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कहानी में बच्चे को घर में अकेले दिन भर लेटे रहना पड़ा था। क्या आप कभी कहीं अकेले रहे हैं? उस समय आपको कैसा लग रहा था? आपने क्या-क्या किया था?

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प्रश्न

कहानी में बच्चे को घर में अकेले दिन भर लेटे रहना पड़ा था। क्या आप कभी कहीं अकेले रहे हैं? उस समय आपको कैसा लग रहा था? आपने क्या-क्या किया था?

विस्तार में उत्तर
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उत्तर

हाँ, एक बार मैं पूरे दिन घर पर अकेला रहा था, क्योंकि माता-पिता किसी शादी में रिश्तेदारों के पास गए हुए थे। शुरू-शुरू में घर एकदम खाली और सन्नाटे भरा लगा। मन उदास हुआ और बाहर जाकर खेलने की बहुत इच्छा हुई, पर मजबूरी थी। फिर मैंने खुद को व्यस्त रखना शुरू किया – कहानियों की किताब पढ़ी, चित्र बनाए, रेडियो पर गाने सुने और अपना होमवर्क भी पूरा कर लिया। भूख लगने पर दूध गरम करके पिया और बिस्कुट खाए। शाम को पड़ोस के मित्र ने आकर हाल-चाल पूछी तो मन हल्का हो गया। उस दिन मुझे समझ आया कि अकेलेपन से घबराने की बजाय अपनी पसंद के काम करके मन को प्रसन्न रखना चाहिए।

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अध्याय 5: नहीं होना बीमार - पाठ से आगे [पृष्ठ ६९]

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एनसीईआरटी Hindi Malhar Class 7
अध्याय 5 नहीं होना बीमार
पाठ से आगे | Q (ख) | पृष्ठ ६९
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