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Question
सवर्णदीर्घसन्धिः।
______ + ओघः = गङ्गौघः।
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Solution
गङ्गा + ओघः = गङ्गौघः।
RELATED QUESTIONS
सन्धिविग्रहं कुरुत।
कुतो विद्या = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
कुतो विद्यार्थिन: = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
तदेव = ______ + एव।
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
नित्यम् × ______
सन्धिं कुरुत।
वसुधा + एव = ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
नद्यः - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
शरीरम् - ............।
एकवचने परिवर्तयत।
नार्यः पूज्यन्ते।
रूपपरिचयं कुरुत।
अम्भसा
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
शास्त्रविदः - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
तथैव = ______
विरुदधार्थकं शब्दं लिखत।
शुष्कम् × ______
उचितं कारणं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत।
मात्रा स्वशाटिका आर्द्रा कृता यतः ______।
समानार्थकशब्दं लिखत।
कोषः - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
अमरकोषः - ______
विशेषण-विशेष्य-अन्वितिं पूरयत।
| विशेषणम् | विशेष्यम् |
| ______ | पुत्रः |
| लिखितम् | ______ |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
ममाज्ञया = ______
विशेषणं लिखत।
______ नभस्तलम्।
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
मृगः - ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
अयं घटः सक्तुपिष्टेन पूर्णः।
वर्णविग्रहं कुरुत।
रूपाढ्याम् - ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
अनुष्टुभ् = ______
पूर्वकालवाचकयोः उपयोगं कृत्वा दीर्घ वाक्यं कुरुत।

मर्कटः वृक्षात् ______ पेटिकां ______ टोपिकां ______ मस्तके ______ वृक्षम् आरोहति।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
अ/आ + अ/आ = आ
लेखनस्य + ______ = लेखनस्याशयः।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
ऋ, ॠ + ऋ ,ॠ = ॠ
भ्रातृ + ______ = भ्रातृषभः।
भवान्/भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवती बन्धनं मुञ्चताम्।
भवान्/भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवती प्रार्थयताम्।
अयादिसन्धिः।
ए/ए + कोऽपि स्वरः = अय्/आय्
______ + अपि = मत्यायपि/मत्या अपि।
योग्यरूपं योजयत।
सर्वे ______ ज्ञानं पूजयन्ति। (जिज्ञासु)
योग्यरूपं योजयत।
नारदः ______ शरणं गच्छति। (विष्णु)
योग्यरूपं योजयत।
______ पूर्णे नेत्रे। (अश्रु)
चतुर्थं पदं लिखत।
धेनु - धेन्वा :: रज्जु - ______।
चतुर्थं पदं लिखत।
हनु - हनूः :: तनु - ______।
पूर्वकालवाचक -धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
ब्रह्मदेवः वाल्मीकिम् ______ (उप + दिश्) अवदत्।
पूर्वकालवाचक-धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
धनं ______ (लभ्) सोमदत्तः महानगरम् असरत्।
त्वान्तं/ल्यबन्तम् अव्ययं निष्कासयत।
दीपेशः गीतं स्मृत्वा गायति।
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
न कश्चन मातरं वा मातृदेशं वा विस्मरेत्।
रूपाभ्यासं कुरुत।
शिक्षेत
उचितलिङ्गानुसार पृथक्कुरुत।
| पुं. | स्त्री. | नपुं. |
| ______ | ______ | ______ |
(योषित्, भूभृत्, दिनकृत्, विद्युत्, वियत्, क्ष्माभृत्, तडित्)
योग्यं रूपं लिखत।
वर्षाकाले ______ (वियत्) तडित् प्रकाशते।
योग्यं रूपं लिखत।
______ (मरुत्) साहाय्येन ______ (विद्युत्) निर्मीयते।
महत् इति तकारान्त विशेषण पठित्वा तालिका पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| महान् नृपः | महान्तौ नृपौ | महान्तः नृपाः | महान् गुरुः | महान्तौ ______ | महान्तः ______ |
| महान् कविः | महान्तौ कवी | महान्तः कवयः | महान् ______ | महान्तौ ऋषी | महान्तः ______ |
| महती शिला | महत्यौ शिले | महत्यः शिलाः | महती ______ | महत्यौ ______ | महत्यः नार्यः |
| महती नदी | महत्यौ नद्यौ | महत्यः नद्यः | महती धेनुः | महत्यौ ______ | महत्यः ______ |
| महत् नगरम् | महती नगरे | महान्ति नगराणि | महत् ______ | महती विश्वे | महान्ति ______ |
| महत् वस्तु | महती वस्तुनि | महान्ति वस्तूनि | महत् सरः | महती ______ | महान्ति ______ |
उचितलिङ्गानुसार पृथक्कुरुत।
| पुं. | स्त्री. | नपुं. |
| ______ | ______ | ______ |
दुर्वासस्, उषस्, तपस्, अम्भस्, तेजस् ओजस्, नभस्, यशस्, स्रोतस्, वेधस्, वयस्, वासस्, पयस्, चेतस्, मनस्।
समस्तपदं लिखत।
सम्भाषणे चतुरः - ______
समस्तपदं लिखत।
