हिंदी

NCERT solutions for हिन्दी मल्हार कक्षा ७ chapter 5 - नहीं होना बीमार [Latest edition]

Advertisements

Chapters

NCERT solutions for हिन्दी मल्हार कक्षा ७ chapter 5 - नहीं होना बीमार - Shaalaa.com
Advertisements

Solutions for Chapter 5: नहीं होना बीमार

Below listed, you can find solutions for Chapter 5 of CBSE NCERT for हिन्दी मल्हार कक्षा ७.


पाठ सेपाठ से आगे
पाठ से [Pages 62 - 69]

NCERT solutions for हिन्दी मल्हार कक्षा ७ 5 नहीं होना बीमार पाठ से [Pages 62 - 69]

मेरी समझ से - नीचे दिए गए प्रश्नों का सही उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (*) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं

(क) (1)Page 62

बच्चे के विद्यालय न जाने का मुख्य कारण क्या था?

  • उसका विद्यालय जाने का मन नहीं था।

  • उसका साबूदाने की खीर खाने का मन था।

  • उसने गृहकार्य नहीं किया था।

  • उसे बुखार हो गया था।

(क) (2)Page 62

कहानी के अंत में बच्चे ने कहा, “इसके बाद स्कूल से छुट्टी मारने के लिए मैंने बीमारी का बहाना कभी नहीं बनाया।” बच्चे ने यह निर्णय लिया क्योंकि–

  • घर में रहने के बजाय विद्यालय जाना अधिक रोचक है।

  • बीमारी का बहाना बनाने से साबूदाने की खीर नहीं मिलती।

  • झूठ बोलने से झूठ के खुलने का डर हमेशा बना रहता है।

  • इस बहाने के कारण उसे दिनभर अकेले और भूखे रहना पड़ा।

(क) (3)Page 62

“लेटे-लेटे पीठ दुखने लगी” इस बात से बच्चे के बारे में क्या पता चलता है?

  • उसे बिस्तर पर लेटे रहने के कारण ऊब हो गई थी।

  • उसे अपनी बीमारी की कोई चिंता नहीं रह गई थी।

  • वह बिस्तर पर आराम करने का आनंद ले रहा था।

  • बीमारी के कारण उसकी पीठ में दर्द हो रहा था।

(क) (4)Page 62

“क्या ठाठ हैं बीमारों के भी!” बच्चे के मन में यह बात आई क्योंकि—

  • बीमार व्यक्ति को बहुत आराम करने को मिलता है।

  • बीमार व्यक्ति को अच्छे खाने का आनंद मिलता है।

  • बीमार व्यक्ति को विद्यालय नहीं जाना पड़ता है।

  • बीमार व्यक्ति अस्पताल में शांति से लेटा रहता है।

(ख)Page 62

हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?

मिलकर करें मिलान

1.Page 63

पाठ में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें इनके सही अर्थों से मिलाइए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने परिजनों और शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं।

  शब्द   अर्थ:
1. साबूदाना 1. किसी विशिष्ट कार्य के लिए घेरकर बनाया हुआ स्थान।
2. वार्ड 2. एक प्रकार का जाड़े का ओढ़ना जिसका कपड़ा दोहरा होता है और जिसमें रूई भरी होती है।
3. नर्स 3. शरीर का तापमान (जैसे बुखार) नापने का एक छोटा यंत्र।
4. रजाई 4. कई तरह की जड़ी-बूटियों और औषधियों को उबालकर उनके रस से बना पेय होता है। इसे सर्दी-जुकाम, खाँसी-बुखार और पाचन से जुड़ी समस्याओं में लाभदायक माना जाता है।
5. थर्मामीटर 5. रेशमी, ऊनी, मलमल जैसे नाजुक कपड़ों को पानी, साबुन और डिटर्जेंट के बिना मशीनों से साफ करने वाला व्यक्ति।
6. काढ़ा 6. उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में स्थित 17वीं सदी में निर्मित एक विश्व-प्रसिद्ध स्मारक जो सफेद संगमरमर से बना है।
7. ड्राइक्लीनर 7. एक दाल जिसे तुअर भी कहते हैं।
8. ताजमहल 8. सागू नामक वृक्ष के तने का गूदा, सागूदाना, यह पहले आटे के रूप में होता है और फिर कूटकर दानों के रूप में सुखा लिया जाता है।
9. अरहर 9. वह व्यक्ति जो रोगियों, घायलों या वृद्धों आदि की देखभाल करे।

