मराठी

AD एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC का एक शीर्षलम्ब है, जिसमें AB = AC है। दर्शाइए कि: i. AD रेखाखंड BC को समद्विभाजित करता है। ii. AD कोण A को समद्विभाजित करता है।

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प्रश्न

AD एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC का एक शीर्षलम्ब है, जिसमें AB = AC है। दर्शाइए कि:

  1. AD रेखाखंड BC को समद्विभाजित करता है।
  2. AD कोण A को समद्विभाजित करता है।
बेरीज
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उत्तर

(i) ∆ABD और ∆ACD में,

AB = AC             ...[दिया गया है]

∠ADB = ∠ADC    ...[प्रत्येक 90°]

AD = AD             ...[उभयनिष्ठ]

∴ ∆ABD ≅ ∆ACD     ...[RHS सर्वांगसमता नियम से]

अतः, BD = DC      ...[सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग]

⇒ D, BC का मध्य-बिंदु है

या AD, BC को समद्विभाजित करता है।

(ii) चूँकि, ∆ABD ≅ ∆ACD,

∠BAD = ∠CAD           ...[सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग]

⇒ इस प्रकार, AD, ∠A को समद्विभाजित करता है।

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त्रिभुजों की सर्वांगसमता के लिए कुछ और कसौटियाँ
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 7: त्रिभुज - प्रश्नावली 7.3 [पृष्ठ ११९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Ganit [Hindi] Class 9
पाठ 7 त्रिभुज
प्रश्नावली 7.3 | Q 2. | पृष्ठ ११९

संबंधित प्रश्‍न

एक रेखाखंड AB पर AD और BC दो बराबर लंब रेखाखंड हैं (देखिए आकृति)। दशाईए कि CD, रेखाखंड AB को समद्विभाजित करता है।


△ABC और △DBC एक ही आधार BC पर बने दो समद्विबाहु त्रिभुज इस प्रकार हैं कि A और D भुजा BC के एक ही ओर स्थित हैं (देखिए आकृति)। यदि AD बढ़ाने पर BC को P पर प्रतिच्छेद करे, तो दर्शाइए कि:

  1. △ABD ≌ △ACD
  2. △ABP ≌ △ACP
  3. AP कोण A और कोण D दोनों को समद्विभाजित करता है।
  4. AP रेखाखंड BC का लम्ब समद्विभाजक है।


“यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाएँ और एक कोण दूसरे त्रिभुज की दो भुजाओं और एक कोण के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज अवश्य ही सर्वांगसम होने चाहिए।” क्या यह कथन सत्य है? क्यों?


∆PQR में, ∠P = 70° और ∠R = 30° है। इस त्रिभुज की कौन-सी भुजा सबसे लंबी है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए। 


निम्नलिखित आकृति में, AD कोण BAC का समद्विभाजक है। सिद्ध कीजिए कि AB > BD है।


एक समतल दर्पण LM के सम्मुख स्थित बिंदु A पर रखी किसी वस्तु का प्रतिबिम्ब एक प्रेक्षक D से बिंदु B पर देखता है, जैसा कि निम्नलिखित आकृति में दर्शाया गया है। सिद्ध कीजिए कि यह प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर है जितनी दूरी पर वह वस्तु दर्पण के सम्मुख है।

[संकेत : CN दर्पण पर अभिलंब है। साथ ही, आपतन कोण = परावर्तन कोण।]


सिद्ध कीजिए कि एक त्रिभुज की किन्हीं दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा की संगत माध्यिका के दोगुने से बड़ा होता हैं।


एक समलंब ABCD की क्रमशः समांतर भुजाओं AB और DC के मध्य-बिंदुओं M और N को मिलाने वाला रेखाखंड दोनों भुजाओं AB और DC पर लंब है। सिद्ध कीजिए कि AD = BC है।


ABC एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें AB = AC है तथा ∠C का समद्विभाजक भुजा AB को D पर प्रतिच्छेद करता है। सिद्ध कीजिए कि AC + AD = BC है। 


AB और CD क्रमश : एक चतुर्भुज ABCD की सबसे छोटी और सबसे बड़ी भुजाएं हैं। ∠B और ∠D में से निश्चित कीजिए कि कौन बड़ा हैं।


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