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Solutions for Chapter 2: तीन बुद्धिमान
Below listed, you can find solutions for Chapter 2 of CBSE NCERT for हिन्दी मल्हार कक्षा ७.
NCERT solutions for हिन्दी मल्हार कक्षा ७ 2 तीन बुद्धिमान पाठ से [Pages 20 - 25]
मेरी समझ से - लोककथा के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन सा है? उसके सामने तारा (*) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।
लोककथा में पिता ने अपने बेटों से “धन संचय करने' को कहा। उनकी इस बात का क्या अर्थ हो सकता है?

खेती-बारी करना और धन इकट्ठा करना
पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि का विकास करना
ऊँट का व्यापार करना
गाँव छोड़कर किसी नगर में जाकर बसना
तीनों भाइयों ने अपने ज्ञान और बुद्धि का उपयोग करके ऊँट के बारे में बहुत कुछ बता दिया। इससे क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है? 
बुद्धि का प्रयोग करके ऊँट के बारे में सब-कुछ बताया जा सकता है।
समस्या को सुलझाने के लिए ध्यान से निरीक्षण करना महत्वपूर्ण है।
किसी व्यक्ति का ज्ञान, बुद्धि और धन ही सबसे बड़ी ताकत है।
ऊँट के बारे में जानने के लिए दूसरों पर भरोसा करना चाहिए।
राजा ने भाइयों की बुद्धिमत्ता पर विश्वास क्यों किया?

भाइयों ने अपनी बात को तर्क के साथ समझाया।
राजा को ऊँट के स्वामी की बातों पर संदेह था।
राजा ने स्वयं ऊँट और पेटी की जाँच कर ली थी।
भाइयों ने राजा को अपनी बात में उलझा लिया था।
लोककथा के पात्रों और घटनाओं के आधार पर, राजा के निर्णय के पीछे कौन-सा मूल्य छिपा है?
दोषी को कड़ा से कड़ा दंड देना हर समस्या का सबसे बड़ा समाधान है।
अच्छी तरह जाँच किए बिना किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहिए।
राजा की प्रत्येक बात और निर्णय को सदा सही माना जाना चाहिए।
ऊँट की चोरी के निर्णय के लिए सेवक की बुद्धि का उपयोग करना चाहिए।
हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने भिन्न-भिन्न उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुनें।
पंक्तियों पर चर्चा
पाठ में से चुनकर एक पंक्ति नीचे दी गई है। इसे ध्यान से पढ़िए और इस पर विचार कीजिए। आपको इसका क्या अर्थ समझ में आया? अपना विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए।
रुपये-पैसे के स्थान पर तुम्हारे पास पैनी दृष्टि होगी और सोने-चाँदी के स्थान पर तीव्र बुद्धि होगी। ऐसा धन संचित कर लेने पर तुम्हें कभी किसी प्रकार की कमी न रहेगी और तुम दूसरों की तुलना में उन्नीस नहीं रहोगे।
पाठ में से चुनकर एक पंक्ति नीचे दी गई है। इसे ध्यान से पढ़िए और इस पर विचार कीजिए। आपको इसका क्या अर्थ समझ में आया? अपना विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए।
हर वस्तु और स्थिति को पूर्णत: समझने और जानने का प्रयास करो। कुछ भी तुम्हारी दृष्टि से न बच पाए।
पाठ में से चुनकर एक पंक्ति नीचे दी गई है। इसे ध्यान से पढ़िए और इस पर विचार कीजिए। आपको इसका क्या अर्थ समझ में आया? अपना विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए।
हमने अपने परिवेश को पैनी दृष्टि से देखने और बुद्धि से सोचने के प्रयास में बहुत समय लगाया है।
मिलकर करें मिलान
इस लोककथा में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे स्तंभ 1 में दिए गए हैं। उनके भाव या अर्थ से मिलते-जुलते वाक्य स्तंभ 2 में दिए गए हैं। स्तंभ 1 के वाक्यों को स्तंभ 2 के उपयुक्त वाक्यों से सुमेलित कीजिए-
| स्तंभ 1 | स्तंभ 2 |
|---|---|
| 1. कुछ समय पश्चात् पिता चल बसे। | 1. घोड़े पर सवार व्यक्ति ने तीनों भाइयों को अविश्वास से देखा। |
| 2. हम कहीं भी क्यों न हों, भूखे नहीं मरेंगे। | 2. थोड़े समय के बाद पिता का देहांत हो गया। |
| 3. घुड़सवार ने तीनों भाइयों को शंका की दृष्टि से देखा। | 3. लोग इतने अचंभित थे कि उनका आश्चर्य व्यक्त करना कठिन था। |
| 4. बचपन से ही हमें ऐसी आदत पड़ गई है कि हम कुछ भी अपनी दृष्टि से नहीं बचने देते। | 4. बचपन से ही हमें आदत हो गई है कि हम हर छोटी-बड़ी वस्तु पर ध्यान अवश्य देते हैं। |
| 5. लोगों के आश्चर्य का कोई ठिकाना न था। | 5. हम चाहे जहाँ भी हों, हमें खाने के लिए कुछ न कुछ मिल ही जाएगा। |
सोच-विचार के लिए - लोककथा को एक बार फिर ध्यान से पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए-
तीनों भाइयों ने बिना ऊँट को देखे उसके विषय में कैसे बता दिया था?
