Advertisements
Advertisements
प्रश्न
‘कठपुतली’ कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है?
Advertisements
उत्तर
‘कठपुतली’ कविता के माध्यम से कवि संदेश देना चाहता है कि आजादी का हमारे जीवन में महत्त्वपूर्ण स्थान है। पराधीनता व्यक्ति को व्यथित कर देता है। अतः स्वतंत्र होना और उसे बनाए रखना बहुत जरूरी है, भले ही यह कठिन क्यों न हो।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
कठपुतलियाँ किसका प्रतीक हैं?
कवि के कंठ से निकले गीत का क्या प्रभाव पड़ेगा?
चुरुंगुन अपने 'उड़ने' के बारे में बार-बार अपनी माँ से क्यों पूछता है?
सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो
बरसने लगा ________ यह पानी।
किन पंक्तियों से पता चलता है कि कविता में माँ-बेटी या माँ-बेटे के बीच बातचीत हो रही है?
लड़की बिजली के घर क्यों जाना चाहती है?
नीचे लिखी पंक्ति को पढ़कर उत्तर दो।
"रोज त्योहार मनाएँगे।"
तुम्हारे विचार से क्या रोज़ त्योहार मनाना उचित है? क्यों?
'सुख-स्वप्नों के स्वर गूँजेंगे।'
इसमें 'स' अक्षर बार-बार आया है।
तुम भी नीचे लिखे वर्णों से वाक्य बनाओ। ध्यान रखो कि उस वर्ण से शुरू होने वाले तीन शब्द तुम्हारे वाक्य में हों।
(क) क __________________
(ख) त __________________
(ग) द __________________
नीचे लिखे शब्दों को तुम्हारे घर की भाषा में क्या कहते हैं?
|
क |
देश______ |
घ |
जनता______ |
|
ख |
धरती______ |
ङ |
त्योहार______ |
|
ग |
दूध______ |
च |
इंसान______ |
बहुत से लोग पक्षी पालते हैं-
पक्षियों को पालना उचित है अथवा नहीं? अपने विचार लिखिए।
पक्षियों को पिंजरे में बंद करने से केवल उनकी आज़ादी का हनन ही नहीं होता, अपितु पर्यावरण भी प्रभावित होता है। इस विषय पर दस पंक्तियों में अपने विचार लिखिए।
इस कविता को चित्रित करने के लिए किन-किन रंगों का प्रयोग करना होगा?
रहीम ने क्वार के मास में गरजने वाले बादलों की तुलना ऐसे निर्धन व्यक्तियों से क्यों की है जो पहले कभी धनी थे और बीती बातों को बताकर दूसरों को प्रभावित करना चाहते हैं? दोहे के आधार पर आप सावन के बरसने और गरजने वाले बादलों के विषय में क्या कहना चाहेंगे?
बहुविकल्पी प्रश्न
पेड़ अपना फल स्वयं क्यों नहीं खाते हैं।
कविता के मूलभाव को ध्यान में रखते हुए बताइए कि इसका शीर्षक ‘विप्लव-गायन’ क्यों रखा गया होगा?
पाठ के आधार पर सावन की विशेषताएँ लिखिए।
मीरा ने सावन का वर्णन किस प्रकार किया है?
नमूने के अनुसार लिखो:
| नमूना → |
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात।
|
| चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे। |
खाने-गाने के सब साथी,
देख रहे हैं मेरी बाट।
