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प्रश्न
△ABC और △DBC एक ही आधार BC पर बने दो समद्विबाहु त्रिभुज इस प्रकार हैं कि A और D भुजा BC के एक ही ओर स्थित हैं (देखिए आकृति)। यदि AD बढ़ाने पर BC को P पर प्रतिच्छेद करे, तो दर्शाइए कि:
- △ABD ≌ △ACD
- △ABP ≌ △ACP
- AP कोण A और कोण D दोनों को समद्विभाजित करता है।
- AP रेखाखंड BC का लम्ब समद्विभाजक है।

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उत्तर
(i) ΔABD और ΔACD में,
AB = AC ...(दिया गया है)
BD = CD ...(दिया गया है)
AD = AD ..(उभयनिष्ठ)
∴ ΔABD ≅ ΔACD ...(SSS सर्वांगसमता नियम द्वारा)
⇒ ∠BAD = ∠CAD ...(सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भागों द्वारा)
⇒ ∠BAP = ∠CAP …(1)
(ii) ΔABP और ΔACP में,
AB = AC ...(दिया गया है)
∠BAP = ∠CAP ...[समीकरण (1) से]
AP = AP ...(उभयनिष्ठ)
∴ ΔABP ≅ ΔACP ...(SSS सर्वांगसमता नियम द्वारा)
⇒ BP = CP ...(सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भागों द्वारा) …(2)
(iii) समीकरण (1) से,
∠BAP = ∠CAP
अतः AP, ∠A को समद्विभाजित करता है।
ΔBDP और ΔCDP में,
BD = CD ...(दिया गया है)
DP = DP ...(उभयनिष्ठ)
BP = CP ...[समीकरण (2) से]
∴ ΔBDP ≅ ΔCDP ...(SSS सर्वांगसमता नियम द्वारा)
⇒ ∠BDP = ∠CDP ...(सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भागों द्वारा) …(3)
अतः AP, ∠D को समद्विभाजित करता है।
(iv) ΔBDP ≅ ΔCDP
∴ ∠BPD = ∠CPD ...(सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भागों द्वारा) …(4)
∠BPD + ∠CPD = 180° ...(रैखिक युग्म कोण)
∠BPD + ∠BPD = 180°
2∠BPD = 180° ...[समीकरण (4) से]
∠BPD = 90° …(5)
समीकरण (2) और (5) से यह कहा जा सकता है कि AP, BC का लम्ब समद्विभाजक है।
संबंधित प्रश्न
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∆ABD और ∆ACD में,
AB = AC (दिया है)
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तथा ∠ADB = ∠ADC (प्रत्येक 90°)
अतः, ∆ABD ≅ ∆ACD (AAS)
इसलिए, ∠BAD = ∠CAD (CPCT)
उपरोक्त तर्कणों में क्या कमी है?
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