काकाय बलिः - ______
समस्तपदं लिखत।
चोरात् भयम् - ______
समस्तपदं लिखत।
भाषायाः अभ्यासः - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
अर्थम् - ______
लकार-तालिकां पूरयत।
लृट् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| क्षालयिष्यति | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | वर्धिष्येथे | ______ | मध्यमपुरुषः | |
| ______ | ______ | कोपिष्यामः | उत्तमपुरुषः |
रूपाणि परिचिनुत।
| अ. क्र. | धातुः | गणः/पदं | कालः | पुरषः | वचनम् | |
| १ | प्राप्स्यामि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| २ | अहरत् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ३ | पूज्यते | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ४ | चोरयतु | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
न + ______ = नास्ति।
सन्धिकोषः।
धनमलब्धं = ______ + अलब्धम्।
सन्धिकोषः।
बकवच्चिन्तयेदर्थान् = बकवत् + ______ + अर्थान्।
सन्धिकोषः।
सिंहवच्च = ______ + च।
सन्धिकोषः।
पश्चिमतानमाहुः = पश्चिमतानम् + ______।
सन्धिकोषः।
धियो हरति = ______ + हरति।
सन्धिकोषः।
कर्तव्यमेव = कर्तव्यम् + ______।
सन्धिकोषः।
समाप्तमन्वेषणकार्यम् = ______ + अन्वेषणकार्यम्।
सन्धिकोषः।
______ = विपरीताः + चेत्।
सन्धिकोषः।
तन्मे = तत् + ______।
सन्धिकोषः।
विक्रयणात्प्रभूतम् = ______ + प्रभूतम्।
सन्धिकोषः।
चिन्तामसम्भाव्याम् = चिन्ताम् + ______।
सन्धिकोषः।
साऽपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
आगतास्मि = ______ + अस्मि।
सन्धिकोषः।
दारकद्वयमुपनीतम् = दारकद्वयम् + ______।
सन्धिकोषः।
करोत्यपहन्ति = ______ + अपहन्ति।
सन्धिकोषः।
मणिर्न = ______ + न।
सन्धिकोषः।
अध्ययनमसम्भवम् = अध्ययनम् + ______।
सन्धिकोषः।
त्वमगमः = ______ + अगमः।
सर्व पुलिङ्ग सर्वनाम।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| सर्वः | ______ | ______ | प्रथमा |
| सर्वम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| सर्वेण | ______ | ______ | तृतीया |
| सर्वस्मै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| सर्वस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| सर्वस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
| सर्वस्मिन् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे सर्व | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
'इदम्' सर्वनाम स्त्रीलिङ्गम्।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| इयम् | ______ | ______ | प्रथमा |
| इमाम्/एनाम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| अनया/एनया | ______ | ______ | तृतीया |
| अस्यै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| अस्याः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| अस्याः | ______ | ______ | षष्ठी |
| अस्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
भवत् आदरार्थकं सर्वनाम।
भवत् - पुंलिङ्गम्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| भवान् | ______ | ______ | प्रथमा |
| भवन्तम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| भवता | ______ | ______ | तृतीया |
| भवते | ______ | ______ | चतुर्थी |
| भवतः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| भवतः | ______ | ______ | षष्ठी |
| भवति | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे भवन् | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
भवत् आदरार्थकं सर्वनाम।
भवत् - स्त्रीलिङ्गम् (भवती)
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| भवती | ______ | ______ | प्रथमा |
| भवतीम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| भवत्या | ______ | ______ | तृतीया |
| भवत्यै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| भवत्याः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| भवत्याः | ______ | ______ | षष्ठी |
| भवत्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे भवति | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
केवलं प्रथमपुरुषस्य क्रियापदेन सह उपयुज्यते किन्तु मध्यमपुरुषस्य दर्शकम्। यथा -
| कर्तृपदम् | लट्लकारः | लङ्लकारः | लोट्लकारः | विधिलिङ्लकारः |
| भवान्/भवती | ______ | ______ | ______ | ______ |
| त्वम् | ______ | ______ | ______ | ______ |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
रक्ष् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
स्पृह् = ______
