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प्रश्न
सुबह जगने के समय आपको क्या अच्छा लगता है?
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उत्तर
सुबह जगने के समय मुझे अच्छा लगता है कि मेरी माँ मेरे सामने हो।
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बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
कठपुतली कविता के रचयिता हैं
इसी जन्म में, इस जीवन में,
हमको तुमको मान मिलेगा।
इसमें किसे मान मिलने की बात कही गई है?
अपनी सूची में से किसी एक के बारे में बताओ कि उसे मान-सम्मान कैसे मिल सकता है?
रिक्त स्थान भरो
न, मत और नहीं का इस्तेमाल किसी काम के मनाही के लिए किया गया है। तुम नीचे लिखे वाक्यों में 'न', 'मत', 'मना' और 'नहीं' भरो।
(क) तुम वहाँ __________जाओ।
(ख) परीक्षा में _______ जो रामू फेल हुआ ________ही असलम।
(ग) मुझे इस प्रश्न का उत्तर ________ पता।
(घ) माँ ने मुझे छत पर जाने से _______ किया है।
सूरज को उसकी माँ ने क्यों बुला लिया?
बादल काका ज़ोर-ज़ोर से क्यों डाँट रहे हैं?
क्या आपको लगता है कि मानव की वर्तमान जीवन-शैली और शहरीकरण से जुड़ी योजनाएँ पक्षियों के लिए घातक हैं? पक्षियों से रहित वातावरण में अनेक समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए? उक्त विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन कीजिए।
कठपुतली को गुस्सा क्यों आया?
कठपुतली को अपने पाँवों पर खड़ी होने की इच्छा है, लेकिन वह क्यों नहीं खड़ी होती?
पहली कठपुतली की बात दूसरी कठपुतलियों को क्यों अच्छी लगी?
नीचे दो स्वतंत्रता आंदोलनों के वर्ष दिए गए हैं। इन दोनों आंदोलनों के दो-दो स्वतंत्रता सेनानियों के नाम लिखिए-
(क) सन् 1857 ______ ______
(ख) सन् 1942 ______ ______
'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-
(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।
(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।
(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।
(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।
शाम का दृश्य अपने घर की छत या खिड़की से देखकर बताइए-
(क) शाम कब से शुरू हुई?
(ख) तब से लेकर सूरज डूबने में कितना समय लगा?
(ग) इस बीच आसमान में क्या-क्या परिवर्तन आए?
इस कविता को चित्रित करने के लिए किन-किन रंगों का प्रयोग करना होगा?
इस कविता में किस वातावरण का चित्रण है?
आँख में तिनका पड़ने के बाद घमंडी की क्या दशा हुई?
इस कविता को कवि ने ‘मैं’ से आरंभ किया है- ‘मैं घमंडों में भरा ऐंठा हुआ’। कवि का यह ‘मैं’ कविता पढ़ने वाले व्यक्ति से भी जुड़ सकता है और तब अनुभव यह होगा कि कविता पढ़ने वाला व्यक्ति अपनी बात बता रहा है। यदि कविता में ‘मैं’ की जगह ‘वह’ या कोई नाम लिख दिया जाए, तब कविता के वाक्यों में बदलाव की जाएगा। कविता में ‘मैं’ के स्थान पर ‘वह’ या कोई नाम लिखकर वाक्यों के बदलाव को देखिए और कक्षा में पढ़कर सुनाइए।
सावन वर्षा ऋतु का महीना है, वर्षा ऋतु से संबंधित दो अन्य महीनों के नाम लिखिए।
गोपियाँ दही क्यों बिलो रही थीं।
बार-बार बोलो और नीचे दिए गए शब्द से वाक्य बनाओ।
