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Question
बहुविकल्पी प्रश्न
‘भोर और बरखा’ कविता की रचयिता हैं?
Options
सुभद्रा कुमारी चौहान
मीरा बाई
महादेवी वर्मा
विनीता पाण्डेय
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Solution
मीरा बाई
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RELATED QUESTIONS
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
कठपुतली कविता के रचयिता हैं
कठपुतली को गुस्सा क्यों आता है?
कवि अन्य कवियों से क्या आह्वान करता है?
तुम पेड़ों को बचाने के लिए क्या कुछ कर सकते हो? बताओ।
कविता में कवि बार-बार मान मिलने की बात करता है। मान मिलने से हमारे-तुम्हारे जीवन में क्या बदलाव आएगा?
अपनी सूची में से किसी एक के बारे में बताओ कि उसे मान-सम्मान कैसे मिल सकता है?
रिक्त स्थान भरो
न, मत और नहीं का इस्तेमाल किसी काम के मनाही के लिए किया गया है। तुम नीचे लिखे वाक्यों में 'न', 'मत', 'मना' और 'नहीं' भरो।
(क) तुम वहाँ __________जाओ।
(ख) परीक्षा में _______ जो रामू फेल हुआ ________ही असलम।
(ग) मुझे इस प्रश्न का उत्तर ________ पता।
(घ) माँ ने मुझे छत पर जाने से _______ किया है।
नीचे लिखी पंक्ति को पढ़कर उत्तर दो।
कवि 'हम धरती के लाल' ही क्यों कहना चाहते हैं?
बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।
नया भूगोल बनाना
बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।
नया इंसान बनाना
बहुत से लोग पक्षी पालते हैं-
पक्षियों को पालना उचित है अथवा नहीं? अपने विचार लिखिए।
स्वर्ण-श्रृंखला और लाल किरण - सी में रेखांकित शब्द गुणवाचक विशेषण हैं। कविता से ढूँढ़कर इस प्रकार के तीन और उदाहरण लिखिए।
कई बार जब दो शब्द आपस में जुड़ते हैं तो उनके मूल रूप में परिवर्तन हो जाता है। कठपुतली शब्द में भी इस प्रकार का सामान्य परिवर्तन हुआ है। जब काठ और पुतली दो शब्द एक साथ हुए कठपुतली शब्द बन गया और इससे बोलने में सरलता आ गई। इस प्रकार के कुछ शब्द बनाइए-
जैसे-काठ (कठ) से बना-कठगुलाब, कठफोड़ा
| हाथ-हथ | सोना-सोन | मिट्टी-मट |
हिंदी के एक प्रसिद्ध कवि सुमित्रानंदन पंत ने संध्या का वर्णन इस प्रकार किया है-
संध्या का झुटपुट-
बाँसों का झुरमुट-
है चहक रहीं चिड़ियाँ
टी-वी-टी--टुट्-टुट्
• ऊपर दी गई कविता और सर्वेश्वरदयाल जी की कविता में आपको क्या मुख्य अंतर लगा? लिखिए।
बहुविकल्पी प्रश्न
रहीम के दोहे’ का मुख्य अभिप्राय है
बहुविकल्पी प्रश्न
साँचा मीत किसे कहा गया है?
बहुविकल्पी प्रश्न
जाल पड़ने पर पानी क्यों बह जाता है?
इस कविता को कवि ने ‘मैं’ से आरंभ किया है- ‘मैं घमंडों में भरा ऐंठा हुआ’। कवि का यह ‘मैं’ कविता पढ़ने वाले व्यक्ति से भी जुड़ सकता है और तब अनुभव यह होगा कि कविता पढ़ने वाला व्यक्ति अपनी बात बता रहा है। यदि कविता में ‘मैं’ की जगह ‘वह’ या कोई नाम लिख दिया जाए, तब कविता के वाक्यों में बदलाव की जाएगा। कविता में ‘मैं’ के स्थान पर ‘वह’ या कोई नाम लिखकर वाक्यों के बदलाव को देखिए और कक्षा में पढ़कर सुनाइए।
कवि बाग-बगीचा क्यों लगाना चाहता है?
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। बताओ, इस पंक्ति का क्या अर्थ हो सकता है?
दीप बुझे हैं जिन आँखों के,
उन आँखों को ज्ञान मिलेगा।
