Advertisements
Advertisements
प्रश्न
नीचे एक लकड़हारे और एक बच्ची की बातचीत दी गई है। इसे अपनी समझ से पूरा करो।
| बच्चा- | ओ भैया! आप इस पेड़ को क्यों काट रहे हो? |
| लकड़हारा- | यह तो मेरा काम है। |
| बच्ची – | पर यह तो गलत है। |
| लकड़हारा- | यह कैसे गलत है? इसी से तो मेरे परिवार का भरण-पोषण होता है। |
बच्ची __________________________________________
लकड़हारा _____________________________________
_______________________________________________
Advertisements
उत्तर
| बच्चा- | ओ भैया! आप इस पेड़ को क्यों काट रहे हो? |
| लकड़हारा- | यह तो मेरा काम है। |
| बच्ची – | पर यह तो गलत है। |
| लकड़हारा- | यह कैसे गलत है? इसी से तो मेरे परिवार का भरण-पोषण होता है। |
| बच्ची- |
काका इसके स्थान पर और भी तो काम कर सकते हो। आप नहीं जानते आपके इस व्यवसाय के कारण पृथ्वी तथा पूरी मानव जाति को कितने नुकसान उठाने पड़ रहे हैं। |
| लकड़हारा- |
मैं समझा नहीं कि मेरे पेड़ काटने से किसे नुकसान पहुँच रहा है। |
| बच्ची- |
देखिए काका जब आप पेड़ काटते हैं, तो हमारे वातावरण और पृथ्वी को बहुत नुकसान होता है। पेड़ काटने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति समाप्त हो जाती है। पेड़ मिट्टी को बांधे रखते हैं। इसलिए पानी के बहाव में मिट्टी का नुकसान नहीं होता है। लेकिन यदि पेड़ ही काट दिए जाएं, तो बाढ़ आने पर मिट्टी बह जाती है। इससे खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी नहीं मिलती। पेड़ हवा को शुद्ध करते हैं। वे कार्बनडाइ ऑक्साइड लेकर जीवनदायनी ऑक्सीजन देते हैं तथा प्रकृति के संतुलन को बनाकर रखते हैं। पेड़ों के समाप्त होने से एक दिन हम भी समाप्त हो जाएँगे। |
| लकड़हारा- |
(हैरानी से) हमें तो इस बारे मैं कुछ जानकारी नहीं थी। बिटिया अब मैं पेड़ नहीं काटूँगा और जो पेड़ काटे हैं, उनके स्थान पर नए पेड़ लाऊँगा। मैं आज ही प्रण लेता हूँ कि पेड़ों की रक्षा के लिए सदैव सजग रहूँगा। |
| बच्ची- |
(प्रसन्नतापूर्वक)- धन्यवाद काका! यदि सभी आपके जैसे सोचने लग जाए, तो हमारी पृथ्वी सदैव हरियाली से भरी रहेगी और इसके साथ ही मानव सभ्यता भी फलेगी। |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
कठपुतली कविता के रचयिता हैं
कठपुतलियाँ किसका प्रतीक हैं?
कवि अन्य कवियों से क्या आह्वान करता है?
| नमूना → |
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात।
|
| चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे। |
उस तरु से इस तरु पर आता,
जाता हूँ धरती की ओर।
तुम पेड़ों को बचाने के लिए क्या कुछ कर सकते हो? बताओ।
सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो
सूरज ने ___________ बंद कर दिया अपने घर का दरवाज़ा।
इस पंक्ति से बारिश के बारे में क्या पता चलता है?
| नमूना → | सूरज की माँ ने उसको बुला लिया। |
|
ऐसा लगता है कि आसमान में सूरज नज़र नहीं आ रहा होगा। |
आँगन में तलवार चल रही है।
हिंदी के एक प्रसिद्ध कवि सुमित्रानंदन पंत ने संध्या का वर्णन इस प्रकार किया है-
संध्या का झुटपुट-
बाँसों का झुरमुट-
है चहक रहीं चिड़ियाँ
टी-वी-टी--टुट्-टुट्
• ऊपर दी गई कविता और सर्वेश्वरदयाल जी की कविता में आपको क्या मुख्य अंतर लगा? लिखिए।
बहुविकल्पी प्रश्न
कौन-सी अँगीठी दहक रही है?
बहुविकल्पी प्रश्न
क्या जल मछली से प्रेम करता है?
रहीम के दोहों से हमें क्या सीख मिलती है?
एक तिनका' कविता में घमंडी को उसकी 'समझ' ने चेतावनी दी-
ऐंठता तू किसलिए इतना रहा,
एक तिनका है बहुत तेरे लिए।इसी प्रकार की चेतावनी कबीर ने भी दी है-तिनका कबहूँ न निंदिए, पाँव तले जो होय|कबहूँ उड़ि आँखिन परै, पीर घनेरी होय||
• इन दोनों में क्या समानता है और क्या अंतर? लिखिए।
नीचे दी गई कबीर की पंक्तियों में तिनका शब्द का प्रयोग एक से अधिक बार किया गया है। इनके अलग-अलग अर्थों की जानकारी प्राप्त करें।
उठा बबूला प्रेम का, तिनका उड़ा अकास।
तिनका-तिनका हो गया, तिनका तिनके पास॥
बहुविकल्पी प्रश्न
कवि पर किसने व्यंग्य किया?
नीचे दी गई पंक्ति का आशय अपने शब्दों में लिखिए-
‘माखन-रोटी हाथ मँह लीनी, गउवन के रखवारे।’
कृष्ण को ‘गिरधर’ क्यों कहा जाता है? इसके पीछे कौन सी कथा है? पता कीजिए और कक्षा में बताइए।
मीरा ने सावन का वर्णन किस प्रकार किया है?
नमूने के अनुसार लिखो:
| नमूना → |
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात।
|
| चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे। |
कच्चे-पक्के फल पहचाने,
खाए और गिराए काट।
बार-बार बोलो और नीचे दिए गए शब्द से वाक्य बनाओ।
कवि क्यों कह रहा है कि
'आज सभ्यता वहशी बन,
पेड़ों को काट रही है?'
इस पर अपने विचार लिखो।
