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बिरजू महाराज ने बच्चों की शिक्षा और रुचियों के बारे में अभिभावकों से क्या कहा है?

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प्रश्न

बिरजू महाराज ने बच्चों की शिक्षा और रुचियों के बारे में अभिभावकों से क्या कहा है?

विस्तार में उत्तर
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उत्तर

बिरजू महाराज ने अभिभावकों से विनती की है कि यदि बच्चे की रुचि है तो उसे लय के साथ खेलने दें। संगीत-नृत्य भी अन्य खेलों की तरह एक खेल है, जिसमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। इस खेल से बच्चे को संतुलन, समय का अंदाजा और समय के सदुपयोग की समझ मिलती है, जो बच्चे के बौद्धिक विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। साथ ही उनका मानना है कि लड़कियों के पास शिक्षा या कोई-न-कोई हुनर अवश्य होना चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। हुनर ऐसा खजाना है, जिसे कोई नहीं छीन सकता और वक्त पड़ने पर काम आता है।

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अध्याय 8: बिरजू महाराज से साक्षात्कार - पाठ से [पृष्ठ १०६]

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एनसीईआरटी Hindi Malhar Class 7
अध्याय 8 बिरजू महाराज से साक्षात्कार
पाठ से | Q 1. (घ) | पृष्ठ १०६
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