हिंदी

सज्जन और विद्वान के संपत्ति संचय का क्या उद्देश्य होता है?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

सज्जन और विद्वान के संपत्ति संचय का क्या उद्देश्य होता है?

एक पंक्ति में उत्तर
Advertisements

उत्तर

सज्जन और विद्वान संपत्ति का अर्जन दूसरों की भलाई के लिए करते हैं। उनका धन हमेशा दूसरों की भलाई में खर्च होता है।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 7)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 11: रहीम के दोहे - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 2 Class 7
अध्याय 11 रहीम के दोहे
अतिरिक्त प्रश्न | Q 10

संबंधित प्रश्न

बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर

कठपुतली कविता के रचयिता हैं


बहुविकल्पी प्रश्न

यह गीत कैसा गीत है?


नमूने के अनुसार लिखो:
नमूना →
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात। 
  चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे।

उस तरु से इस तरु पर आता,
जाता हूँ धरती की ओर।


उड़ने के बाद चुरुंगुन कहाँ-कहाँ गया होगा? उसने क्या-क्या देख होगा? अपने शब्दों में लिखो।


कविता की इस पंक्ति पर ध्यान दो-

"बच्चे और पेड़ दुनिया को हरा-भरा रखते हैं।"

अब तुम यह बताओ कि पेड़ों और बच्चों में क्या कुछ समानता है? उसे अपने ढंग से लिखो।


अपनी सूची में से किसी एक के बारे में बताओ कि उसे मान-सम्मान कैसे मिल सकता है?


किन पंक्तियों से पता चलता है कि कविता में माँ-बेटी या माँ-बेटे के बीच बातचीत हो रही है?


बिजली के घर में तलवार चलाना कौन सीख रहा है?


जब बच्ची अपनी माँ से सब बातें कर रही थी, उस समय का आसमान और मौसम कैसा रहा होगा? अपनी कल्पना से बताओ। (संकेत- धूप, सूरज, बादल, धरती, बिजली, लोगों की परेशानियाँ आदि)


'सुख-स्वप्नों के स्वर गूँजेंगे।'

इसमें 'स' अक्षर बार-बार आया है।

तुम भी नीचे लिखे वर्णों से वाक्य बनाओ। ध्यान रखो कि उस वर्ण से शुरू होने वाले तीन शब्द तुम्हारे वाक्य में हों।

(क) क __________________

(ख) त __________________

(ग) द __________________


बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।

नया इंसान बनाना


'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-

(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।

(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।

(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।

(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।


कौन किस रूप में बैठा है?


नीचे दिए गए दोहों में बताई गई सच्चाइयों को यदि हम अपने जीवन में उतार लें तो उनके क्या लाभ होंगे? सोचिए और लिखिए-

(क) तरुवर फल ____________ सचहिं सुजान||

(ख) धरती की-सी ____________ यह देह||


निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित-हिंदी रूप लिखिए-

जैसे-परे-पड़े (रे, ड़े)

बिपति बादर
मछरी सीत

बहुविकल्पी प्रश्न

साँचा मीत किसे कहा गया है?


बहुविकल्पी प्रश्न

सज्जन संपत्ति क्यों जमा करते हैं?


जीवन में मित्रों की अधिकता कब होती है?


यदि आपको अपने छोटे भाई-बहन को जगाना पड़े, तो कैसे जगाएँगे?


मीरा को सावन मन भावन क्यों लगने लगा?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×