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बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर कठपुतलियों को किनसे परेशानी थी?

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Question

बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर

कठपुतलियों को किनसे परेशानी थी?

Options

  • गुस्से से

  • पाँवों से

  • धागों से

  • उपर्युक्त सभी से

MCQ
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Solution

धागों से

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 7)
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Chapter 4: कठपुतली - अन्य पाठेतर है हल प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 2 Class 7
Chapter 4 कठपुतली
अन्य पाठेतर है हल प्रश्न | Q 5

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इस पंक्ति से बारिश के बारे में क्या पता चलता है?

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नीचे लिखी पंक्ति को पढ़कर उत्तर दो।

"रोज त्योहार मनाएँगे।"

तुम्हारे विचार से क्या रोज़ त्योहार मनाना उचित है? क्यों?


नीचे लिखे शब्दों को तुम्हारे घर की भाषा में क्या कहते हैं?

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पहली कठपुतली ने स्वयं कहा कि-'ये धागे/क्यों हैं मेरे पीछे-आगे?/इन्हें तोड़ दो;/मुझे मेरे पाँवों पर छोड़ दो।'-तो फिर वह चिंतित क्यों हुई कि-'ये कैसी इच्छा/मेरे मन में जगी?' नीचे दिए वाक्यों की सहायता से अपने विचार व्यक्त कीजिए-

•उसे दूसरी कठपुतलियों की ज़िम्मेदारी महसूस होने लगी।

•उसे शीघ्र स्वतंत्र होने की चिंता होने लगी।

•वह स्वतंत्रता की इच्छा को साकार करने और स्वतंत्रता को हमेशा बनाए रखने के उपाय सोचने लगी।

•वह डर गई, क्योंकि उसकी उम्र कम थी।


'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-

(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।

(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।

(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।

(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।


शाम के बदले यदि आपको एक कविता सुबह के बारे में लिखनी हो तो किन-किन चीजों की मदद लेकर अपनी कल्पना को व्यक्त करेंगे? नीचे दी गई कविता की पंक्तियों के आधार पर सोचिए
पेड़ों के झुनझुने
बजने लगे;
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सूरज की लाल गेंद।
उठ मेरी बेटी, सुबह हो गई।


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बार-बार बोलो और नीचे दिए गए शब्द से वाक्य बनाओ।

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