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Question
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
कठपुतलियों को किनसे परेशानी थी?
Options
गुस्से से
पाँवों से
धागों से
उपर्युक्त सभी से
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Solution
धागों से
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RELATED QUESTIONS
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
पहली कठपुतली ने दूसरी कठपुतली से क्या कहा?
बहुविकल्पी प्रश्न
कवि की वीणा में कैसी चिनगारियाँ आ बैठी हैं?
कविता की इस पंक्ति पर ध्यान दो-
"बच्चे और पेड़ दुनिया को हरा-भरा रखते हैं।"
अब तुम यह बताओ कि पेड़ों और बच्चों में क्या कुछ समानता है? उसे अपने ढंग से लिखो।
कुछ ऐसे देशभक्तों के नाम पता करके लिखो जो बचपन से ही आज़ादी की लड़ाई में कूद पड़े थे।
नीचे लिखी पंक्ति को पढ़कर उत्तर दो।
कवि 'हम धरती के लाल' ही क्यों कहना चाहते हैं?
तुम भी अपने संसार के बारे में कल्पनाएँ ज़रूर करते होंगे। अपने सपनों की दुनिया के बारे में बताओ।
बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।
समय को रहा दिखाना
बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।
जनता को एक करना
बहुत से लोग पक्षी पालते हैं-
क्या आपने या आपकी जानकारी में किसी ने कभी कोई पक्षी पाला है? उसकी देखरेख किस प्रकार की जाती होगी, लिखिए।
पहली कठपुतली की बात दूसरी कठपुतलियों को क्यों अच्छी लगी?
कई बार जब दो शब्द आपस में जुड़ते हैं तो उनके मूल रूप में परिवर्तन हो जाता है। कठपुतली शब्द में भी इस प्रकार का सामान्य परिवर्तन हुआ है। जब काठ और पुतली दो शब्द एक साथ हुए कठपुतली शब्द बन गया और इससे बोलने में सरलता आ गई। इस प्रकार के कुछ शब्द बनाइए-
जैसे-काठ (कठ) से बना-कठगुलाब, कठफोड़ा
| हाथ-हथ | सोना-सोन | मिट्टी-मट |
नीचे दिए गए दोहों में बताई गई सच्चाइयों को यदि हम अपने जीवन में उतार लें तो उनके क्या लाभ होंगे? सोचिए और लिखिए-
(क) तरुवर फल ____________ सचहिं सुजान||
(ख) धरती की-सी ____________ यह देह||
निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित-हिंदी रूप लिखिए-
जैसे-परे-पड़े (रे, ड़े)
| बिपति | बादर |
| मछरी | सीत |
बहुविकल्पी प्रश्न
पेड़ अपना फल स्वयं क्यों नहीं खाते हैं।
कृष्ण को ‘गउवन के रखवारे’ कहा गया है जिसका अर्थ है गौओं का पालन करनेवाले। इसके लिए एक शब्द दें।
बहुविकल्पी प्रश्न
कृष्ण को जगाने के लिए द्वार पर कौन खड़े हैं?
बहुविकल्पी प्रश्न
किसके आने की आहट सुनकर मीरा प्रसन्न हो गई।
कवि बाग-बगीचा क्यों लगाना चाहता है?
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। कविता की अगली पंक्ति स्वयं बनाओ। ध्यान रखो, कविता में से देखकर नहीं लिखना।
| नमूना → | ज़ोर - ज़ोर से गरज रहे है। |
| तड़ तड़ तड़ तड़ बरस रहे है। |
बिजली के आँगन में अम्माँ
