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प्रश्न
कहानी में से चुनकर कुछ संवाद नीचे दिए गए हैं। आपको इन्हें अभिनय के साथ बोलकर दिखाना है। प्रत्येक समूह से बारी-बारी से छात्र/छात्राएँ कक्षा में सामने आएँगे और एक संवाद अभिनय के साथ बोलकर दिखाएँगे–
- “बुखार आ गया।” मैंने कराहते हुए कहा।
- “आपको पता नहीं चल रहा। थर्मामीटर लगाकर देखिए।” मैंने कहा।
- “मेरे सिर में दर्द हो रहा है। पेट भी दुख रहा है और मुझे बुखार भी है।"
- नानाजी आए। बोले, “अब कैसा है सिरदर्द?”
- फिर नानाजी बोले, “आज इसे कुछ खाने को मत देना। आराम करने दो। शाम को देखेंगे।”
विस्तार में उत्तर
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उत्तर
- “बुखार आ गया।” – रजाई में लेटकर, माथे पर हाथ रखकर और कराहते हुए बोलें। चेहरे पर थकान और दर्द दिखाएँ।
- “आपको पता नहीं चल रहा। थर्मामीटर लगाकर देखिए।” – चतुर अंदाज में, हाथ से थर्मामीटर लगाने का इशारा करते हुए बोलें।
- “मेरे सिर में दर्द हो रहा है। पेट भी दुख रहा है और मुझे बुखार भी है।” – सिर पर एक हाथ और पेट पर दूसरा हाथ रखकर, बीमार और दुखी चेहरा बनाकर बोलें।
- “अब कैसा है सिरदर्द?” – बड़े लोगों जैसा स्वर बनाकर, चिंता और स्नेह दिखाते हुए बोलें।
- “आज इसे कुछ खाने को मत देना।” आराम करने दो। शाम को देखेंगे। – परवाह भरे स्वर में, बीमार बच्चे की ओर देखकर और हाथ से इशारा करते हुए बोलें।
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