Advertisements
Advertisements
Question
विशेषण-विशेष्य-अन्वितिं पूरयत।
| विशेषणम् | विशेष्यम् |
| ______ | पुत्रः |
| लिखितम् | ______ |
Advertisements
Solution
| विशेषणम् | विशेष्यम् |
| कथितः | पुत्रः |
| लिखितम् | पत्रम् |
RELATED QUESTIONS
सन्धिविग्रहं कुरुत।
चानृतम् = ______
सन्धिं कुरुत।
किम् + नु = ______
समानार्थकशब्दं चिनुत।
स्वापः - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
विद्या - ______
सन्धिं कुरुत।
परः + वा + इति = ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
नद्यः - ______
एकवचने परिवर्तयत।
देवताः रमन्ते।
रूपपरिचयं कुरुत।
अम्भसा
रूपपरिचयं कुरुत।
महताम्
रूपपरिचयं कुरुत।
पिपासया
समानार्थकशब्दं योजयित्वा वाक्यं पुनर्लिखत।
चातकः पयसः कणान् जलधरं याचते।
श्लोकात् सङ्ख्यावाचकानि चिनुत लिखत च।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
पाठकश्चैव = ______ + च + ______।
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
कार्यकर्ता - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
इत्यपि = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
तथैव = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
कदापि - ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
वयं वित्तकोषे धनस्य सङ्ग्रहं कुर्मः।
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
वर्तन्ते - ______
सूचनानुसारं वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
छात्राः अमरकोषं कण्ठस्थं कुर्वन्ति स्म। ('स्म' निष्कासयत)
समानार्थकशब्दं लिखत।
सुलभम् - ______
योग्यविशेषणं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत।
अमरकोषे ______ काण्डानि सन्ति।
समानार्थकशब्दयुग्मं चिनुत लिखत च।
पक्षिराजः, शूलपाणिः, जलम्, मेघः, शङ्करः, वृक्षः, सिद्धयोगी, गरुडः, तरुः, तोयम्, जलदः, तपस्वी।
सन्धिं कुरुत।
तव + अपि (अ + अ) = ______
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
शष्पम् - ______
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
पश्यसि - ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
स्वभावकृपणः अजाद्वयं क्रेष्यति।
वर्णविग्रहं कुरुत।
दुर्भिक्षम् - ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
आत्रेयी वाल्मीकिमहर्षेः आश्रमात् दण्डकारण्यम् आगता।
विशेषण-विशेष्य-मेलनं कुरुत।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| सहचरः | पोषितौ |
| विलापः | अश्रुतपूर्वा |
| कुशलवौ | करुणः |
| वाणी | निश्चेष्टः |
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
काकः जलं (पा-पिब्) घटे उपविशति।
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
भीमं (हन्) दुर्योधनः कपटम् अकरोत्।
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
शशकः निद्रां (कृ) अगच्छत्।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ
गुरु + ______ = गुरूपदेशः।
अयादिसन्धिः।
ओ/औ + कोऽपि स्वरः = अव्/आव्
तौ + ______ = तावपि।
अयादिसन्धिः।
ओ/औ + कोऽपि स्वरः = अव्/आव्
______ + अपि = उभावपि
शुद्धं वा अशुद्धम्?
