हिंदी

NCERT solutions for हिन्दी मल्हार कक्षा ७ chapter 8 - बिरजू महाराज से साक्षात्कार [Latest edition]

Advertisements

Chapters

NCERT solutions for हिन्दी मल्हार कक्षा ७ chapter 8 - बिरजू महाराज से साक्षात्कार - Shaalaa.com
Advertisements

Solutions for Chapter 8: बिरजू महाराज से साक्षात्कार

Below listed, you can find solutions for Chapter 8 of CBSE NCERT for हिन्दी मल्हार कक्षा ७.


पाठ सेपाठ से आगे
पाठ से [Pages 104 - 107]

NCERT solutions for हिन्दी मल्हार कक्षा ७ 8 बिरजू महाराज से साक्षात्कार पाठ से [Pages 104 - 107]

मेरी समझ से - नीचे दिए गए प्रश्नों का सबसे सही उत्तर कौन-सा है? उनके सामने तारा (*) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

(क) (1)Page 104

बिरजू महाराज ने गंडा बाँधने की परंपरा में परिवर्तन क्यों किया होगा?

  • वे गुरु के प्रति शिष्य के निष्ठा भाव को परखना चाहते थे।

  • वे नृत्य शिक्षण के लिए इस परंपरा को महत्वपूर्ण नहीं मानते थे।

  • वे नृत्य के प्रति शिष्य के लगन व समर्पण भाव को जाँचना चाहते थे।

  • वे शिष्य की भेंट देने की सामर्थ्य को परखना चाहते थे।

(क) (2)Page 104

“जीवन में उतार चढ़ाव तो होता ही है।” बिरजू महाराज के जीवन में किस तरह के उतार-चढ़ाव आए?

  • पिता के देहांत के बाद आर्थिक अभावों का सामना करना पड़ा।

  • कोई भी संस्था नृत्य प्रस्तुतियों के लिए आमंत्रित नहीं करती थी।

  • किसी समय विशेष में घर में सुख-समृद्धि थी।

  • नृत्य के औपचारिक प्रशिक्षण के अवसर बहुत ही सीमित हो गए थे।

(क) (3)Page 104

बिरजू महाराज के अनुसार बच्चों को लय के साथ खेलने की अनुशंसा क्यों की जानी चाहिए?

  • संगीत, नृत्य, नाटक और सभी कलाएँ बच्चों में मानवीय मूल्यों का विकास नहीं करती हैं।

  • कला संबंधी विषयों से जुड़ाव बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

  • कला भी एक खेल है, जिसमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है।

  • वर्तमान समय में कला भी एक सफल माध्यम नहीं है।

(ख)Page 104

अब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुनें?

मिलकर करें मिलान

1.Page 105

पाठ में से चुनकर कुछ शब्द एवं शब्द समूह नीचे दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें इनके सही संदर्भों या अवधारणाओं से मिलाइए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं।

शब्द संदर्भ या अवधारणा
1. कर्नाटक संगीत शैली 1. भारत की प्राचीन गायन-वादन गीत-नृत्य अभिनय परंपरा का अभिन्न अंग है। इसमें शब्दों की अपेक्षा सुरों का महत्व होता है। इसमें नियमों की प्रधानता होती है।
2. घराना 2. भारतीय शास्त्रीय संगीत की एक शैली, जो मुख्य रूप से दक्षिण भारत के राज्यों में प्रचलित है। इसमें स्वर शैली की प्रधानता होती है। जल तरंगम, वीणा, मृदंग, मंडोलिन वाद्ययंत्रों से संगत दी जाती है।
3. शास्त्रीय संगीत 3. हिंदू धर्म के 16 संस्कारों में एक है, यह कान में सोने या चाँदी का तार पहनाने से संबंधित है।
4. हिंदुस्तानी संगीत शैली 4. हिंदुस्तानी संगीत में कलाकारों का एक समुदाय या कुटुंब, जो संगीत नृत्य की विशिष्ट शैली साझा करते हैं। संगीत या नृत्य की परंपरा, जिसमें सिद्धांत और शैली पीढ़ी-दर-पीढ़ी प्रशिक्षण के द्वारा आगे बढ़ती है।
5. कनछेदन 5. किसी क्षेत्र विशेष में लोक द्वारा किए जाने वाले पारंपरिक नृत्य। लोक नृत्य, क्षेत्र विशेष की संस्कृति एवं रीति-रिवाजों को दर्शाते हैं। ये विशेष रूप से फसल कटाई, उत्सवों आदि के अवसर पर किए जाते हैं।
6. लोक नृत्य 6. भारतीय शास्त्रीय संगीत की एक शैली, जो मुख्य रूप से उत्तर भारत के राज्यों में प्रचलित है। तबला, सारंगी, सितार, संतूर वाद्ययंत्रों से संगत दी जाती है। इसके प्रमुख रागों की संख्या छह है।