पंक्तियों पर चर्चा - पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए-

(क)Page 63

“मैंने सोचा बीमार पड़ने के लिए आज का दिन बिलकुल ठीक रहेगा। चलो बीमार पड़ जाते हैं।”

(ख)Page 63

“देखो! उन्होंने एक बार भी आकर नहीं पूछा कि तू क्या खाएगा? पूछते तो मैं साबूदाने की खीर ही तो माँगता। कोई ताजमहल तो नहीं माँग लेता। लेकिन नहीं! भूखे रहो!! इससे सारे विकार निकल जाएँगे। विकार निकल जाएँ बस। चाहे इस चक्कर में तुम खुद शिकार हो जाओ।”

सोच-विचार के लिए - पाठ को एक बार फिर ध्यान से पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए:

(क)Page 64

अस्पताल में बच्चे को कौन-कौन सी चीजें अच्छी लगीं और क्यों?

(ख)Page 64

कहानी के अंत में बच्चे को महसूस हुआ कि उसे स्कूल जाना चाहिए था। क्या आपको लगता है कि उसका निर्णय सही था? क्यों?

(ग)Page 64

जब बच्चा बीमार पड़ने का बहाना बनाकर बिस्तर पर लेटा रहा तो उसके मन में कौन-कौन से भाव आ रहे थे?

(संकेत– मन में उत्पन्न होने वाले विकार या विचार को भाव कहते हैं, उदाहरण के लिए – क्रोध, दुख, भय, करुणा, प्रेम आदि।)

(घ) 1.Page 64

कहानी में बच्चे ने सोचा था कि “ठाठ से साफ-सुथरे बिस्तर पर लेटे रहो और साबूदाने की खीर खाते रहो।” आपको क्या लगता है, असल में बीमार हो जाने और इस बच्चे की सोच में कौन-कौन सी समानताएँ होंगे?

(संकेत– आप अपने अनुभवों के आधार पर इस प्रश्न पर विचार कर सकते हैं कि कहानी वाले बच्चे की कल्पना वास्तविकता से कितनी अलग है।)

(घ) 2.Page 64

कहानी में बच्चे ने सोचा था कि “ठाठ से साफ-सुथरे बिस्तर पर लेटे रहो और साबूदाने की खीर खाते रहो।” आपको क्या लगता है, असल में बीमार हो जाने और इस बच्चे की सोच में कौन-कौन से अंतर होंगे?

(संकेत– आप अपने अनुभवों के आधार पर इस प्रश्न पर विचार कर सकते हैं कि कहानी वाले बच्चे की कल्पना वास्तविकता से कितनी अलग है।)

(ङ)Page 64

नानीजी और नानाजी ने बच्चे को बीमारी की दवा दी और उसे आराम करने को कहा। बच्चे को खाना नहीं दिया गया। क्या आपको लगता है कि उन्होंने सही किया? आपको ऐसा क्यों लगता है?

अनुमान और कल्पना से

(क)Page 64

कहानी के अंत में बच्चा नानाजी और नानीजी को सब कुछ सच-सच बताने का निर्णय कर लेता तो कहानी में आगे क्या होता?

(संकेत– उसका दिन कैसे बदल जाता? उसकी सोच और अनुभव कैसे होते?)

(ख)Page 65

कहानी में बच्चे की नानीजी के स्थान पर आप हैं। आप सारे नाटक को समझ गए हैं लेकिन चाहते हैं कि बच्चा सारी बात आपको स्वयं बता दे। अब आप क्या करेंगे?

(संकेत– इस सवाल में आपको नानीजी की जगह लेकर सोचना है और एक मनोरंजक योजना बनानी है जिससे बच्चा आपको स्वयं सारी बातें बता दे।)

(ग)Page 65

कहानी में बच्चे के स्थान पर आप हैं और घर में अकेले हैं। अब आप ऊबने से बचने के लिए क्या-क्या करेंगे?

