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Question
बहुविकल्पी प्रश्न
सूरज डूबते ही क्या हुआ?
Options
तेज़ प्रकाश
चारों ओर अंधकार
शाम हो गई
चारों ओर प्रकाश फैल गई
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Solution
चारों ओर अंधकार
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कवि के अनुसार जीवन का रहस्य क्या है?
| नमूना → |
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात।
|
| चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे। |
उस तरु से इस तरु पर आता,
जाता हूँ धरती की ओर।
नीचे कुछ चीज़ों के नाम लिखें हैं। चुरुंगुन ने पहले किसे देखा? क्रम से लगाओ।
|
फूल, पात, फुनगी, दाल, फल, कलियाँ, धरती, साथी, तरु, दाना, गगन
|
उड़ने के बाद चुरुंगुन कहाँ-कहाँ गया होगा? उसने क्या-क्या देख होगा? अपने शब्दों में लिखो।
रिक्त स्थान पूरे करो।
| नमूना → |
वह मोर सा नाचता है। |
लक्की ________की तरह गरजता है।
रिक्त स्थान पूरे करो।
| नमूना → | वह मोर सा नाचता है। |
मेघाश्री की आवाज़ __________ की तरह मीठी है।
इस पंक्ति से बारिश के बारे में क्या पता चलता है?
| नमूना → | सूरज की माँ ने उसको बुला लिया। |
| ऐसा लगता है कि आसमान में सूरज नज़र नहीं आ रहा होगा। |
काका किसी को ज़ोर-ज़ोर से डाँट रहे हैं।
लड़की बिजली के घर क्यों जाना चाहती है?
बिजली के घर में तलवार चलाना कौन सीख रहा है?
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। कविता की अगली पंक्ति स्वयं बनाओ। ध्यान रखो, कविता में से देखकर नहीं लिखना।
| नमूना → | ज़ोर - ज़ोर से गरज रहे है। |
| तड़ तड़ तड़ तड़ बरस रहे है। |
किसने फोड़ घड़े बादल के
स्वर्ण-श्रृंखला और लाल किरण - सी में रेखांकित शब्द गुणवाचक विशेषण हैं। कविता से ढूँढ़कर इस प्रकार के तीन और उदाहरण लिखिए।
वृक्ष और सरोवर किस प्रकार दूसरों की भलाई करते हैं?
एक तिनका' कविता में घमंडी को उसकी 'समझ' ने चेतावनी दी-
ऐंठता तू किसलिए इतना रहा,
एक तिनका है बहुत तेरे लिए।इसी प्रकार की चेतावनी कबीर ने भी दी है-तिनका कबहूँ न निंदिए, पाँव तले जो होय|कबहूँ उड़ि आँखिन परै, पीर घनेरी होय||
• इन दोनों में क्या समानता है और क्या अंतर? लिखिए।
नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए-
ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी,
तब ‘समझ’ ने यों मुझे ताने दिए।
• इन पंक्तियों में ऐंठ’ और ‘समझ’ शब्दों का प्रयोग सजीव प्राणी की भाँति हुआ है। कल्पना कीजिए, यदि ‘ऐंठ’ और ‘समझ’ किसी नाटक में दो पात्र होते तो उनको अभिनय कैसा होता?
स्वाधीनता संग्राम के दिनों में अनेक कवियों ने स्वाधीनता को मुखर करने वाली ओजपूर्ण कविताएँ लिखीं। माखनलाल चतुर्वेदी, मैथिलीशरण गुप्त और सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की ऐसी कविताओं की चार-चार पंक्तियाँ इकट्ठा कीजिए जिनमें स्वाधीनता के भावे ओज से मुखर हुए हैं।
बहुविकल्पी प्रश्न
कवि पर किसने व्यंग्य किया?
मीरा बाई ने सुबह का चित्र खींचा है। अपनी कल्पना और अनुमान से लिखिए कि नीचे दिए गए स्थानों की सुबह कैसी होती है
(क) गाँव, गली या मुहल्ले में,
(ख) रेलवे प्लेटफ़ॉर्म पर
(ग) नदी या समुद्र के किनारे
(घ) पहाड़ों पर।
बार-बार बोलो और नीचे दिए गए शब्द से वाक्य बनाओ।
डाल - ढाल
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। कविता की अगली पंक्ति स्वयं बनाओ। ध्यान रखो, कविता में से देखकर नहीं लिखना।
| नमूना → | ज़ोर - ज़ोर से गरज रहे है। |
| तड़ तड़ तड़ तड़ बरस रहे है। |
तब माँ कोई कर न सकेगा
