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एक समबाहु त्रिभुज के सभी कोण ज्ञात कीजिए।
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एक समतल दर्पण LM के सम्मुख स्थित बिंदु A पर रखी किसी वस्तु का प्रतिबिम्ब एक प्रेक्षक D से बिंदु B पर देखता है, जैसा कि निम्नलिखित आकृति में दर्शाया गया है। सिद्ध कीजिए कि यह प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर है जितनी दूरी पर वह वस्तु दर्पण के सम्मुख है।
[संकेत : CN दर्पण पर अभिलंब है। साथ ही, आपतन कोण = परावर्तन कोण।]

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AB = AC वाला ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है तथा D भुजा BC पर इस प्रकार स्थित है कि AD ⊥ BC है। (आकृति)। ∠BAD = ∠CAD सिद्ध करने के लिए, किसी विद्यार्थी ने निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई :

∆ABD और ∆ACD में,
AB = AC (दिया है)
∠B = ∠C (क्योंकि AB = AC)
तथा ∠ADB = ∠ADC (प्रत्येक 90°)
अतः, ∆ABD ≅ ∆ACD (AAS)
इसलिए, ∠BAD = ∠CAD (CPCT)
उपरोक्त तर्कणों में क्या कमी है?
[संकेत : याद कीजिए कि जब AB = AC हो, तो ∠B = ∠C को कैसे सिद्ध किया जाता है।]
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ABCD एक चतुर्भुज है, जिसमें AB = BC और AD = CD है। दर्शाइए कि BD दोनों कोणों ABC और ADC को समद्विभाजित करता है।
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ABC एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें AB = AC है। ∠A का समद्विभाजक BC से D पर मिलता है। सिद्ध कीजिए कि BC = 2AD है।
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O एक वर्ग ABCD के अभ्यंतर में स्थित बिंदु इस प्रकार है कि OAB एक समबाहु त्रिभुज है। सिद्ध कीजिए कि ∆OCD एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
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ABC और DBC एक ही आधार BC पर स्थित दो त्रिभुज इस प्रकार हैं कि बिंदु A और D आधार BC के विपरीत ओर स्थित हैं, AB = AC और DB = DC है। दर्शाइए कि AD रेखाखंड BC का लंब समद्विभाजक है।
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ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसमें AC = BC है। AD और BE क्रमश : BC और AC पर शीर्षलंब हैं। सिद्ध कीजिए कि AE = BD है।
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सिद्ध कीजिए कि एक त्रिभुज की किन्हीं दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा की संगत माध्यिका के दोगुने से बड़ा होता हैं।
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दर्शाइए कि एक चतुर्भुज ABCD में, AB + BC + CD + DA < 2(BD + AC) होता है।
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दर्शाइए कि एक चतुर्भुज ABCD में, AB + BC + CD + DA > AC + BD होता है।
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एक त्रिभुज ABC में, D भुजा AC का मध्य-बिंदु है ताकि BD = `1/2` AC है। दर्शाइए कि ∠ABC एक समकोण है।
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एक समकोण त्रिभुज में, सिद्ध कीजिए कि कर्ण के मध्य-बिंदु को उसके सम्मुख शीर्ष से मिलाने वाला रेखाखंड कर्ण का आधा होता है।
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दो रेखाएँ l और m बिंदु O पर प्रतिच्छेद करती हैं तथा P बिंदु O से होकर जाने वाली रेखा n पर स्थित कोई बिंदु इस प्रकार है कि P रेखाओं l और m से समदूरस्थ है। सिद्ध कीजिए कि n रेखाओं l और m के बीच बनने वाले कोण का समद्विभाजक है।
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एक समलंब ABCD की क्रमशः समांतर भुजाओं AB और DC के मध्य-बिंदुओं M और N को मिलाने वाला रेखाखंड दोनों भुजाओं AB और DC पर लंब है। सिद्ध कीजिए कि AD = BC है।
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ABCD एक चतुर्भुज इस प्रकार है कि विकर्ण AC दोनों कोणों A और C का समद्विभाजक है। सिद्ध कीजिए कि AB = AD और CB = CD है।
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ABC एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें AB = AC है तथा ∠C का समद्विभाजक भुजा AB को D पर प्रतिच्छेद करता है। सिद्ध कीजिए कि AC + AD = BC है।
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AB और CD क्रमश : एक चतुर्भुज ABCD की सबसे छोटी और सबसे बड़ी भुजाएं हैं। ∠B और ∠D में से निश्चित कीजिए कि कौन बड़ा हैं।
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सिद्ध कीजिए कि एक समबाहु त्रिभुज को छोड़कर, किसी त्रिभुज में सबसे लंबी भुजा का सम्मुख कोण एक समकोण के `2/3` भाग से बड़ा होता हैं।
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ABCD एक चतुर्भुज है, जिसमें AB = AD और CB = CD है। सिद्ध कीजिए कि AC, BD का लंब समद्विभाजक है।
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