हिंदी

Sin[2cot-1(-512)] का मान ज्ञात कीजिए। - Mathematics (गणित)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

`sin[2cot^-1 ((-5)/12)]` का मान ज्ञात कीजिए।

योग
Advertisements

उत्तर

मान लीजिए `cot^-1 ((-5)/12)` = y.

तब cot y = `(-5)/12`

अब `sin[2cot^-1 ((-5)/12)]` = sin 2y

= 2sin y cos y

= `2(12/13)((-5)/13)`  ......`["क्योंकि" cot y < 0, "so"  y ∈(pi/2, pi)]`

= `(-120)/169`

shaalaa.com
प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2: प्रतिलोम तिरिकोंमितिया फलन - हल किए हुए उदाहरण [पृष्ठ २३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Mathematics [Hindi] Class 12
अध्याय 2 प्रतिलोम तिरिकोंमितिया फलन
हल किए हुए उदाहरण | Q 11 | पृष्ठ २३

संबंधित प्रश्न

`sec(tan^-1 y/2)` का मान ज्ञात कीजिए।


`cos[sin^-1  1/4 + sec^-1  4/3]` का मान ज्ञात कीजिए।


सिद्ध कीजिए कि `2sin^-1 3/5 - tan^-1 17/31 = pi/4`


x के वे मान ज्ञात कीजिए जो समीकरण sin–1x + sin–1(1 – x) = cos–1x को संतुष्ट करते हैं।


sec-1 की मुख्य मान शाखा है।


`sin^-1 ((-sqrt(3))/2)` का मुख्य मान है।


फलन y = sin–1 (- x2) का प्रांत है।


y = cos–1(x2 – 4) का प्रांत है।


sin (2 sin–1 (.6)) का मान है।


यदि α ≤ 2 sin–1x + cos–1x ≤ β, तब


सिद्ध कीजिए कि `cot(pi/4 - 2cot^-1 3)` = 7


समीकरण `tan^-1 sqrt(x(x + 1)) + sin^-1 sqrt(x^2 + x + 1) = pi/2` के वास्तविक हल ज्ञात कीजिए।


सिद्ध कीजिए कि `tan^-1  1/4 + tan^-1  2/9 = sin^-1  1/sqrt(5)`


दर्शाइए कि `tan(1/2 sin^-1  3/4) = (4 - sqrt(7))/3` तथा इसका भी औचित्य बताइए कि दूसरा मान `(4 + sqrt(7))/3` को क्यों नहीं लिया गया है।


निम्नलिखित में से कौन सा cosec-1x की मूख्य शाखा है?


यदि 3 tan-1x + cot-1x = , तो x बराबर होता है।


यदि `cos(sin^-1 2/5 + cos^-1x)` = 0 , तो x का मान है।


`cos^-1 (cos  (3pi)/2)` का मान है।


व्यंजक `2 sec^-1 2 + sin^-1 (1/2)` का मान है।


यदि tan–1x + tan–1y = `(4pi)/5`, तो cot–1x + cot–1y बराबर है।


`cot[cos^-1 (7/25)]` का मान है।


यदि cos–1α + cos–1β + cos–1γ = 3π, तब α(β + γ) + β(γ + α) + γ(α + β) बराबर है।


`sin^-1 (sin  (3pi)/5)` का मान ______ है।


यदि `cos(tan^-1x + cot^-1 sqrt(3))` = 0, तब x का मान ______ है।


`sec^-1 (1/2)` के मानों का समुच्चय ______ है।


प्रत्येक त्रिकोणमितीय फलन का उनके संगत प्रांतों में प्रतिलोम फलन का अस्तित्व होता है।


व्यंजक (cos-1X)2 का मान Sec2x के बराबर है।


त्रिकोणमितीय फलनों के प्रांतों का उनकी किसी भी शाखा ( आवश्यक नहीं कि मुख्य शाखा हो) में प्रतिबंधित किया जा सकता है ताकि उनका प्रतिलोम फलन प्राप्त हो सके।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×