शीर्षक

1.Page 105

इस पाठ का शीर्षक ‘बिरजू महाराज से साक्षात्कार’ है। यदि आप इस साक्षात्कार को कोई अन्य नाम देना चाहते हैं तो क्या नाम देंगे? आपने यह नाम क्यों सोचा? लिखिए।

पंक्तियों पर चर्चा

1.Page 106

साक्षात्कार में से चुनकर एक वाक्य नीचे दिया गया है। इसे ध्यान से पढ़िए और इस पर विचार कीजिए। आपको इसका क्या अर्थ समझ में आया? अपना विचार लिखिए।

“तुम नौकरी में बँट जाओगे। तुम्हारे अंदर का नर्तक पूरी तरह पनप नहीं पाएगा।”

2.Page 106

साक्षात्कार में से चुनकर एक वाक्य नीचे दिया गया है। इसे ध्यान से पढ़िए और इस पर विचार कीजिए। आपको इसका क्या अर्थ समझ में आया? अपना विचार लिखिए।

“नृत्य में शरीर, ध्यान और तपस्या का साधन होता है।”

3.Page 106

साक्षात्कार में से चुनकर एक वाक्य नीचे दिया गया है। इसे ध्यान से पढ़िए और इस पर विचार कीजिए। आपको इसका क्या अर्थ समझ में आया? अपना विचार लिखिए।

“कथक में गर्दन को हल्के से हिलाया जाता है, चिराग की लौ के समान।”

सोच-विचार के लिए - साक्षात्कार को एक बार पुनः पढ़िए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए।

1. (क)Page 106

बिरजू महाराज नृत्य का औपचारिक प्रशिक्षण आरंभ होने से पहले ही कथक कैसे सीख गए थे?

1. (ख)Page 106

नृत्य सीखने के लिए संगीत की समझ होना क्यों अनिवार्य है?

1. (ग)Page 106

नृत्य के अतिरिक्त बिरजू महाराज को और किन-किन कार्यों में रुचि थी?

1. (घ)Page 106

बिरजू महाराज ने बच्चों की शिक्षा और रुचियों के बारे में अभिभावकों से क्या कहा है?

2. (क)Page 106

पाठ में से उन प्रसंगों की पहचानकर उन पर चर्चा कीजिए, जिनसे पता चलता है कि–

बिरजू महाराज बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे।

2. (ख)Page 106

पाठ में से उन प्रसंगों की पहचानकर उन पर चर्चा कीजिए, जिनसे पता चलता है कि–

बिरजू महाराज को नृत्य की ऊँचाइयों तक पहुँचाने में उनकी माँ का बहुत योगदान रहा।

2. (ग)Page 106

पाठ में से उन प्रसंगों की पहचानकर उन पर चर्चा कीजिए, जिनसे पता चलता है कि–

बिरजू महाराज महिलाओं के लिए समानता के पक्षधर थे।

शब्दों की बात

(क)Page 106

पाठ में आए हुए कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं, इन्हें ध्यान से पढ़िए–

आजीविका, सीमित, प्रशिक्षण, सुंदरता, आधुनिक, पारंपरिक, भारतीय, सामूहिक, शास्त्रीय

आपने इन शब्दों पर ध्यान दिया होगा कि मूल शब्द के आगे या पीछे कोई शब्दांश जोड़कर नया शब्द बना है। इससे शब्द के अर्थ में परिवर्तन आ गया है। शब्द के आगे जुड़ने वाले शब्दांश उपसर्ग कहलाते हैं, जैसे कि–

अदृश्य – अ + दृश्य

आवरण – आ + वरण

प्रशिक्षण – प्र + शिक्षण

यहाँ पर ‘अ’, ‘आ’, ‘प्र’ उपसर्ग हैं। शब्द के पीछे जुड़ने वाले शब्दांश प्रत्यय कहलाते हैं और मूल शब्द के अर्थ में नवीनता, परिवर्तन या विशेष प्रभाव उत्पन्न करते हैं, जैसे कि–

सीमित – सीमा + इत

सुंदरता – सुंदर + ता

भारतीय – भारत + ईय

सामूहिक – समूह + इक

यहाँ पर ‘इत’, ‘ता’, ‘ईय’, और ‘इक’ प्रत्यय हैं।

(ख)Page 107

नीचे दो तबले हैं, एक में कुछ शब्दांश (उपसर्ग व प्रत्यय) हैं, दूसरे तबले में मूल शब्द हैं। इनकी सहायता से नए शब्द बनाइए:

