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कवि छत की मुंडेर पर किस भाव में खड़ा था?

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प्रश्न

कवि छत की मुंडेर पर किस भाव में खड़ा था?

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

कवि छत की मुंडेर पर घमंड से भरे हुए भाव में खड़ा था।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 7)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 13: एक तिनका - अतिरिक्त प्रश्न

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एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 2 Class 7
अध्याय 13 एक तिनका
अतिरिक्त प्रश्न | Q 5

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नमूने के अनुसार लिखो:
नमूना →
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात। 
  चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे।

उस तरु से इस तरु पर आता,
जाता हूँ धरती की ओर।


कविता की इस पंक्ति पर ध्यान दो-

"बच्चे और पेड़ दुनिया को हरा-भरा रखते हैं।"

अब तुम यह बताओ कि पेड़ों और बच्चों में क्या कुछ समानता है? उसे अपने ढंग से लिखो।


रिक्त स्थान पूरे करो।

नमूना →

वह मोर सा नाचता है।

लक्की ________की तरह गरजता है।


रिक्त स्थान पूरे करो।

नमूना →

वह मोर सा नाचता है।

मनीष के कान ______की तरह तेज़ है।


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कविता की भाषा में लय या तालमेल बनाने के लिए प्रचलित शब्दों और वाक्यों में बदलाव होता है। जैसे-आगे-पीछे अधिक प्रचलित शब्दों की जोड़ी है, लेकिन कविता में 'पीछे-आगे' का प्रयोग हुआ है। यहाँ 'आगे' का '...बोली ये धागे' से ध्वनि का तालमेल है। इस प्रकार के शब्दों की जोड़ियों में आप भी परिवर्तन कीजिए-दुबला-पतला, इधर-उधर, ऊपर-नीचे, दाएँ-बाएँ, गोरा-काला, लाल-पीला आदि।


'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-

(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।

(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।

(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।

(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।


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नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। कविता की अगली पंक्ति स्वयं बनाओ। ध्यान रखो, कविता में से देखकर नहीं लिखना।

नमूना →  ज़ोर - ज़ोर से गरज रहे है।
  तड़ तड़ तड़ तड़ बरस रहे है।

तब माँ कोई कर न सकेगा


नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। बताओ, इस पंक्ति का क्या अर्थ हो सकता है?

क्लेश जहाँ है, फूल खिलेगा।


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