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नानीजी-नानाजी के सामने क्या समस्या थी? उन्होंने उस समस्या का क्या समाधान निकाला?

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प्रश्न

नानीजी-नानाजी के सामने क्या समस्या थी? उन्होंने उस समस्या का क्या समाधान निकाला?

विस्तार में उत्तर
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उत्तर

नानीजी-नानाजी के सामने समस्या यह थी कि बच्चा सिरदर्द, पेट दर्द और बुखार की शिकायत कर रहा था, जिसे ठीक करना था। घर में थर्मामीटर भी नहीं मिल रहा था, इसलिए बुखार की जाँच नहीं हो सकती थी। समाधान के तौर पर नानाजी ने बच्चे का माथा छुआ, पेट देखा और नब्ज़ जाँची। बुखार न होने का अंदाजा लगाकर उन्होंने देसी उपाय अपनाए - बच्चे को कड़वी पुड़िया खिलाई और काढ़े जैसी चाय पिलाई। साथ ही उन्होंने नानीजी से कहा कि बच्चे को कुछ खाने को न दें और आराम करने दें, क्योंकि भूखे रहने से सारे विकार निकल जाते हैं। इस तरह उन्होंने घरेलू उपचार से बच्चे का ध्यान रखा।

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अध्याय 5: नहीं होना बीमार - पाठ से [पृष्ठ ६६]

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एनसीईआरटी Hindi Malhar Class 7
अध्याय 5 नहीं होना बीमार
पाठ से | Q (ख) | पृष्ठ ६६
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