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Question
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
कठपुतलियों को किनसे परेशानी थी?
Options
गुस्से से
पाँवों से
धागों से
उपर्युक्त सभी से
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Solution
धागों से
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
कवि के अनुसार जीवन का रहस्य क्या है?
वचन बदलो
|
एकवचन |
बहुवचन |
| घोंसला | घोंसले, घोंसलो |
| डाल | |
| बात | |
| कली | |
| फूल | |
| फल | |
| साथी | |
| तरु | |
| दाना | |
| डैना |
रिक्त स्थान पूरे करो।
| नमूना → | वह मोर सा नाचता है। |
सलमा ________ की तरह दौड़ती है।
किन पंक्तियों से पता चलता है कि कविता में माँ-बेटी या माँ-बेटे के बीच बातचीत हो रही है?
कविता में आया है कि सूरज की माँ ने उसे घर के भीतर बुला लिया। पता करो कि क्या सूरज की भी माँ होती होगी?
"तब माँ कोई कर न सकेगा
अपने ऊपर अत्याचार।"
कविता की इस पंक्ति में किस अत्याचार की बात की जा रही है? वे किस तरह के अत्याचार करते थे?
बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।
नया इंसान बनाना
हर तरह की सुख सुविधाएँ पाकर भी पक्षी पिंजरे में बंद क्यों नहीं रहना चाहते?
बहुत से लोग पक्षी पालते हैं-
क्या आपने या आपकी जानकारी में किसी ने कभी कोई पक्षी पाला है? उसकी देखरेख किस प्रकार की जाती होगी, लिखिए।
स्वर्ण-श्रृंखला और लाल किरण - सी में रेखांकित शब्द गुणवाचक विशेषण हैं। कविता से ढूँढ़कर इस प्रकार के तीन और उदाहरण लिखिए।
'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-
(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।
(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।
(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।
(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।
इस कविता में शाम के दृश्य को किसान के रूप में दिखाया गया है-यह एकरूपक है। इसे बनाने के लिए पाँच एकरूपताओं की जोड़ी बनाई गई है। उन्हें उपमा कहते हैं। पहली एकरूपता आकाश और साफ़े में दिखाते हुए कविता में 'आकाश का साफ़ा' वाक्यांश आया है। इसी तरह तीसरी एकरूपता नदी और चादर में दिखाई गई है, मानो नदी चादर-सी हो। अब आप दूसरी, चौथी और पाँचवी एकरूपताओं को खोजकर लिखिए।
बहुविकल्पी प्रश्न
भेड़ों के झुंड-सा अंधकार कहाँ बैठा है?
कविता में चित्रित शाम और सूर्यास्त के दृश्य का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
जीवन में मित्रों की अधिकता कब होती है?
आँख में तिनका पड़ने के बाद घमंडी की क्या दशा हुई?
नीचे दी गई पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए-
'सावधान! मेरी वीणा में ______ दोनों मेरी ऐंठी हैं।'
कविता में (, −। आदि) जैसे विराम चिह्नों का उपयोग रुकने, आगे-बढ़ने अथवा किसी खास भाव को अभिव्यक्त करने के लिए किया जाता है। कविता पढ़ने में इन विराम चिह्नों का प्रभावी प्रयोग करते हुए काव्य पाठ कीजिए। गद्य में आमतौर पर है शब्द का प्रयोग वाक्य के अंत में किया जाता है, जैसे - देशराज जाता है अब कविता की निम्न पंक्तियों को देखिए-
'कण-कण में है व्याप्त......वही तान गाती रहती है,'
इन पंक्तियों में है शब्द का प्रयोग अलग-अलग जगहों पर किया गया है। कविता में अगर आपको ऐसे अन्य प्रयोग मिलें तो उन्हें छाँटकर लिखिए।
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। कविता की अगली पंक्ति स्वयं बनाओ। ध्यान रखो, कविता में से देखकर नहीं लिखना।
| नमूना → | ज़ोर - ज़ोर से गरज रहे है। |
| तड़ तड़ तड़ तड़ बरस रहे है। |
तब माँ कोई कर न सकेगा
