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प्रश्न
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
कठपुतलियों को किनसे परेशानी थी?
पर्याय
गुस्से से
पाँवों से
धागों से
उपर्युक्त सभी से
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उत्तर
धागों से
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संबंधित प्रश्न
नीचे एक लकड़हारे और एक बच्ची की बातचीत दी गई है। इसे अपनी समझ से पूरा करो।
| बच्चा- | ओ भैया! आप इस पेड़ को क्यों काट रहे हो? |
| लकड़हारा- | यह तो मेरा काम है। |
| बच्ची – | पर यह तो गलत है। |
| लकड़हारा- | यह कैसे गलत है? इसी से तो मेरे परिवार का भरण-पोषण होता है। |
बच्ची __________________________________________
लकड़हारा _____________________________________
_______________________________________________
सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो
________ फोड़ घड़े बादल के की है इतनी शैतानी।
इस पंक्ति से बारिश के बारे में क्या पता चलता है?
| नमूना → | सूरज की माँ ने उसको बुला लिया। |
|
ऐसा लगता है कि आसमान में सूरज नज़र नहीं आ रहा होगा। |
आँगन में तलवार चल रही है।
नीचे लिखी पंक्ति को पढ़कर उत्तर दो।
"नया संसार बसाएँगे, नया इंसान बनाएँगे।"
तुम्हारे विचार से नया संसार बसाने और नया इंसान बनाने की ज़रूरत है या नहीं? कारण भी बताओ।
नीचे लिखी पंक्ति को पढ़कर उत्तर दो।
"सौ सौ स्वर्ग उतर आएँगे, सूरज सोना बरसाएँगे। दूध पूत के लिए बदल देगें तारों की चाल"
क्या ऊपर लिखी बातें संभव हो सकती हैं? कारण भी पता करो?
'हम नया भूगोल बनाएँगे।'
ऊपर लिखी पंक्ति में 'भूगोल' शब्द की जगह और कौन-कौन से शब्द आ सकते हैं?
नीचे दिए गए बॉक्स में से छाँटो और कुछ शब्द स्वयं सोचकर लिखो।
| संसार | कल्पना | इंसान | पौधा | चेतना | जमाना | दुनिया | इतिहास |
बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।
तारों की चाल बदल देना
बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।
नया भूगोल बनाना
हर तरह की सुख सुविधाएँ पाकर भी पक्षी पिंजरे में बंद क्यों नहीं रहना चाहते?
'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-
(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।
(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।
(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।
(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।
बहुविकल्पी प्रश्न
“चिलम आधी होना’ किसका प्रतीक है?
निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित-हिंदी रूप लिखिए-
जैसे-परे-पड़े (रे, ड़े)
| बिपति | बादर |
| मछरी | सीत |
बहुविकल्पी प्रश्न
जाल पड़ने पर पानी क्यों बह जाता है?
नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को सामान्य वाक्य में बदलिए।
जैसे-एक तिनका आँख में मेरी पड़ा-मेरी आँख में एक तिनका पड़ा।
मूँठ देने लोग कपड़े की लगे-लोग कपड़े की मूँठ देने लगे।
(क) एक दिन जब था मुंडेरे पर खड़ा- ____________
(ख) लाल होकर आँख भी दुखने लगी- __________
(ग) ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी- ___________
(घ) जब किसी ढब से निकल तिनका गया- ____________
'कण-कण में है व्याप्त वही स्वर ______ कालकूट फणि की चिंतामणि'
(क) 'वही स्वर','वह ध्वनि' एवं 'वही तान' आदि वाक्यांश किसके लिए/ किस भाव के लिए प्रयुक्त हुए हैं?
(ख) वही स्वर, वह ध्वनि एवं वही तान से संबंधित भाव का 'रूद्ध-गीत की क्रुद्ध तान है/ निकली मेरी अंतरतर से' - पंक्तियों से क्या कोई संबंध बनता है?
निम्न पंक्तियों को ध्यान से देखिए
‘कवि कुछ ऐसी तान सुनाओ ______ एक हिलोर उधर से आए’,
इन पंक्तियों के अंत में आए, जाए जैसे तुक मिलानेवाले शब्दों का प्रयोग किया गया है। इसे तुकबंदी या अंत्यानुप्रास कहते हैं। कविता से तुकबंदी के अन्य शब्दों को छाँटकर लिखिए। छाँटे गए शब्दों से अपनी कविता बनाने की कोशिश कीजिए।
'बंसीवारे ललना', 'मोरे प्यारे','लाल जी', कहते हुए यशोदा किसे जगाने का प्रयास करती हैं और वे कौन-कौन सी बातें कहती हैं
सावन वर्षा ऋतु का महीना है, वर्षा ऋतु से संबंधित दो अन्य महीनों के नाम लिखिए।
मीरा बाई ने सुबह का चित्र खींचा है। अपनी कल्पना और अनुमान से लिखिए कि नीचे दिए गए स्थानों की सुबह कैसी होती है
(क) गाँव, गली या मुहल्ले में,
(ख) रेलवे प्लेटफ़ॉर्म पर
(ग) नदी या समुद्र के किनारे
(घ) पहाड़ों पर।
बार-बार बोलो और नीचे दिए गए शब्द से वाक्य बनाओ।
