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Question
रूपपरिचयं कुरुत।
अम्भसा
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Solution
| रुपम् | प्रातिपदिकम् | अन्त्यः | नाम/विशेषणम् | लिङ्गम् | विभक्तिः | वचनम् |
| अम्भसा | अम्भस् | 'स' कारान्त | नाम | नपुंसकलिङ्गम् | तृतीया | एकवचनम् |
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सन्धिविग्रहं कुरुत।
कुतो विद्यार्थिन: = ______
विरुद्धार्थकशब्द लिखत।
अधिकम् × ______
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
बोद्धव्याः - ______
वर्णविग्रहं कुरुत।
पादतलौ - ______
श्लोकात् 'क्त' प्रत्ययान्तरूपाणि (क. भू. धा. वि.) चिनुत लिखत च।
क्रमानुसारं सचयत।
अ) त्रि-अक्षरयुक्ते शब्दे 'य' मध्ये तिष्ठति।
आ) शब्दस्य आरम्भे 'न' विद्यते।
इ) शब्दस्य अन्ते अपि 'न' विद्यते।
प्राप्तम् उत्तरम् -
| ____ | ____ | ____ |
सन्धि कुरुत।
तस्य + आदिः (अ + आ) = ______
विशेषणं लिखत।
______ वारिणि।
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
पश्यसि - ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
अयं घटः सक्तुपिष्टेन पूर्णः।
सूचनानुसार वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
कश्चित् धनिकः स्वकन्यां मह्यं दास्यति। (लट्लकारे परिवर्तयत।)
सूचनानुसार वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
बालकस्य सोमशर्मा इति नाम करिष्यामि। (कर्तृपदस्थाने 'सः' योजयत।)
विशेषण-विशेष्य-मेलनं कुरुत।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| सहचरः | पोषितौ |
| विलापः | अश्रुतपूर्वा |
| कुशलवौ | करुणः |
| वाणी | निश्चेष्टः |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
अ/आ + अ/आ = आ
नव + ______ = नवापि।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
अ/आ + अ/आ = आ
______ + अत्र = तथात्र।
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
शृगालः द्राक्षाफलम् (खाद्) उत्पतति।
भवान्/ भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवान् अत्र उपविशतु।
अयादिसन्धिः।
ए/ए + कोऽपि स्वरः = अय्/आय्
______ + अपि = मत्यायपि/मत्या अपि।
अयादिसन्धिः।
ओ/औ + कोऽपि स्वरः = अव्/आव्
______ + अपि = उभावपि
यणसन्धिः।
उ/ऊ + विजातीयः स्वरः = व्।
मनु + ______ = मन्वन्तरम्।
शुद्धं वा अशुद्धम्?
सिंहः तं हतवान्।
चतुर्थं पदं लिखत।
शम्भु - शम्भूना :: शिशु - ______।
पूर्वकालवाचक -धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
ब्रह्मदेवः वाल्मीकिम् ______ (उप + दिश्) अवदत्।
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
यः गणपतिस्तोत्रं जपेत् सः षडभिः मासैः फलं लभेत।
रूपाभ्यासं कुरुत।
विन्देमहि
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| अस्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| ______ | ______ | भवतीभ्यः | चतुर्थी |
| ______ | इमे | इमानि | प्रथमा |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
करोमि + ______ = करोम्यहम्।
सन्धिकोषः।
धनुरासनमुच्यते = ______ + उच्यते।
सन्धिकोषः।
सङ्गीतमपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
सर्वमेव = सर्वम् + ______।
सन्धिकोषः।
धियो हरति = ______ + हरति।
सन्धिकोषः।
वयमपि = वयम् + ______।
सन्धिकोषः।
नाहम् = न + ______।
सन्धिकोषः।
तवाप्यस्ति = ______ + अपि + ______।
सन्धिकोषः।
तन्मे = तत् + ______।
सन्धिकोषः।
राज्याभिषेकादनन्तरम् = राज्याभिषेकात् + ______।
सर्व पुलिङ्ग सर्वनाम।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| सर्वः | ______ | ______ | प्रथमा |
| सर्वम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| सर्वेण | ______ | ______ | तृतीया |
| सर्वस्मै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| सर्वस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| सर्वस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
| सर्वस्मिन् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे सर्व | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
भवत् आदरार्थकं सर्वनाम।
भवत् - पुंलिङ्गम्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| भवान् | ______ | ______ | प्रथमा |
| भवन्तम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| भवता | ______ | ______ | तृतीया |
| भवते | ______ | ______ | चतुर्थी |
| भवतः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| भवतः | ______ | ______ | षष्ठी |
| भवति | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे भवन् | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
