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प्रश्न
नीचे दिए गए दोहों में बताई गई सच्चाइयों को यदि हम अपने जीवन में उतार लें तो उनके क्या लाभ होंगे? सोचिए और लिखिए-
(क) तरुवर फल ____________ सचहिं सुजान||
(ख) धरती की-सी ____________ यह देह||
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उत्तर
(क) हमारे मन में परोपकार की भावना का उदय होगा और हमारे मन से लोभ तथा मोह नष्ट हो जाएगा। लोगों में कटुता, द्वेष तथा विषमता कम होगी और सदभाव बढ़ेगा।
(ख) हमारा शरीर तथा मन सहनशील होगा और हम आने वाले कष्ट के लिए हमेशा तैयार रहेंगे, हमें दुख की अनुभूति कम होगी।
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बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
कठपुतली के मन में कौन-सी इच्छा जागी?
‘कठपुतली’ कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है?
| नमूना → |
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात।
|
| चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे। |
उस तरु से इस तरु पर आता,
जाता हूँ धरती की ओर।
वचन बदलो
|
एकवचन |
बहुवचन |
| घोंसला | घोंसले, घोंसलो |
| डाल | |
| बात | |
| कली | |
| फूल | |
| फल | |
| साथी | |
| तरु | |
| दाना | |
| डैना |
तुम पेड़ों को बचाने के लिए क्या कुछ कर सकते हो? बताओ।
हमारे देश में पुराने समय से ही पेड़-पौधों को लगाने और उन्हें कटने से बचाने की परंपरा रही है। कई बार लोगों ने मिलकर पेड़ों को बचाने के लिए आंदोलन भी किया। ऐसे ही किसी आंदोलन के बारे में जानकारी इकट्ठी करके कॉपी में लिखो। इसके लिए तुम्हें पुस्तकालय, समाचार-पत्रों, शिक्षिका या माता-पिता और इंटरनेट से भी सहायता मिल सकती है।
तुम्हें अपने आस-पास यदि लगे कि किसी को सचमुच में आज भी मान-सम्मान नहीं मिला है ओर उसको तुम मान-सम्मान दिलाना चाहते हो तो उनके नामों की सूची बनाओ।
कुछ ऐसे देशभक्तों के नाम-पता करके लिखो जो बचपन से ही आज़ादी की लड़ाई में कूद पड़े थे।
'हम नया भूगोल बनाएँगे।'
ऊपर लिखी पंक्ति में 'भूगोल' शब्द की जगह और कौन-कौन से शब्द आ सकते हैं?
नीचे दिए गए बॉक्स में से छाँटो और कुछ शब्द स्वयं सोचकर लिखो।
| संसार | कल्पना | इंसान | पौधा | चेतना | जमाना | दुनिया | इतिहास |
बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।
जनता को एक करना
बहुविकल्पी प्रश्न
रहीम के दोहे’ का मुख्य अभिप्राय है
‘जल को मछलियों से कोई प्रेम नहीं होता’ इसका क्या प्रमाण है?
रहीम ने क्वार मास के बादलों को कैसा बताया है?
इस कविता को कवि ने ‘मैं’ से आरंभ किया है- ‘मैं घमंडों में भरा ऐंठा हुआ’। कवि का यह ‘मैं’ कविता पढ़ने वाले व्यक्ति से भी जुड़ सकता है और तब अनुभव यह होगा कि कविता पढ़ने वाला व्यक्ति अपनी बात बता रहा है। यदि कविता में ‘मैं’ की जगह ‘वह’ या कोई नाम लिख दिया जाए, तब कविता के वाक्यों में बदलाव की जाएगा। कविता में ‘मैं’ के स्थान पर ‘वह’ या कोई नाम लिखकर वाक्यों के बदलाव को देखिए और कक्षा में पढ़कर सुनाइए।
कविता के मूलभाव को ध्यान में रखते हुए बताइए कि इसका शीर्षक ‘विप्लव-गायन’ क्यों रखा गया होगा?
तिनके से कवि की क्या हालत हो गई?
नमूने के अनुसार लिखो:
| नमूना → |
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात।
|
| चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे। |
कच्चे-पक्के फल पहचाने,
खाए और गिराए काट।
