मराठी

दो रेखाएँ l और m बिंदु O पर प्रतिच्छेद करती हैं तथा P बिंदु O से होकर जाने वाली रेखा n पर स्थित कोई बिंदु इस प्रकार है कि P रेखाओं l और m से समदूरस्थ है। सिद्ध कीजिए कि n रेखाओं l

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

दो रेखाएँ l और m बिंदु O पर प्रतिच्छेद करती हैं तथा P बिंदु O से होकर जाने वाली रेखा n पर स्थित कोई बिंदु इस प्रकार है कि P रेखाओं l और m से समदूरस्थ है। सिद्ध कीजिए कि n रेखाओं l और m के बीच बनने वाले कोण का समद्विभाजक है।

बेरीज
Advertisements

उत्तर

दिया गया है - दो रेखाएँ l और m बिंदु O पर प्रतिच्छेद करती हैं और O से होकर जाने वाली रेखा n पर एक बिंदु P इस प्रकार है कि P, l और m से समदूरस्थ है, अर्थात, PQ = PR।

सिद्ध करना है - n, l और m द्वारा बने कोण का समद्विभाजक है अर्थात n, ∠QOR का समद्विभाजक है।

प्रमाण - ΔOQP और ΔORP में,

∠PQO = ∠PRO = 90°  ...[चूँकि, P, l और m से समान दूरी पर है, इसलिए PQ और PR क्रमशः l और m रेखाओं के लंबवत होने चाहिए]

OP = OP   ...[उभयनिष्ठ पक्ष]

PQ = PR   ...[दिया गया है।]

∴ ΔOQP ≅ ΔORP   ...[RHS सर्वांगसमता नियम द्वारा]

⇒ ∠POQ = ∠POR   ...[CPCT द्वारा]

अतः, n, ∠QOR का समद्विभाजक है।

अतः सिद्ध हुआ।

shaalaa.com
त्रिभुजों की सर्वांगसमता के लिए कुछ और कसौटियाँ
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 7: त्रिभुज - प्रश्नावली 7.4 [पृष्ठ ७१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Ganit Exemplar [Hindi] Class 9
पाठ 7 त्रिभुज
प्रश्नावली 7.4 | Q 15. | पृष्ठ ७१

संबंधित प्रश्‍न

एक रेखाखंड AB पर AD और BC दो बराबर लंब रेखाखंड हैं (देखिए आकृति)। दशाईए कि CD, रेखाखंड AB को समद्विभाजित करता है।


AB एक रेखाखंड है और P इसका मध्य-बिंदु है। D और E रेखाखंड AB के एक ही ओर स्थित दो बिंदु इस प्रकार हैं कि ∠BAD = ∠ABE और ∠EPA = ∠DPB है। (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि:

  1. △DAP ≌ △EBP
  2. AD = BE


AD एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC का एक शीर्षलम्ब है, जिसमें AB = AC है। दर्शाइए कि:

  1. AD रेखाखंड BC को समद्विभाजित करता है।
  2. AD कोण A को समद्विभाजित करता है।

एक त्रिभुज ABC की दो भुजाएँ AB और BC तथा माध्यिका AM क्रमशः एक दूसरे त्रिभुज की भुजाओं PQ और QR तथा माध्यिका PN के बराबर है (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि:
  1. ∆ABM ≅ ∆PQN
  2. ∆ABC ≅ ∆PQR


“यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाएँ और एक कोण दूसरे त्रिभुज की दो भुजाओं और एक कोण के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज अवश्य ही सर्वांगसम होने चाहिए।” क्या यह कथन सत्य है? क्यों?


AD किसी त्रिभुज ABC की एक माध्यिका है। क्या यह कहना सत्य है कि AB + BC + CA > 2AD है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।


AB = AC वाला ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है तथा D भुजा BC पर इस प्रकार स्थित है कि AD ⊥ BC है। (आकृति)। ∠BAD = ∠CAD सिद्ध करने के लिए, किसी विद्यार्थी ने निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई :


∆ABD और ∆ACD में,

AB = AC (दिया है)

∠B = ∠C  (क्योंकि AB = AC)

तथा ∠ADB = ∠ADC (प्रत्येक 90°)

अतः, ∆ABD ≅ ∆ACD (AAS)

इसलिए, ∠BAD = ∠CAD (CPCT)

उपरोक्त तर्कणों में क्या कमी है?

[संकेत : याद कीजिए कि जब AB = AC हो, तो ∠B = ∠C को कैसे सिद्ध किया जाता है।]


ABCD एक चतुर्भुज है, जिसमें AB = BC और AD = CD है। दर्शाइए कि BD दोनों कोणों ABC और ADC को समद्विभाजित करता है।


ABC और DBC एक ही आधार BC पर स्थित दो त्रिभुज इस प्रकार हैं कि बिंदु A और D आधार BC के विपरीत ओर स्थित हैं, AB = AC और DB = DC है। दर्शाइए कि AD रेखाखंड BC का लंब समद्विभाजक है। 


सिद्ध कीजिए कि एक त्रिभुज की किन्हीं दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा की संगत माध्यिका के दोगुने से बड़ा होता हैं।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×