Advertisements
Advertisements
Question
महत् इति तकारान्त विशेषण पठित्वा तालिका पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| महान् नृपः | महान्तौ नृपौ | महान्तः नृपाः | महान् गुरुः | महान्तौ ______ | महान्तः ______ |
| महान् कविः | महान्तौ कवी | महान्तः कवयः | महान् ______ | महान्तौ ऋषी | महान्तः ______ |
| महती शिला | महत्यौ शिले | महत्यः शिलाः | महती ______ | महत्यौ ______ | महत्यः नार्यः |
| महती नदी | महत्यौ नद्यौ | महत्यः नद्यः | महती धेनुः | महत्यौ ______ | महत्यः ______ |
| महत् नगरम् | महती नगरे | महान्ति नगराणि | महत् ______ | महती विश्वे | महान्ति ______ |
| महत् वस्तु | महती वस्तुनि | महान्ति वस्तूनि | महत् सरः | महती ______ | महान्ति ______ |
Advertisements
Solution
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| महान् नृपः | महान्तौ नृपौ | महान्तः नृपाः | महान् गुरुः | महान्तौ गुरू | महान्तः गुरवः |
| महान् कविः | महान्तौ कवी | महान्तः कवयः | महान् ऋषिः | महान्तौ ऋषी | महान्तः ऋषयः |
| महती शिला | महत्यौ शिले | महत्यः शिलाः | महती नारी | महत्यौ नार्यौ | महत्यः नार्यः |
| महती नदी | महत्यौ नद्यौ | महत्यः नद्यः | महती धेनुः | महत्यौ धेनु | महत्यः धेनुवः |
| महत् नगरम् | महती नगरे | महान्ति नगराणि | महत् विश्वम् | महती विश्वे | महान्ति विश्वानि |
| महत् वस्तु | महती वस्तुनि | महान्ति वस्तूनि | महत् सरः | महती सरसी | महान्ति सरांसि |
RELATED QUESTIONS
सन्धिविग्रहं कुरुत।
त्यजेत्सुखम् = ______
समानार्थकशब्दं चिनुत।
स्वापः - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
विद्या - ______
एकवचने परिवर्तयत।
वृक्षाः फलन्ति।
सन्धिविग्रह कुरुत।
यत्रैताः - ______
सन्धिविग्रह कुरुत।
एतास्तु - ______
एकवचने परिवर्तयत।
नार्यः पूज्यन्ते।
एकवचने परिवर्तयत।
देवताः रमन्ते।
रूपपरिचयं कुरुत।
पिपासया
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
विद्वान् - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
इत्यपि = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
तथैव = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
कदापि - ______
सूचनानुसारं परिवर्तनं कुरुत।
वयं प्रतिदिनं प्रयतामहे। (एकवचनं कुरुत)
योग्यविशेषणं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत।
छात्राः ग्रन्थालये ______ पुस्तकानि पश्यन्ति।
योग्यविशेषणं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत।
अमरकोषे ______ काण्डानि सन्ति।
समानार्थकशब्दं लिखत।
सरसः - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
विपरीतोऽपि = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
विपरीताश्चेत् = ______
समानार्थकशब्दयुग्मं चिनुत लिखत च।
पक्षिराजः, शूलपाणिः, जलम्, मेघः, शङ्करः, वृक्षः, सिद्धयोगी, गरुडः, तरुः, तोयम्, जलदः, तपस्वी।
क्रमानुसारं सचयत।
अ) त्रि-अक्षरयुक्ते शब्दे 'य' मध्ये तिष्ठति।
आ) शब्दस्य आरम्भे 'न' विद्यते।
इ) शब्दस्य अन्ते अपि 'न' विद्यते।
विशेषणं लिखत।
______ वारिणि।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
त्वं धनिनां वक्त्रं मुहुः न ईक्षसे।
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
असत्यम् - ______
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
पश्यसि - ______
वर्णविग्रहं कुरुत।
रूपाढ्याम् - ______
सूचनानुसार वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
सोमशर्मा मम समीपम् आगमिष्यति। ('मम' स्थाने 'पितृ' शब्दस्य योग्य रूपं लिखत।)
समस्तपदं कुरुत।
लगुडस्य प्रहारः - ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
वेदान्तम् = ______
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
शृगालः द्राक्षाफलम् (खाद्) उत्पतति।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ
गुरु + ______ = गुरूपदेशः।
भवान्/भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवान् शीघ्रं पृच्छतु।
भवान्/भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवत्यः पाकं पचन्तु।
अयादिसन्धिः।
ए/ए + कोऽपि स्वरः = अय्/आय्
कृते + ______ = कृतयायाहि/कृत आयाहि।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ए/ऐ = ऐ
मम + ______ = ममैश्वर्यम्।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ओ/औ = औ
तव + ______ = तवौदार्यम्।
शुद्धं वा अशुद्धम्?