चित्र में एक घड़े पर अलग-अलग स्वर और अक्षर लिखे हुए दिखाई दे रहे हैं। चित्र में एक घड़े पर शब्द लिखे हुए दिखाई दे रहे हैं, जैसे धर्म, राष्ट्र, संस्कृति, नाम आदि।
_____________________
_____________________
_____________________
_____________________
_____________________
_____________________
_____________________
(ग) 1.Page 107

इस पाठ में से उपसर्ग की सहायता से बने कुछ और शब्द छाँटकर उनसे वाक्य बनाइए।

(ग) 2.Page 107

इस पाठ में से प्रत्यय की सहायता से बने कुछ और शब्द छाँटकर उनसे वाक्य बनाइए।

शब्दों का प्रभाव - पाठ में आए नीचे दिए गए वाक्य पढ़िए–

1.Page 107

“कुछ कथिक डर गए किंतु उन कथिकों की कला में इतना दम था कि डाकू सब कुछ भूलकर उन कथिकों के कथक में मग्न हो गए।”

इस वाक्य में रेखांकित शब्द ‘इतना’ हटाकर वाक्य पढ़िए और पहचानिए कि क्या परिवर्तन आया है?

2.Page 107

पाठ में आए हुए वाक्यों में से ऐसे ही कुछ और शब्द ढूँढ़कर उन्हें रेखांकित कीजिए जिनके प्रयोग से वाक्य में विशेष प्रभाव उत्पन्न होता है?

पाठ से आगे [Pages 108 - 112]

NCERT solutions for हिन्दी मल्हार कक्षा ७ 8 बिरजू महाराज से साक्षात्कार पाठ से आगे [Pages 108 - 112]

कला का संसार

(क)Page 108

बिरजू महाराज– “कथक की पुरानी परंपरा को तो कायम रखा है। हाँ, उसके प्रस्तुतीकरण में बदलाव किए हैं।” इस कथन को ध्यान में रखते हुए लिखिए कि कथक की प्रस्तुतियों में किस प्रकार के परिवर्तन आए हैं?

(ख)Page 108

लोकनृत्य और शास्त्रीय नृत्य में क्या अंतर है? लिखिए।

(इस प्रश्न के उत्तर के लिए आप अपने सहपाठियों, अभिभावकों, शिक्षकों, पुस्तकालय या इंटरनेट की सहायता भी ले सकते हैं।)

(ग)Page 108

“बैरगिया नाला जुलुम जोर,
नौ कथिक नचावें तीन चोर।
जब तबला बोले धीन-धीन,
तब एक-एक पर तीन-तीन।”

इस पाठ में हरिया गाँव में गाए जाने वाले उपर्युक्त पद का उल्लेख है। आप अपने क्षेत्र में गाए जाने वाले किसी लोकगीत को कक्षा में प्रस्तुत कीजिए।

साक्षात्कार की रचना

1.Page 108
प्रस्तुत पाठ की विधा ‘साक्षात्कार’ है। सामान्यतः इसे बातचीत या भेंटवार्ता का पर्याय मान लिया जाता है, लेकिन यह भेंटवार्ता से इस संदर्भ में भिन्न है कि इसका एक निश्चित उद्देश्य और ढाँचा होता है। यह साक्षात्कार किसी नौकरी या पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के लिए होने वाले साक्षात्कार से बिल्कुल भिन्न है। प्रस्तुत साक्षात्कार एक प्रकार से व्यक्तिपरक साक्षात्कार है। इसका उद्देश्य साक्षात्कारदाता के निजी जीवन, उनके कामकाज, उपलब्धियों, रुचि-अरुचि, विचारों आदि को पाठकों के सामने लाना है। किसी भी प्रकार के साक्षात्कार के लिए पर्याप्त तैयारी, संवेदनशीलता और धैर्य की आवश्यकता होती है। साक्षात्कार की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि साक्षात्कारदाता के संदर्भ में कितना शोध किया गया है और प्रश्न किस प्रकार के बनाए गए हैं।

प्रस्तुत ‘साक्षात्कार’ के आधार पर बताइए–

(क) साक्षात्कार से पहले क्या-क्या तैयारियाँ की गई होंगी?

(ख) आप इस साक्षात्कार में और क्या-क्या प्रश्न जोड़ना चाहेंगे?

(ग) यह साक्षात्कार एक सुप्रसिद्ध कलाकार का है। यदि आपको किसी सब्जी विक्रेता, रिक्शा चालक, घरेलू सहायक या सहायिका का साक्षात्कार लेना हो तो आपके प्रश्न किस प्रकार के होंगे?