(घ)Page 65

कहानी के अंत में बच्चे को लगा कि उसे स्कूल जाना चाहिए था। कल्पना कीजिए, अगर वह स्कूल जाता तो उसका दिन कैसा होता? अगले दिन जब वह स्कूल गया होगा तो उसने क्या-क्या किया होगा?

(ङ)Page 65

कहानी में नानाजी और नानीजी ने बच्चे की बीमारी ठीक करने के लिए उसे दवाई दी और खाने के लिए कुछ नहीं दिया। अगर आप नानीजी या नानाजी की जगह होते तो क्या-क्या करते?

कहानी की रचना

(क)Page 66

इस पाठ को एक बार फिर से पढ़िए और अपने समूह में मिलकर इस पाठ की अन्य विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।

(ख)Page 66

कहानी में से निम्नलिखित के लिए उदाहरण खोजकर लिखिए:

विशेष बिंदु कहानी में से उदाहरण
बच्चे द्वारा पिछली बातों को याद किया जाना  
हास्य यानी हँसी-मजाक का उपयोग किया जाना  
बच्चे द्वारा सोचने के तरीके में बदलाव आना  
कहानी में किसी का किसी बात से अनजान होना  
बच्चे द्वारा स्वयं से बातें किया जाना  

समस्या और समाधान - कहानी को एक बार पुन: पढ़कर पता लगाइए:

(क)Page 66

बच्चे के सामने क्या समस्या थी? उसने उस समस्या का क्या समाधान निकाला?

(ख)Page 66

नानीजी-नानाजी के सामने क्या समस्या थी? उन्होंने उस समस्या का क्या समाधान निकाला?

शब्द से जुड़े शब्द

1.Page 66

नीचे दिए गए स्थानों में ‘बीमार’ से जुड़े शब्द पाठ में से चुनकर लिखिए:

खोजबीन

(क)Page 67

कहानी में से वे वाक्य ढूँढ़कर लिखिए जिनसे पता चलता है कि–

कहानी में सर्दी के मौसम की घटनाएँ बताई गई हैं।

(ख)Page 67

कहानी में से वे वाक्य ढूँढ़कर लिखिए जिनसे पता चलता है कि–

बच्चे को बहाना बनाने के परिणाम का आभास हो गया।

(ग)Page 67

कहानी में से वे वाक्य ढूँढ़कर लिखिए जिनसे पता चलता है कि–

बच्चे को खाना-पीना बहुत प्रिय है।

(घ)Page 67

कहानी में से वे वाक्य ढूँढ़कर लिखिए जिनसे पता चलता है कि–

बच्चे को स्कूल जाना अच्छा लगता है।

शीर्षक

(क)Page 67

आपने जो कहानी पढ़ी है, इसका नाम ‘नहीं होना बीमार’ है। अपने समूह में चर्चा करके लिखिए कि इस कहानी का यह नाम उपयुक्त है या नहीं। अपने उत्तर के कारण भी बताइए।

(ख)Page 67

यदि आपको इस कहानी को कोई अन्य नाम देना हो तो क्या नाम देंगे? आपने यह नाम क्यों सोचा, यह भी बताइए।

अभिनय

1.Page 67

कहानी में से चुनकर कुछ संवाद नीचे दिए गए हैं। आपको इन्हें अभिनय के साथ बोलकर दिखाना है। प्रत्येक समूह से बारी-बारी से छात्र/छात्राएँ कक्षा में सामने आएँगे और एक संवाद अभिनय के साथ बोलकर दिखाएँगे–

  1. “बुखार आ गया।” मैंने कराहते हुए कहा।
  2. “आपको पता नहीं चल रहा। थर्मामीटर लगाकर देखिए।” मैंने कहा।
  3. “मेरे सिर में दर्द हो रहा है। पेट भी दुख रहा है और मुझे बुखार भी है।"
  4. नानाजी आए। बोले, “अब कैसा है सिरदर्द?”
  5. फिर नानाजी बोले, “आज इसे कुछ खाने को मत देना। आराम करने दो। शाम को देखेंगे।”

