Advertisements
Advertisements
Question
यदि 2 tan-1(cos ) = tan-1(2 cosec ), तो दिखाइए कि θ = `π /4`.
Advertisements
Solution
2 tan–1(cos θ) = tan–1(2 cosec θ)
⇒ `tan^-1 ((2costheta)/(1 - cos^2 theta)) = tan^-1(2 "cosec" theta)` ......`["क्योंकि" 2tan^-1x = tan^-1 (2x)/(1 - x^2)]`
⇒ `(2costheta)/(1 - cos^2theta)` = 2 cosec θ
⇒ `(2costheta)/(sin^2theta) = 2/sintheta`
⇒ cos θ sin θ = sin2θ
⇒ cos θ sin θ – sin2θ = 0
⇒ sin θ(cos θ – sin θ) = 0
⇒ sin θ = 0 or cos θ – sin θ = 0
⇒ sin θ = 0 or 1 – tan θ = 0
⇒ θ = 0 or tan θ = 1
⇒ θ = 0° or θ = `pi/4`
इसलिए साबित हुआ।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
`tan^-1 (tan (9pi)/8)` का मान ज्ञात कीजिए।
tan (tan-1(-4)) को परिकलित कीजिए।
`sec(tan^-1 y/2)` का मान ज्ञात कीजिए।
x के वे मान ज्ञात कीजिए जो समीकरण sin–1x + sin–1(1 – x) = cos–1x को संतुष्ट करते हैं।
समीकरण `sin^-1 6x + sin^-1 6sqrt(3)x = - pi/2` को हल कीजिए।
दर्शाइए कि
`2tan^-1 {tan alpha/2 * tan(pi/4 - beta/2)} = tan^-1 (sin alpha cos beta)/(cosalpha + sinbeta)`
निम्न में से कौन सा tan-1 की मुख्य मान शाखा है?
`sin^-1 (cos((43pi)/5))` का मान है।
`sin^-1 ((-sqrt(3))/2)` का मुख्य मान है।
`tan^-1 (tan (5pi)/6) +cos^-1(cos (13pi)/6)` का मान निकालिए।
`tan^-1 (- 1/sqrt(3)) + cot^-1(1/sqrt(3)) + tan^-1(sin((-pi)/2))` का मान निकालिए।
`tan^-1 (tan (2pi)/3)` का मान निकालिए।
दर्शाइए कि `2tan^-1 (-3) = (-pi)/2 + tan^-1 ((-4)/3)`
दर्शाइए कि `cos(2tan^-1 1/7) = sin(4tan^-1 1/3)`
सिद्ध कीजिए कि `sin^-1 8/17 + sin^-1 3/5 = sin^-1 77/85`
`4tan^-1 1/5 - tan^-1 1/239` का मान ज्ञात कीजिए।
निम्न में से कौन सा cos-1x की मुख्य शाखा है?
निम्नलिखित में से कौन सा cosec-1x की मूख्य शाखा है?
व्यंजक `2 sec^-1 2 + sin^-1 (1/2)` का मान है।
`cot[cos^-1 (7/25)]` का मान है।
यदि cos–1x > sin–1x, हो तो
`sin^-1 (sin (3pi)/5)` का मान ______ है।
`sec^-1 (1/2)` के मानों का समुच्चय ______ है।
`tan^-1 sqrt(3)` का मुख्य मान ______ है।
व्यंजक `tan((sin^-1x + cos^-1x)/2)`, जहाँ x = `sqrt(3)/2` है, का मान ______ है।
प्रत्येक त्रिकोणमितीय फलन का उनके संगत प्रांतों में प्रतिलोम फलन का अस्तित्व होता है।
त्रिकोणमितीय फलनों के प्रांतों का उनकी किसी भी शाखा ( आवश्यक नहीं कि मुख्य शाखा हो) में प्रतिबंधित किया जा सकता है ताकि उनका प्रतिलोम फलन प्राप्त हो सके।
