर्थ क्या है?
चुरुंगुन अभी-अभी अपने घोंसले से निकला है। फिर भी वह पूरी दुनिया के बारे में जानना चाहता है। तुम किन चीज़ों के बारे में जानना चाहते हो?
तुम पेड़ों को बचाने के लिए क्या कुछ कर सकते हो? बताओ।
कविता में कवि ने बगीचे के बारे में बहुत कुछ बताया है। बताओ, नीचे लिखी चीज़ों में से कौन-सी चीज़ें बगीचे में होंगी?
|
कार |
फूल |
|
क्यारियाँ |
चिड़ियाँ |
|
सड़क |
फल |
|
खेत |
तालाब |
|
कारखाने |
पेड़ |
|
कुर्सी |
कागज़ |
|
पत्ता |
टहनी |
इसी जन्म में, इस जीवन में,
हमको तुमको मान मिलेगा।
इसमें किसे मान मिलने की बात कही गई है?
रिक्त स्थान पूरे करो।
| नमूना → |
वह मोर सा नाचता है। |
लक्की ________की तरह गरजता है।
बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।
समय को रहा दिखाना
बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।
तारों की चाल बदल देना
ऐसी ही एक और कविता खोजकर अपनी कॉपी में लिखो। तुम स्वयं भी कविता की रचना कर सकते हो।
'भूखे-प्यासे' में द्वंद्व समास है। इन दोनों शब्दों के बीच लगे चिह्न को सामासिक चिह्न (-) कहते हैं। इस चिह्न से 'और' का संकेत मिलता है, जैसे-
भूखे-प्यासे = भूखे और प्यासे।
• इस प्रकार के दस अन्य उदाहरण खोजकर लिखिए।
नीचे दो स्वतंत्रता आंदोलनों के वर्ष दिए गए हैं। इन दोनों आंदोलनों के दो-दो स्वतंत्रता सेनानियों के नाम लिखिए-
(क) सन् 1857 ______ ______
(ख) सन् 1942 ______ ______
'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-
(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।
(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।
(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।
(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।
कौन किस रूप में बैठा है?
बहुविकल्पी प्रश्न
तिनका कहाँ आ गिरा?
इस कविता से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?
ग्वाल-बालों के हाथ में क्या वस्तु थी?