सिंहः तं हतवान्।
योग्यरूपं योजयत।
महादेवः ______ पतिः। (पशु)
योग्यरूपं योजयत।
हिमालयस्य ______ हिमाच्छादितानि। (सानु)
तालिकां पूरयत।
| नामरूपम् | प्रातिपदिकम् | अन्तः | लिङ्गम् | विभक्तिः | वचनम् |
| १. पश्वोः | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| २. साधौ | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ३. जिज्ञासुभिः | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ४. तरूणाम् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ५. दारूणि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
पूर्वकालवाचक -धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
भक्तः विष्णुं ______ (स्मृ) तपश्चरणं करोति।
त्वान्तं/ल्यबन्तम् अव्ययं निष्कासयत।
दीपेशः गीतं स्मृत्वा गायति।
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
कदाचित् अहमपि वैद्या भवेयम्।
रूपाभ्यासं कुरुत।
प्रयतेरन्
रूपाभ्यासं कुरुत।
रमेथाः
समस्तपदं लिखत।
कल्पनाम् अतीतः - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
विकल - ______
'क्त' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
जनैः पूजा ______। (कृ)
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
कविः कवितां ______। (लिख्)
नाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| नीलकण्ठाय | ______ | ______ | चतुर्थी |
| ______ | सरस्वत्योः | ______ | षष्ठी |
| ______ | ______ | नक्षत्राणि | द्वितीया |
लकार-तालिकां पूरयत।
लट् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| वन्दते | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | नृत्यावहे | ______ | उत्तमपुरुषः | |
| ______ | ______ | कथयथ | मध्यमपुरुषः |
रूपाणि परिचिनुत।
| अ. क्र. | धातुः | गणः/पदं | कालः | पुरषः | वचनम् | |
| १ | प्राप्स्यामि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| २ | अहरत् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ३ | पूज्यते | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ४ | चोरयतु | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
सन्धिकोषः।
______ = प्रयासः + च।
सन्धिकोषः।
______ = मासाधिकः + अपि।
सन्धिकोषः।
यत्रैतास्तु = ______ + एताः + ______।
सन्धिकोषः।
______ = बाल्यात् + एव।
सन्धिकोषः।
कृतिरेषा = ______ + एषा।
सन्धिकोषः।
तदपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
तस्यदिर्न = ______ + आदिः + ______।
सन्धिकोषः।
स्वभावकृपणो नाम = ______ + नाम।
सन्धिकोषः।
घटस्तावत् = घटः + ______।
सन्धिकोषः।
ततोऽजाभिः = ततः + ______।
सन्धिकोषः।
दारकद्वयमुपनीतम् = दारकद्वयम् + ______।
सन्धिकोषः।
पुनर्भूयान् = पुनः + ______।
सन्धिकोषः।
तद्यथा = ______ + यथा।
सन्धिकोषः।
अथैकदा = ______ + एकदा।
'सर्व' नपुंसकलिङ्गं सर्वनाम।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| सर्वम् | ______ | ______ | प्रथमा |
| सर्वम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| सर्वेण | ______ | ______ | तृतीया |
| सर्वस्मै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| सर्वस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| सर्वस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
| सर्वस्मिन् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे सर्वे | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
भवत् आदरार्थकं सर्वनाम।
भवत् - स्त्रीलिङ्गम् (भवती)
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| भवती | ______ | ______ | प्रथमा |
| भवतीम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| भवत्या | ______ | ______ | तृतीया |
| भवत्यै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| भवत्याः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| भवत्याः | ______ | ______ | षष्ठी |
| भवत्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे भवति | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
नमः = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
समीपे = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
गम् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
कुप् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
दा-यच्छ् = ______
