Advertisements
Advertisements
प्रश्न
जब बच्चा बीमार पड़ने का बहाना बनाकर बिस्तर पर लेटा रहा तो उसके मन में कौन-कौन से भाव आ रहे थे?
(संकेत– मन में उत्पन्न होने वाले विकार या विचार को भाव कहते हैं, उदाहरण के लिए – क्रोध, दुख, भय, करुणा, प्रेम आदि।)
विस्तार में उत्तर
Advertisements
उत्तर
बच्चा रजाई में पड़े-पड़े बहुत बेचैन हो गया और उसके मन में निम्नलिखित भाव उठने लगे:
- बोरियत और अधीरता: उसे सोचकर आश्चर्य हुआ कि पूरा दिन कोई कैसे लेटा रह सकता है। रजाई में पड़े रहना उसे बहुत ऊबाऊ लगने लगा।
- बाहर की चहल-पहल देखने की तीव्र इच्छा: उसका मन करता कि वह बाहर निकलकर देखे कि चंदूभाई ड्राइक्लीनर क्या कर रहे हैं, तेजराम की दुकान पर कितने ग्राहक बैठे हैं और टेलीफोन के तारों पर कितनी चिड़ियाँ बैठी हैं।
- खेलने का मन: उसे लगा कि सारे बच्चे आँगन में हल्ला मचाकर खेल रहे होंगे और वह बिस्तर में पड़ा 'झख' मार रहा होगा।
- पछतावा: उसने सोचा कि इससे तो स्कूल चला जाता। सजा मिलती तो भी ठीक था। रिसेस में ठेले पर नमक-मिर्च लगे अमरूद खाने का मज़ा उसे याद आ गया।
- भूख और स्वादिष्ट चीज़ों की लालसा: उसे बहुत भूख लगी। नींद में भी उसे गरमागरम खस्ता कचौड़ी, मावे की बर्फी, बेसन की चिकी, गोलगप्पे और साबूदाने की खीर ही दिखाई देने लगीं।
- दुख और रुआँसापन: होमवर्क की चिंता ने उसे रुआँसा कर दिया कि वह किससे कॉपी माँगेगा।
- जलन (ईर्ष्या) और क्रोध: घरवालों को दाल-चावल और तली हुई हरी मिर्च खाते देखकर उसका मुँह देखने लगा। मुन्नू को आम चूसते देखकर उसके मन में जलन, गुस्सा और कुढ़न भर आ गया।
इस प्रकार बच्चे के मन में बोरियत, अधीरता, इच्छा, पछतावा, भूख, दुख, जलन और क्रोध जैसे भाव उठ रहे थे। अंत में उसे अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने ठान लिया कि अब कभी बीमारी का बहाना नहीं बनाएगा।
shaalaa.com
क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
