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बहुविकल्पी प्रश्न “संपति सगे’ में किस अलंकार का प्रयोग हुआ है?

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प्रश्न

बहुविकल्पी प्रश्न

“संपति सगे’ में किस अलंकार का प्रयोग हुआ है?

विकल्प

  • श्लेष

  • अनुप्रास

  • पुनरुक्ति

  • यमक

MCQ
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उत्तर

अनुप्रास

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 7)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 11: रहीम के दोहे - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 2 Class 7
अध्याय 11 रहीम के दोहे
अतिरिक्त प्रश्न | Q 2

संबंधित प्रश्न

कवि विप्लव गान क्यों गाना चाहता है?


नीचे एक लकड़हारे और एक बच्ची की बातचीत दी गई है। इसे अपनी समझ से पूरा करो।

बच्चा- ओ भैया! आप इस पेड़ को क्यों काट रहे हो?
लकड़हारा- यह तो मेरा काम है।
बच्ची – पर यह तो गलत है।
लकड़हारा- यह कैसे गलत है? इसी से तो मेरे परिवार का भरण-पोषण होता है।

बच्ची __________________________________________

लकड़हारा _____________________________________

_______________________________________________


रिक्त स्थान पूरे करो।

नमूना →

वह मोर सा नाचता है।

लक्की ________की तरह गरजता है।


रिक्त स्थान पूरे करो।

नमूना →  वह मोर सा नाचता है।

सलमा ________ की तरह दौड़ती है।


नीचे लिखी पंक्ति को पढ़कर उत्तर दो।

"रोज त्योहार मनाएँगे।"

तुम्हारे विचार से क्या रोज़ त्योहार मनाना उचित है? क्यों?


'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-

(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।

(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।

(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।

(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।


नीचे लिखी पंक्तियों में रेखांकित शब्दों को ध्यान से देखिए-

(क) घुटनों पर पड़ी है नदी चादर-सी

(ख) सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्ले-सा

(ग) पानी का परदा-सामेरे आसपास था हिल रहा

(घ) मँडराता रहता था एक मरियल-सा कुत्ता आसपास

(ङ) दिल है छोटा-सा छोटी-सी आशा

(च) घास पर फुदकती नन्ही-सी चिड़िया

• इन पंक्तियो में सा/सी का प्रयोग व्याकरण की दृष्टि से कैसे शब्दों के साथ हो रहा है?


रहीम ने क्वार के मास में गरजने वाले बादलों की तुलना ऐसे निर्धन व्यक्तियों से क्यों की है जो पहले कभी धनी थे और बीती बातों को बताकर दूसरों को प्रभावित करना चाहते हैं? दोहे के आधार पर आप सावन के बरसने और गरजने वाले बादलों के विषय में क्या कहना चाहेंगे?


निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित-हिंदी रूप लिखिए-

जैसे-परे-पड़े (रे, ड़े)

बिपति बादर
मछरी सीत

बहुविकल्पी प्रश्न

पेड़ अपना फल स्वयं क्यों नहीं खाते हैं।


नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए-
ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी,
तब ‘समझ’ ने यों मुझे ताने दिए।
• इन पंक्तियों में ऐंठ’ और ‘समझ’ शब्दों का प्रयोग सजीव प्राणी की भाँति हुआ है। कल्पना कीजिए, यदि ‘ऐंठ’ और ‘समझ’ किसी नाटक में दो पात्र होते तो उनको अभिनय कैसा होता?


'कण-कण में है व्याप्त वही स्वर ______ कालकूट फणि की चिंतामणि'

(क) 'वही स्वर','वह ध्वनि' एवं 'वही तान' आदि वाक्यांश किसके लिए/ किस भाव के लिए प्रयुक्त हुए हैं?

(ख) वही स्वर, वह ध्वनि एवं वही तान से संबंधित भाव का 'रूद्ध-गीत की क्रुद्ध तान है/ निकली मेरी अंतरतर से' - पंक्तियों से क्या कोई संबंध बनता है?


इस कविता से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?


कृष्ण को ‘गउवन के रखवारे’ कहा गया है जिसका अर्थ है गौओं का पालन करनेवाले। इसके लिए एक शब्द दें।


मीरा को सावन मन भावन क्यों लगने लगा?


नमूने के अनुसार लिखो:

नमूना →
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात। 
  चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे।

डाली से डाली पर पहुँचा,
देखी कलियाँ देखे फूल।


बार-बार बोलो और नीचे दिए गए शब्द से वाक्य बनाओ।

बात - भात

कविता में कवि की क्या विनती है?


कवि क्यों कह रहा है कि

'आज सभ्यता वहशी बन,

पेड़ों को काट रही है?'

इस पर अपने विचार लिखो।


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