चेहरों पर मुस्कान, मुँह में पानी

(क)Page 67

इस कहानी में अनेक रोचक घटनाएँ हैं जिन्हें पढ़कर चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। इस कहानी में किन बातों को पढ़कर आपके चेहरे पर भी मुस्कान आ गई थी? उन्हें रेखांकित कीजिए।

(ख)Page 67

इस कहानी में किन वाक्यों को पढ़कर आपके मुँह में पानी आ गया था? उन्हें रेखांकित कीजिए। (इन्हें रेखांकित करने के लिए आप किसी अन्य रंग का उपयोग कर सकते हैं।)

लेखन के अनोखे तरीके

1.Page 68

नीचे वाक्य दिए गए हैं। कहानी में ढूँढ़िए कि इन बातों को कैसे लिखा गया है:

ऐसा लगा मानो हमें देखकर सुधाकर काका खुश हो गए।

2.Page 68

नीचे वाक्य दिए गए हैं। कहानी में ढूँढ़िए कि इन बातों को कैसे लिखा गया है:

खिड़कियाँ बहुत बड़ी थीं और उनके बाहर हरे पेड़ हवा से हिल रहे थे।

3.Page 68

नीचे वाक्य दिए गए हैं। कहानी में ढूँढ़िए कि इन बातों को कैसे लिखा गया है:

वहाँ केवल लोगों के फुसफुसाने की आवाजें आ रही थीं।

4.Page 68

नीचे वाक्य दिए गए हैं। कहानी में ढूँढ़िए कि इन बातों को कैसे लिखा गया है:

फुसफुसाने की आवाजों के सिवा वहाँ कोई आवाज नहीं थी।

5.Page 68

नीचे वाक्य दिए गए हैं। कहानी में ढूँढ़िए कि इन बातों को कैसे लिखा गया है:

बीमार लोगों के बहुत मजे होते हैं।

6.Page 68

नीचे वाक्य दिए गए हैं। कहानी में ढूँढ़िए कि इन बातों को कैसे लिखा गया है:

मैं झूठमूठ बीमार पड़ जाता हूँ।

विराम चिह्न

1.Page 69

अपने समूह के साथ मिलकर नीचे दिए गए विराम चिह्न को कहानी में ढूँढ़िए। ध्यानपूर्वक देखकर समझिए कि इनका प्रयोग वाक्यों में कहाँ-कहाँ किया जाता है। आपने जो पता किया, उसे नीचे लिखिए—

विराम चिह्न कहाँ प्रयोग किया जाता है
पूर्ण विराम ।   
अल्प विराम,  
प्रश्नवाचक चिह्न ?  
विस्मयादिबोधक चिह्न !  
उद्धरण चिह्न “ ”  

आवश्यकता हो तो इस प्रश्न का उत्तर पता करने के लिए आप अपने परिजनों, शिक्षकों, पुस्तकालय या इंटरनेट की सहायता ले सकते हैं।

कैसी होगी गली

1.Page 69

“मुझे बड़ी तेज इच्छा हुई कि इसी समय बाहर निकलकर दिन की रोशनी में अपनी गली की चहल-पहल देखूँ”

आपने कहानी में बच्चे के घर के साथ वाली गली के बारे में बहुत-सी बातें पढ़ी हैं। उन बातों और अपनी कल्पना के आधार पर उस गली का एक चित्र बनाइए।

पाठ से आगे [Pages 69 - 71]

NCERT solutions for हिन्दी मल्हार कक्षा ७ 5 नहीं होना बीमार पाठ से आगे [Pages 69 - 71]

आपकी बात

(क)Page 69

बच्चे ने अस्पताल के वातावरण का विस्तार से सुंदर वर्णन किया है। इसी प्रकार आप अपनी कक्षा का वर्णन कीजिए।

(ख)Page 69

कहानी में बच्चे को घर में अकेले दिन भर लेटे रहना पड़ा था। क्या आप कभी कहीं अकेले रहे हैं? उस समय आपको कैसा लग रहा था? आपने क्या-क्या किया था?

(ग)Page 69

कहानी में आम खाने वाले मुन्नु को देखकर बच्चे को ईर्ष्या हुई थी। क्या आपको कभी किसी से या किसी को आपसे ईर्ष्या हुई है? आपने तब क्या किया था ताकि यह भावना दूर हो जाए?

