Advertisements
Advertisements
प्रश्न
मीरा बाई ने सुबह का चित्र खींचा है। अपनी कल्पना और अनुमान से लिखिए कि नीचे दिए गए स्थानों की सुबह कैसी होती है
(क) गाँव, गली या मुहल्ले में,
(ख) रेलवे प्लेटफ़ॉर्म पर
(ग) नदी या समुद्र के किनारे
(घ) पहाड़ों पर।
Advertisements
उत्तर
- गाँव, गली या मुहल्ले में कुछ लोग सुबह-सुबह मंदिर जाने वाले, कुछ सैर करने वाले, कई-कई नौकरी पर जाने वाले, कुछ घरों के आगे की सफ़ाई करते हुए व कुछ दूध के नाश्ते का सामान लेने के लिए जाते हुए दिखाई देते हैं।
- कुछ लोग ‘यात्री आराम गृह’ से निकलते हुए, कुछ नाश्ता करते और चाय-दूध पीते हुए, कुछ तैयार होकर घरों से गाड़ियाँ पकड़ने हेतु आते हुए, कुछ टिकट खिड़की पर टिकट लेते हुए, कुछ नींद से भरी आँखों से गाड़ियों से उतरते हुए वे सफ़ाई कर्मचारी सफ़ाई करते हुए दिखाई देते हैं और कई लोग, पत्र-पत्रिकाएँ भी खरीद रहे। होते हैं।
- नदी या समुद्र पर सुबह का वातावरण बहुत शांत होता है। जल बड़ी ही धीमी गति से बहता है। लहरें शांत होती हैं। मन को अत्यधिक शांति प्रदान करने वाला वातावरण होता है।
- पहाड़ों पर सुबह का वातावरण बड़ा ही सुहावना होता है। हल्का-हल्का सूर्य का प्रकाश सुनहरी घटा बिखेरता है। कोहरा छटता प्रतीत होता है। वृक्षों के पत्ते हवा के झोंकों से हल्के-हल्के हिलते प्रतीत होते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
बहुविकल्पी प्रश्न
कवि अपनी कविता के माध्यम से आह्वान कर रहा है
पहली कठपुतली की बात दूसरी कठपुतलियों को क्यों अच्छी लगी?
| नमूना → |
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात।
|
| चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे। |
उस तरु से इस तरु पर आता,
जाता हूँ धरती की ओर।
चुरुंगुन अभी-अभी अपने घोंसले से निकला है। फिर भी वह पूरी दुनिया के बारे में जानना चाहता है। तुम किन चीज़ों के बारे में जानना चाहते हो?
जंगल, पेड़-पौधों और प्रकृति से संबंधित कुछ कविताओं के बारे में जानकारी प्राप्त करो। "जंगल" शीर्षक से दी गई कविता को पढ़ो और अपने दोस्तों को सुनाओ।
कविता में कवि बार-बार मान मिलने की बात करता है। मान मिलने से हमारे-तुम्हारे जीवन में क्या बदलाव आएगा?
रिक्त स्थान पूरे करो।
| नमूना → |
वह मोर सा नाचता है। |
लक्की ________की तरह गरजता है।
सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो
सूरज ने ___________ बंद कर दिया अपने घर का दरवाज़ा।
सूरज को उसकी माँ ने क्यों बुला लिया?
नीचे लिखी पंक्ति को पढ़कर उत्तर दो।
"नया संसार बसाएँगे, नया इंसान बनाएँगे।"
तुम्हारे विचार से नया संसार बसाने और नया इंसान बनाने की ज़रूरत है या नहीं? कारण भी बताओ।
'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-
(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।
(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।
(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।
(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।
हिंदी के एक प्रसिद्ध कवि सुमित्रानंदन पंत ने संध्या का वर्णन इस प्रकार किया है-
संध्या का झुटपुट-
बाँसों का झुरमुट-
है चहक रहीं चिड़ियाँ
टी-वी-टी--टुट्-टुट्
• ऊपर दी गई कविता और सर्वेश्वरदयाल जी की कविता में आपको क्या मुख्य अंतर लगा? लिखिए।
नीचे लिखी पंक्तियों में रेखांकित शब्दों को ध्यान से देखिए-
(क) घुटनों पर पड़ी है नदी चादर-सी
(ख) सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्ले-सा
(ग) पानी का परदा-सामेरे आसपास था हिल रहा
(घ) मँडराता रहता था एक मरियल-सा कुत्ता आसपास
(ङ) दिल है छोटा-सा छोटी-सी आशा
(च) घास पर फुदकती नन्ही-सी चिड़िया
• इन पंक्तियो में सा/सी का प्रयोग व्याकरण की दृष्टि से कैसे शब्दों के साथ हो रहा है?
बहुविकल्पी प्रश्न
कौन-सी अँगीठी दहक रही है?
बहुविकल्पी प्रश्न
तिनका कहाँ से उड़कर आया था?
बहुविकल्पी प्रश्न
कवि पर किसने व्यंग्य किया?
घमंड करने को मनुष्य के विकास का बाधक समझा जाता है। क्या आपमें घमंड करने की प्रवृत्ति है?
मीरा ने सावन का वर्णन किस प्रकार किया है?
