Advertisements
Advertisements
Question
यणसन्धिः।
ऋ/ॠ + विजातीयः स्वरः = र्।
मातृ + ______ = मात्रिच्छा।
Advertisements
Solution
मातृ + इच्छा = मात्रिच्छा।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
सन्धिं कुरुत।
किम् + नु = ______
स्तम्भमेलनं कुरुत।
| अ | आ |
| स्वीयम् | गणना |
| चिन्तनम् | वसुधा |
| अन्यः | निजः |
| पृथिवी | परः |
समानार्थकशब्दं लिखत।
नद्यः - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
चातकः + ______ = चातकस्त्रिचतुरान्।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
चान्ये = ______ + अन्ये।
विरुदधार्थकं शब्दं लिखत।
सत्वरम् × ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
कोषः - ______
वाक्यं शुद्धं कुरुत।
अमरकोषे तिस्त्रः काण्डानि सन्ति।
सन्धि कुरुत।
तस्य + आदिः (अ + आ) = ______
विशेषणैः जालरेखाचित्रं पूरयत।

श्लोकात् षष्ठयन्तपदे चिनुत लिखत च।
वर्णविग्रहं कुरुत।
दुर्भिक्षम् - ______
सूचनानुसार वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
अहं लगुडेन कुक्कुरं ताडयिष्यामि। (लृट्स्थाने लिङ्प्रयोगं कुरुत)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
व्याधेन क्रौञ्चः बाणेन विद्धः।
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
अनुष्टुभ् = ______
विशेषण-विशेष्य-मेलनं कुरुत।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| सहचरः | पोषितौ |
| विलापः | अश्रुतपूर्वा |
| कुशलवौ | करुणः |
| वाणी | निश्चेष्टः |
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
शृगालः द्राक्षाफलम् (खाद्) उत्पतति।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
इ/ई + इ/ई = ई
परि + ______ = परीक्षा।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ओ/औ = औ
______ + ओजः = ममौजः।
योग्यरूपं योजयत।
तस्मै ______ नमः। (गुरु)
योग्यरूपं योजयत।
______ पूर्णे नेत्रे। (अश्रु)
पूर्वकालवाचक -धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
भक्तः विष्णुं ______ (स्मृ) तपश्चरणं करोति।
हेत्वर्थक-अव्ययानि प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
भार्गवः ______ (स्ना) गङ्गानदी गच्छति।
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
आरोग्यं भास्करात् इच्छेत्।
रूपाभ्यासं कुरुत।
पठेत्
महत् इति तकारान्त विशेषण पठित्वा तालिका पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| महान् नृपः | महान्तौ नृपौ | महान्तः नृपाः | महान् गुरुः | महान्तौ ______ | महान्तः ______ |
| महान् कविः | महान्तौ कवी | महान्तः कवयः | महान् ______ | महान्तौ ऋषी | महान्तः ______ |
| महती शिला | महत्यौ शिले | महत्यः शिलाः | महती ______ | महत्यौ ______ | महत्यः नार्यः |
| महती नदी | महत्यौ नद्यौ | महत्यः नद्यः | महती धेनुः | महत्यौ ______ | महत्यः ______ |
| महत् नगरम् | महती नगरे | महान्ति नगराणि | महत् ______ | महती विश्वे | महान्ति ______ |
| महत् वस्तु | महती वस्तुनि | महान्ति वस्तूनि | महत् सरः | महती ______ | महान्ति ______ |
लकार-तालिकां पूरयत।
लिङ् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| ______ | रक्षेतम् | ______ | मध्यमपुरुषः | |
| ______ | ______ | विद्येमहि | उत्तमपुरुषः | |
| भवेत् | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
करोमि + ______ = करोम्यहम्।
सन्धिकोषः।
______ = प्रयासः + च।
सन्धिकोषः।
तबलावादनेऽपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
कर्तव्यमेव = कर्तव्यम् + ______।
सन्धिकोषः।
स्वदेशमपाहरन् = ______ + अपाहरन्।
सन्धिकोषः।
किङ्करो नैकोऽपि = ______ + नैकः + ______।
सन्धिकोषः।
य इदम् = यः + ______।
सन्धिकोषः।
यत्परिपूर्णोऽयम् = यत् + ______ + अयम्।
सन्धिकोषः।
दारकद्वयमुपनीतम् = दारकद्वयम् + ______।
भवत् आदरार्थकं सर्वनाम।
भवत् - स्त्रीलिङ्गम् (भवती)
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| भवती | ______ | ______ | प्रथमा |
| भवतीम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| भवत्या | ______ | ______ | तृतीया |
| भवत्यै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| भवत्याः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| भवत्याः | ______ | ______ | षष्ठी |
| भवत्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे भवति | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
अभितः = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
नमः = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
कुप् = ______
