हिंदी

दूर फैला अंधकार कैसा दिख रहा है?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

दूर फैला अंधकार कैसा दिख रहा है?

एक पंक्ति में उत्तर
Advertisements

उत्तर

दूर फैला अंधकार झुंड में बैठी भेड़ों जैसा दिख रहा है।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 7)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 8: शाम - एक किसान - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 2 Class 7
अध्याय 8 शाम - एक किसान
अतिरिक्त प्रश्न | Q 13

संबंधित प्रश्न

चुरुंगुन अभी-अभी अपने घोंसले से निकला है। फिर भी वह पूरी दुनिया के बारे में जानना चाहता है। तुम किन चीज़ों के बारे में जानना चाहते हो?


बिजली के बच्चों के वार खाली क्यों जा रहे हैं?


जब बच्ची अपनी माँ से सब बातें कर रही थी, उस समय का आसमान और मौसम कैसा रहा होगा? अपनी कल्पना से बताओ। (संकेत- धूप, सूरज, बादल, धरती, बिजली, लोगों की परेशानियाँ आदि)


नीचे लिखे शब्दों को तुम्हारे घर की भाषा में क्या कहते हैं?

देश______

जनता______

धरती______

त्योहार______

दूध______

इंसान______


बहुत से लोग पक्षी पालते हैं-

पक्षियों को पालना उचित है अथवा नहीं? अपने विचार लिखिए।


पक्षियों को पिंजरे में बंद करने से केवल उनकी आज़ादी का हनन ही नहीं होता, अपितु पर्यावरण भी प्रभावित होता है। इस विषय पर दस पंक्तियों में अपने विचार लिखिए।


क्या आपको लगता है कि मानव की वर्तमान जीवन-शैली और शहरीकरण से जुड़ी योजनाएँ पक्षियों के लिए घातक हैं? पक्षियों से रहित वातावरण में अनेक समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए? उक्त विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन कीजिए।


कठपुतली को अपने पाँवों पर खड़ी होने की इच्छा है, लेकिन वह क्यों नहीं खड़ी होती?


'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-

(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।

(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।

(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।

(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।


बहुविकल्पी प्रश्न

सूरज डूबते ही क्या हुआ?


रहीम ने क्वार मास के बादलों को कैसा बताया है?


हमें वृक्ष और सरोवर से क्या शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए?


इस कविता को कवि ने ‘मैं’ से आरंभ किया है- ‘मैं घमंडों में भरा ऐंठा हुआ’। कवि का यह ‘मैं’ कविता पढ़ने वाले व्यक्ति से भी जुड़ सकता है और तब अनुभव यह होगा कि कविता पढ़ने वाला व्यक्ति अपनी बात बता रहा है। यदि कविता में ‘मैं’ की जगह ‘वह’ या कोई नाम लिख दिया जाए, तब कविता के वाक्यों में बदलाव की जाएगा। कविता में ‘मैं’ के स्थान पर ‘वह’ या कोई नाम लिखकर वाक्यों के बदलाव को देखिए और कक्षा में पढ़कर सुनाइए।


किसी ढब से निकलना’ का अर्थ है किसी ढंग से निकलना। ‘ढब से’ जैसे कई वाक्यांशों से आप परिचित होंगे, जैसे-धम से वाक्यांश है लेकिन ध्वनियों में समानता होने के बाद भी ढब से और धर्म से जैसे वाक्यांशों के प्रयोग में अंतर है। ‘धम से’, ‘छप से’ इत्यादि का प्रयोग ध्वनि द्वारा क्रिया को सूचित करने के लिए किया जाता है। नीचे कुछ ध्वनि द्वारा क्रियों को सूचित करने वाले वाक्यांश और कुछ अधूरे वाक्य दिए गए हैं। उचित वाक्यांश चुनकर वाक्यों के खाली स्थान भरिए-
छप से
टप से
थर्र से
फुर्र से
सन् से।
(क)मेंढक पानी में _________ कूद गया।
(ख)नल बंद होने के बाद पानी की एक बूंद _________ च गई।
(ग)शोर होते ही चिड़िया __________ उड़ी।
(घ) ठंडी हवा__________गुजरी, मैं ठंड में _________ काँप गया।


बहुविकल्पी प्रश्न
आँख में तिनका जाने पर क्या हुआ?


'बंसीवारे ललना', 'मोरे प्यारे','लाल जी', कहते हुए यशोदा किसे जगाने का प्रयास करती हैं और वे कौन-कौन सी बातें कहती हैं


मीरा बाई ने सुबह का चित्र खींचा है। अपनी कल्पना और अनुमान से लिखिए कि नीचे दिए गए स्थानों की सुबह कैसी होती है
(क) गाँव, गली या मुहल्ले में,
(ख) रेलवे प्लेटफ़ॉर्म पर
(ग) नदी या समुद्र के किनारे
(घ) पहाड़ों पर।


बहुविकल्पी प्रश्न

‘भोर और बरखा’ कविता की रचयिता हैं?


बहुविकल्पी प्रश्न

दही कौन बिलो रही है?


नमूने के अनुसार लिखो:

नमूना →
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात। 
  चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे।

डाली से डाली पर पहुँचा,
देखी कलियाँ देखे फूल।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×