अहं शाकानि कर्तितवान्।
लङ्लकारस्य स्थाने क्तवतु-रूपाणि योजयित्वा परिच्छेदं लिखत।
गते रविवासरे वयं सर्वे भ्रमणार्थम् अगच्छाम। मातुलः विविधफलानि आनयत्। भ्रातरः क्रीडासाहित्यं समचिन्वन्। पितृव्या कूप्यः अपूरयत। अन्ये यानेन अगच्छन्। अहं मम पित्रा सह द्विचक्रिकया अगच्छम्।तत्र वयं विविधाः क्रीडाः अक्रीडाम। मातुलानी मधुरं गीतम् अगायत्। भगिन्यः अपि बहूनि गीतानि अगायन्। मध्याहे माता कटम् अस्थापयत् भोजनसाहित्यं च अरचयत।
योग्यरूपं योजयत।
महादेवः ______ पतिः। (पशु)
योग्यरूपं योजयत।
हे ______, रक्ष माम्। (परभु)
योग्यरूपं योजयत।
तस्मै ______ नमः। (गुरु)
योग्यरूपं योजयत।
मयूरस्य ______ दीर्घा। (चञ्चु)
योग्यरूपं योजयत।
______ रसः मधुरः। (इक्षु)
योग्यरूपं योजयत।
______ पूर्णे नेत्रे। (अश्रु)
पूर्वकालवाचक-धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
गर्दभः ______ (गै) आरभत रात्रौ।
त्वान्तं/ल्यबन्तम् अव्ययं निष्कासयत।
दीपेशः गीतं स्मृत्वा गायति।
त्वान्तं/ल्यबन्तम् अव्ययं निष्कासयत।
राधा दुग्धं पीत्वा फलं खादतु।
तालिकां पूरयत।
| क्रियापदम् | मूलधातुः | गणः, पदम् | लकारः | पुरुषः | वचनम् |
| १. क्षमस्व | ______ | ______ | लोट् | ______ | ______ |
| २. लभताम् | ______ | १ आ.प. | ______ | ______ | ______ |
| ३. नृत्यन्तु | ______ | ______ | ______ | ______ | बहुवचनम् |
| ४. रचय | रच् | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ५. उत्तरत | उत् + तृ-तर् | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ६. लिखत | ______ | ६ प. प. | ______ | ______ | ______ |
| ७. गायाम | ______ | ______ | लोट् | ______ | ______ |
| ८. भवन्तु | ______ | ______ | ______ | प्रथम | ______ |
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
कदाचित् अहमपि वैद्या भवेयम्।
तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | ______ | जगन्ति | प्रथमा |
| अप्सरसा | ______ | ______ | तृतीया |
| ______ | ______ | मरुत्सु | सप्तमी |
| ______ | भूभृतोः | ______ | षष्ठी |
| सरितः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| ______ | तेजसी | ______ | द्वितीया |
| ______ | ______ | उषस्सु | सप्तमी |
महत् इति तकारान्त विशेषण पठित्वा तालिका पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| महान् नृपः | महान्तौ नृपौ | महान्तः नृपाः | महान् गुरुः | महान्तौ ______ | महान्तः ______ |
| महान् कविः | महान्तौ कवी | महान्तः कवयः | महान् ______ | महान्तौ ऋषी | महान्तः ______ |
| महती शिला | महत्यौ शिले | महत्यः शिलाः | महती ______ | महत्यौ ______ | महत्यः नार्यः |
| महती नदी | महत्यौ नद्यौ | महत्यः नद्यः | महती धेनुः | महत्यौ ______ | महत्यः ______ |
| महत् नगरम् | महती नगरे | महान्ति नगराणि | महत् ______ | महती विश्वे | महान्ति ______ |
| महत् वस्तु | महती वस्तुनि | महान्ति वस्तूनि | महत् सरः | महती ______ | महान्ति ______ |
समस्तपदं लिखत।
कल्पनाम् अतीतः - ______
समस्तपदं लिखत।
जलस्य बिन्दुः - ______
समस्तपदं लिखत।
काकाय बलिः - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
आढ्य - ______
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| अस्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| ______ | ______ | भवतीभ्यः | चतुर्थी |
| ______ | इमे | इमानि | प्रथमा |
लकार-तालिकां पूरयत।
लोट् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| करोतु | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | पूजयतम् | ______ | मध्यमपुरुषः | |
| ______ | ______ | गच्छाम | उत्तमपुरुषः |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
भानु + ______ = भानूदयः
सन्धिकोषः।
चाङ्गलाघवम् - च + ______।
सन्धिकोषः।
नासाग्रमालोकयेद् = ______ + आलोकयेत्।
सन्धिकोषः।
पश्चिमतानमाहुः = पश्चिमतानम् + ______।
सन्धिकोषः।
षड्भिर्योगो = षड्भिः + ______।
सन्धिकोषः।
परोपकारार्थमिदम् = ______ + इदम्।
सन्धिकोषः।
पापमपाकरोति = ______ + अपाकरोति।
सन्धिकोषः।
कवेरमरसिंहस्य = कवेः + ______।
सन्धिकोषः।
किङ्करो नैकोऽपि = ______ + नैकः + ______।
सन्धिकोषः।
तवाप्यस्ति = ______ + अपि + ______।
सन्धिकोषः।
यत्परिपूर्णोऽयम् = यत् + ______ + अयम्।
सन्धिकोषः।
ततस्तेन = ______ + तेन।
सन्धिकोषः।
विक्रयणात्प्रभूतम् = ______ + प्रभूतम्।
सन्धिकोषः।
चिन्तामसम्भाव्याम् = चिन्ताम् + ______।
सन्धिकोषः।
राज्याभिषेकादनन्तरम् = राज्याभिषेकात् + ______।
सन्धिकोषः।
दारकद्वयमुपनीतम् = दारकद्वयम् + ______।
सन्धिकोषः।
______ = यथा + एव।
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
प्रति = ______