आपके अनुसार इस लोककथा में सबसे अधिक महत्व किस बात को दिया गया है- तार्किक सोच, अवलोकन या सत्यवादिता? लोककथा के आधार पर समझाइए।
लोककथा में राजा ने पहले भाइयों पर संदेह किया, लेकिन बाद में उन्हें निर्दोष माना। राजा की सोच क्यों बदल गई?
ऊँट के स्वामी ने भाइयों पर तुरंत संदेह क्यों किया? आपके विचार से उसे क्या करना चाहिए था जिससे उसे अपना ऊँट मिल जाता?
पिता ने बेटों को दूसरे प्रकार का धन संचित करने की सलाह क्यों दी? इससे पिता के बारे में क्या-क्या पता चलता है?
राजा ने भाइयों की परीक्षा लेने के लिए पेटी का उपयोग किया। इस परीक्षा से राजा के व्यक्तित्व और निर्णय शैली के बारे में क्या-क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
आप इस लोककथा के भाइयों की किस विशेषता को अपनाना चाहेंगे और क्यों?
अनुमान और कल्पना से - अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए-
यदि राजा ने बिना जाँच के भाइयों को दोषी ठहरा दिया होता तो इस लोककथा का क्या परिणाम होता?
यदि भाइयों ने अनार के बारे में सही अनुमान न लगाया होता तो लोककथा का अंत किस प्रकार होता? अपने विचार व्यक्त करें।
लोककथा में यदि तीनों भाई ऊँट को खोजने जाते तो उन्हें कौन-कौन सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता था?
यदि राजा के स्थान पर आप होते तो भाइयों की परीक्षा लेने के लिए किस प्रकार के सवाल या गतिविधियाँ करते? अपनी कल्पना साझा करें।
शब्द से जुड़े शब्द
नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘बुद्धि’ से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए-

कारक
नीचे दिए गए वाक्य में कारक लिखकर इन्हें पूरा कीजिए-
‘‘हमने तो तुम्हारे ऊँट ______ देखा तक नहीं’’, भाइयों ______ परेशान होते हुए कहा।
नीचे दिए गए वाक्य में कारक लिखकर इन्हें पूरा कीजिए-
‘‘मैं अपने रेवड़ों ______ पहाड़ों ______ लिये जा रहा था”, उसने कहा, ‘‘और मेरी पत्नी मेरे छोटे-से बेटे ______ साथ एक बड़े से ऊँट ______ मेरे पीछे-पीछे आ रही थी।’’
नीचे दिए गए वाक्य में कारक लिखकर इन्हें पूरा कीजिए-
राजा ______ उसी समय अपने मंत्री ______ बुलाया और उसके कान ______ कुछ फुसफुसाया।
नीचे दिए गए वाक्य में कारक लिखकर इन्हें पूरा कीजिए-
यह सुनकर राजा ______ पेटी ______ पास लाने ______ आदेश दिया। सेवकों ______ तुरंत आदेश पूरा किया। राजा ______ सेवकों ______ पेटी खोलने ______ लिए कहा।
सूचनापत्र
कल्पना कीजिए कि आप इस लोककथा के वह घुड़सवार हैं जिसका ऊँट खो गया है। आप अपने ऊँट को खोजने के लिए एक सूचना कागज पर लिखकर पूरे शहर में जगह-जगह चिपकाना चाहते हैं। अपनी कल्पना और लोककथा में दी गई जानकारी के आधार पर एक सूचनापत्र लिखिए।
NCERT solutions for हिन्दी मल्हार कक्षा ७ 2 तीन बुद्धिमान पाठ से आगे [Pages 26 - 28]
आपकी बात
लोककथा में तीन भाइयों की पैनी दृष्टि की बात कही गई है। क्या आपने कभी अपनी पैनी दृष्टि का प्रयोग किसी समस्या को हल करने के लिए किया है? उस समस्या और आपके द्वारा दिए गए हल के विषय में लिखिए।
लोककथा में बताया गया है कि भाइयों ने “बचपन से हर वस्तु पर ध्यान देने की आदत डाली।’’ यदि आपने ऐसा किया है तो आपको अपने जीवन में इसके क्या-क्या लाभ मिलते हैं?