(घ)Page 70

कहानी में नानाजी-नानीजी बच्चे का पूरा ध्यान रखने का प्रयास करते हैं। आपके घर और विद्यालय में आपका ध्यान कौन-कौन रखते हैं? कैसे?

(ङ)Page 70

आप अपने परिजनों और मित्रों का ध्यान कैसे रखते हैं? क्या-क्या करते हैं या क्या-क्या नहीं करते हैं ताकि उन्हें कम-से-कम परेशानी हो?

बहाने

(क)Page 70

कहानी में बच्चे ने बीमारी का बहाना बनाया ताकि उसे स्कूल न जाना पड़े। क्या आपने कभी किसी कारण से बहाना बनाया है? यदि हाँ, तो उसके बारे में बताइए। उस समय आपके मन में कौन-कौन से भाव आ-जा रहे थे? आप कैसा अनुभव कर रहे थे?

(ख)Page 70

आमतौर पर बनाए जाने वाले बहानों की एक सूची बनाइए।

(ग)Page 70

बहाने क्यों बनाने पड़ते हैं? बहाने न बनाने पड़ें, इसके लिए हम क्या-क्या कर सकते हैं?

अनुमान

1.Page 70

“मैं रजाई में पड़ा-पड़ा घर में चल रही गतिविधियों का अनुमान लगाता रहा।”

कहानी में बच्चे ने अनेक प्रकार के अनुमान लगाए हैं। क्या आपने कभी किसी अनदेखे व्यक्ति/वस्तु/पशु-पक्षी/स्थान आदि के विषय में अनुमान लगाए हैं? किसके बारे में? क्या? कब? विस्तार से बताइए। 

(संकेत – जैसे पेड़ से आने वाली आवाज सुनकर किसी प्राणी का अनुमान लगाना; कहीं दूर रहने वाले किसी संबंधी/रिश्तेदार के विषय में सुनकर उसके संबंध में अनुमान लगाना।)

घर का सामान

1.Page 70

“बहुत ढूँढ़ा गया पर थर्मामीटर मिला ही नहीं। शायद कोई माँगकर ले गया था।”

कहानी में बच्चे के घर पर थर्मामीटर (तापमापी) खोजने पर वह मिल नहीं पाता। आमतौर पर हमारे घरों में कोई न कोई ऐसी वस्तु होती है जिसे खोजने पर भी वह नहीं मिलती, जिसे कोई माँगकर ले जाता है या हम जिसे किसी से माँगकर ले आते हैं। अपने घर को ध्यान में रखते हुए ऐसी वस्तुओं की सूची बनाइए:

जो खोजने पर भी नहीं मिलती हैं जो कोई माँगकर ले जाते हैं जो आप किसी से माँगकर लाते हैं
     
     
     
     

खान-पान और आप

(क)Page 71

कहानी में सुधाकर काका को बीमार होने पर साबूदाने की खीर दी गई थी। आपके घर में किसी के बीमार होने पर उसे क्या-क्या खिलाया जाता है?

(ख)Page 71

कहानी में बच्चे को बहुत-सी चीजें खाने का मन है। आपका क्या-क्या खाने का बहुत मन करता है?

(ग)Page 71

कहानी में बच्चा सोचता है कि साबूदाने की खीर सिर्फ बीमारी या उपवास में क्यों मिलती है। आपके घर में ऐसा क्या-क्या है, जो केवल विशेष अवसरों या त्योहारों पर ही बनता है?

(घ)Page 71

कहानी में बच्चा सोचता है कि अगर वह स्कूल जाता तो उसे ठेले पर नमक-मिर्च वाले अमरूद खाने को मिलते। आप अपने विद्यालय में क्या-क्या खाते-पीते हैं? विद्यालय में आपका रुचिकर भोजन क्या है?

(ङ)Page 71

इस कहानी में भोजन से जुड़ी बच्चे की कई रोचक बातें बताई गई हैं। आपके बचपन की भोजन से जुड़ी कोई विशेष याद क्या है, जिसे आप अब भी याद करते हैं?

(च)Page 71

कहानी में बच्चा भोजन की सुगंध से रजाई फेंककर रसोई में झाँकने लगा। क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि घर में किसी विशेष खाने की सुगंध से आप भी रसोई में जाकर तुरंत देखना चाहते हैं कि क्या पक रहा है? आपको किस-किस खाने की सुगंध सबसे अधिक पसंद है?