सृजन

(क)Page 109

आपके विद्यालय में कथक नृत्य का आयोजन होने जा रहा है।

आप दर्शकों को कथक नृत्यकला के बारे में क्या-क्या बताएँगे? लिखिए।

(ख)Page 109

आपके विद्यालय में कथक नृत्य का आयोजन होने जा रहा है।

इस कार्यक्रम की सूचना देने के लिए एक विज्ञापन तैयार कीजिए।

(ग)Page 109

आपके विद्यालय में कथक नृत्य का आयोजन होने जा रहा है।

यदि इस नृत्य कार्यक्रम में कोई दृष्टिबाधित दर्शक है और वह नृत्य का आनंद लेना चाहे तो इसके लिए विद्यालय की ओर से क्या व्यवस्था की जानी चाहिए?

आज की पहेली

1.Page 109

“अगर नर्तक को सुर-ताल की समझ है तो वह जान पाएगा कि यह लहरा ठीक नहीं है, इसके माध्यम से नृत्य अंगों में प्रवेश नहीं करेगा।” संगीत में लय को प्रदर्शित करने के लिए ताल का सहारा लिया जाता है। किसी भी गीत की पंक्तियों में लगने वाले समय को मात्राओं द्वारा ठीक उसी प्रकार मापा जाता है, जैसे दैनिक जीवन में व्यतीत हो रहे समय को हम सेकेंड के द्वारा मापते हैं। ताल कई मात्रा समूहों का संयुक्त रूप होता है। संगीत के समय को मापने की सबसे छोटी इकाई मात्रा है और ताल कई मात्राओं का संयुक्त रूप है। जिस तरह घंटे में मिनट और मिनट में सेकेंड होते हैं, उसी तरह ताल में मात्रा होती है। आज हम आपके लिए ताल से जुड़ी एक अनोखी पहेली लाए हैं।

एक विद्यार्थी ने अपनी डायरी में अपने विद्यालय के किसी एक दिन का उल्लेख किया है। उस उल्लेख में संगीत की कुछ तालों के नाम आए हैं। आप उन तालों के नाम ढूँढ़िए-

 
2.Page 110

अब नीचे दी गई शब्द पहेली में से संगीत की उन तालों के नाम ढूँढ़कर लिखिए-

साझी समझ

1.Page 112

अभी आपने शास्त्रीय नृत्यों को निकटता से जाना समझा। पाँच-पाँच विद्यार्थियों के समूह में भारत के लोक नृत्यों की सूची बनाइए और उनकी विशिष्टताओं का पता लगाइए।

नीचे दिए गए भारत के मानचित्र में राज्यानुसार शास्त्रीय एवं लोक नृत्य दर्शाइए।

Solutions for 8: बिरजू महाराज से साक्षात्कार

पाठ सेपाठ से आगे
NCERT solutions for हिन्दी मल्हार कक्षा ७ chapter 8 - बिरजू महाराज से साक्षात्कार - Shaalaa.com

NCERT solutions for हिन्दी मल्हार कक्षा ७ chapter 8 - बिरजू महाराज से साक्षात्कार

Shaalaa.com has the CBSE Mathematics हिन्दी मल्हार कक्षा ७ CBSE solutions in a manner that help students grasp basic concepts better and faster. The detailed, step-by-step solutions will help you understand the concepts better and clarify any confusion. NCERT solutions for Mathematics हिन्दी मल्हार कक्षा ७ CBSE 8 (बिरजू महाराज से साक्षात्कार) include all questions with answers and detailed explanations. This will clear students' doubts about questions and improve their application skills while preparing for board exams.

Further, we at Shaalaa.com provide such solutions so students can prepare for written exams. NCERT textbook solutions can be a core help for self-study and provide excellent self-help guidance for students.

Concepts covered in हिन्दी मल्हार कक्षा ७ chapter 8 बिरजू महाराज से साक्षात्कार are व्याकरण, उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल).

Using NCERT हिन्दी मल्हार कक्षा ७ solutions बिरजू महाराज से साक्षात्कार exercise by students is an easy way to prepare for the exams, as they involve solutions arranged chapter-wise and also page-wise. The questions involved in NCERT Solutions are essential questions that can be asked in the final exam. Maximum CBSE हिन्दी मल्हार कक्षा ७ students prefer NCERT Textbook Solutions to score more in exams.

Get the free view of Chapter 8, बिरजू महाराज से साक्षात्कार हिन्दी मल्हार कक्षा ७ additional questions for Mathematics हिन्दी मल्हार कक्षा ७ CBSE, and you can use Shaalaa.com to keep it handy for your exam preparation.

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×