लोककथा में भाइयों को यात्रा करते समय अनेक कठिनाइयाँ आईं, जैसे- भूख, थकान और पैरों में छाले। आप अपने दैनिक जीवन में किन-किन कठिनाइयों का सामना करते हैं? लिखिए।
भाइयों ने बिना देखे ही ऊँट के बारे में सही-सही बातें बताईं। क्या आपको लगता है कि अनुभव और समझ से देखे बिना भी सही निर्णय लिया जा सकता है? क्या आपने भी कभी ऐसा किया है?
जब ऊँट के स्वामी ने भाइयों पर शंका की तो भाइयों ने बिना गुस्सा किए शांति से उत्तर दिया। क्या आपको लगता है कि कभी किसी को संदेह होने पर हमें भी शांत रहकर उत्तर देना चाहिए? क्या आपने कभी ऐसी स्थिति का सामना किया है? ऐसे में आपने क्या किया?
राजा ने भाइयों की बुद्धिमानी देखकर बहुत आश्चर्य व्यक्त किया। क्या आपको कभी किसी की सोच, समझ या किसी विशेष कौशल को देखकर आश्चर्य हुआ है? क्या आपने कभी किसी से कुछ ऐसा सीखा है जो आपके लिए बिलकुल नया और चौंकाने वाला हो?
लोककथा में पिता ने अपने बेटों को यह सलाह दी कि वे समझ और ज्ञान जमा करें। क्या आपको कभी किसी बड़े व्यक्ति से ऐसी कोई सलाह मिली है जो आपके जीवन में उपयोगी रही हो? क्या आप भी अपने अनुभव से किसी को ऐसी सलाह देंगे?
भाइयों ने अपने ऊपर लगे आरोपों के होते हुए भी सदा सच्चाई का साथ दिया। क्या आपको लगता है कि सदा सच बोलना महत्वपूर्ण है, भले ही स्थिति कठिन क्यों न हो? क्या आपको किसी समय ऐसा लगा है कि आपकी सच्चाई ने आपको समस्याओं से बाहर निकाला हो?
ध्यान से देखना-सुनना-अनुभव करना
“बचपन से ही हमें ऐसी आदत पड़ गई है कि हम किसी वस्तु को अपनी दृष्टि से नहीं चूकने देते। हमने वस्तुओं को पैनी दृष्टि से देखने और बुद्धि से सोचने के प्रयास में बहुत समय लगाया है।”
इस लोककथा में तीनों भाई आसपास की प्रत्येक घटना, वस्तु आदि को ध्यान से देखते, सुनते, सूँघते और अनुभव करते हैं अर्थात् अपनी ज्ञानेंद्रियों और बुद्धि का पूरा उपयोग करते हैं। ज्ञानेंद्रियाँ पाँच होती है- आँख, कान, नाक, जीभ और त्वचा। आँख से देखकर, कान से सुनकर, नाक से सूँघकर, जीभ से चखकर और त्वचा से स्पर्श करके हम किसी वस्तु के विषय में ज्ञान प्राप्त करते हैं। आइए, अब एक खेल खेलते हैं जिसमें आपको अपनी ज्ञानेंद्रियों और बुद्धि का उपयोग करने के अवसर मिलेंगे।
'हाँ’ या ’नहीं’ प्रश्न-उत्तर खेल
चरण-
- एक विद्यार्थी कक्षा से बाहर जाकर दिखाई देने वाली किसी एक वस्तु या स्थान का नाम चुनेगा। कक्षा के भीतर से भी कोई नाम चुना जा सकता है।
- विद्यार्थी वापस कक्षा में आएगा और उस नाम को एक कागज पर लिख लेगा। लेकिन ध्यान रहे, वह कागज पर लिखे नाम को किसी को न दिखाए।
- अन्य विद्यार्थी बारी-बारी से उस वस्तु का नाम पता करने के लिए प्रश्न पूछेंगे।
- प्रत्येक प्रश्न का उत्तर केवल ‘हाँ’ या ‘नहीं’ में दिया जाएगा।
उदाहरण के लिए-- क्या इस वस्तु का उपयोग कक्षा में होता है?