आज की पहेली

1.Page 71

कहानी में आपने खाने-पीने की अनेक वस्तुओं के बारे में पढ़ा है। अब हम आपके सामने खाने-पीने की वस्तुओं या व्यंजनों से जुड़ी कुछ पहेलियाँ लाए हैं। इन्हें बूझिए और उत्तर लिखिए:

  पहेली उत्तर
1. रोटी जैसा होता है ये, पर आलू से भरा-भरा,
घी-तेल साथी हैं इसके, दही चटनी से हरा-भरा
 
2. दाल-चावल का मेल है यह तो, भारत भर में तुम इसे पाओ,
दक्षिण में ये खूब है बनता, चटनी – सांभर संग-संग खाओ,
गोल – तिकोना इसका आकार, गरम-गरम तुम इसे बनाओ,
कौन-सा व्यंजन होता है यह, बोलो बोलो नाम बताओ।
 
3. नाश्ते का यह बड़ा है खास, महाराष्ट्र में इसका वास,
मिर्च-मसाले से भरपूर, संग बटाटा भी मशहूर,
चटपटी लगी किसे ? बूझो नाम तो खाएँ इसे!
 
4. बेसन से बने चौकोर या गोल, गुजरात में बड़ा है बोल।
खाने में नर्म, पानी भरे, धनिया मिर्ची संग सजे।
 
5. गोल-गोल पानी से भरके, चटनी सोंठ संग इसे खाओ
उत्तर-दक्षिण पूरब-पश्चिम, गली-मुहल्लों में भी पाओ।
खट्टी-मीठी, तीखी हाय, खाना तो इसे हर कोई चाहे!
 
6. हरे साग संग मुझको पाओ,
मक्खन के संग मुझको खाओ।
आटा मेरा हल्का पीला,
स्वाद मेरा है बड़ा रंगीला।
 
7. आग में पकती हूँ, सोंधा-सा स्वाद,
साथ में खाओ चूरमा बन जाए फिर बात,
गरम दाल से मुझको प्यार, राजस्थान का मैं उपहार ।
 
8. गोल-गोल और श्वेत रंग का
रस से भरा हुआ हूँ खूब 
मीठी दुनिया का महाराजा
चाशनी मीठी डूब-डूब।
 

Solutions for 5: नहीं होना बीमार

पाठ सेपाठ से आगे
NCERT solutions for हिन्दी मल्हार कक्षा ७ chapter 5 - नहीं होना बीमार - Shaalaa.com

NCERT solutions for हिन्दी मल्हार कक्षा ७ chapter 5 - नहीं होना बीमार

Shaalaa.com has the CBSE Mathematics हिन्दी मल्हार कक्षा ७ CBSE solutions in a manner that help students grasp basic concepts better and faster. The detailed, step-by-step solutions will help you understand the concepts better and clarify any confusion. NCERT solutions for Mathematics हिन्दी मल्हार कक्षा ७ CBSE 5 (नहीं होना बीमार) include all questions with answers and detailed explanations. This will clear students' doubts about questions and improve their application skills while preparing for board exams.

Further, we at Shaalaa.com provide such solutions so students can prepare for written exams. NCERT textbook solutions can be a core help for self-study and provide excellent self-help guidance for students.

Concepts covered in हिन्दी मल्हार कक्षा ७ chapter 5 नहीं होना बीमार are व्याकरण, उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल).

Using NCERT हिन्दी मल्हार कक्षा ७ solutions नहीं होना बीमार exercise by students is an easy way to prepare for the exams, as they involve solutions arranged chapter-wise and also page-wise. The questions involved in NCERT Solutions are essential questions that can be asked in the final exam. Maximum CBSE हिन्दी मल्हार कक्षा ७ students prefer NCERT Textbook Solutions to score more in exams.

Get the free view of Chapter 5, नहीं होना बीमार हिन्दी मल्हार कक्षा ७ additional questions for Mathematics हिन्दी मल्हार कक्षा ७ CBSE, and you can use Shaalaa.com to keep it handy for your exam preparation.

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×