- क्या यह खाने-पीने की चीज़ है?
- क्या यह लकड़ी से बनी है?
- क्या यह बिजली से चलती है?
- सभी विद्यार्थी अधिकतम 20 प्रश्न ही पूछ सकते हैं। इसलिए उन्हें सोच-समझकर प्रश्न पूछने होंगे ताकि वे उस वस्तु का नाम पता कर सकें।
- यदि 20 प्रश्नों के अंदर विद्यार्थी वस्तु का सही अनुमान लगा लेते हैं तो वे जीत जाएँगे।
- अब दूसरे विद्यार्थी को बाहर भेजकर गतिविधि दोहराएँगे।
- गतिविधि के अंत में सभी मिलकर इस खेल से जुड़े अपने अनुभवों के बारे में चर्चा करें।
गतिविधि- ‘स्पर्श, गंध और स्वाद से पहचानना’
- एक थैले या डिब्बे में (सावधानीपूर्वक एवं सुरक्षित) विभिन्न वस्तुएँ (जैसे- फल, फूल, मसाले, खिलौने, कपड़े, किताब, गुड़ आदि) रखें।
- विद्यार्थियों को आँखों पर पट्टी बाँधकर केवल स्पर्श, गंध या स्वाद का उपयोग करके वस्तु की पहचान करनी होगी और उसका नाम बताना होगा।
- बारी-बारी से प्रत्येक विद्यार्थी को बुलाकर उसकी आँखों पर पट्टी बाँधे।
- उसे डिब्बे से एक वस्तु दी जाए। विद्यार्थी उसे छूकर, सूँघकर, चखकर पहचानने का प्रयास करेंगे।
- सही पहचान करने के बाद विद्यार्थी बताएँगे कि उन्होंने उस वस्तु को कैसे पहचाना।
- एक-एक करके सभी विद्यार्थियों को अलग-अलग वस्तुओं को पहचानने का अवसर मिलेगा।
- अंत में सभी वस्तुओं को कक्षा में दिखाएँ और उनके बारे में चर्चा करें कि किस वस्तु को पहचानना आसान या कठिन लगा।
आज की पहेली
कौन है यह प्राणी?
- इसकी लंबी पूँछ होती है जो पेड़ों की शाखाओं के चारों ओर लिपटी रहती है।
- इसका मुख्य आहार कीट और छोटे जीव होते हैं जिन्हें यह चुपके से पकड़ता है।
- यह प्राणी अपने परिवेश में घुल-मिल जाता है और अपनी रंगत को बदल सकता है।
- इसके पास तेज आँखें होती हैं जो चारों दिशाओं में देख सकती हैं
रंगीन डिब्बे
एक मेज पर चार रंगीन डिब्बे बराबर-बराबर रखे हैं- लाल, हरा, नीला और पीला। बताइए पीले डिब्बे के बराबर में कौन-सा डिब्बा है? यदि-
- लाल डिब्बा नीले डिब्बे के पास है।
- हरा डिब्बा पीले डिब्बे के पास नहीं है।
- पीला डिब्बा लाल डिब्बे के पास नहीं है।
- हरा डिब्बा लाल डिब्बे के पास है।
Solutions for 2: तीन बुद्धिमान

NCERT solutions for हिन्दी मल्हार कक्षा ७ chapter 2 - तीन बुद्धिमान
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