Advertisements
Advertisements
Question
नाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | वस्तुभ्याम् | ______ | तृतीया |
| पितरि | ______ | ______ | सप्तमी |
| ______ | ______ | धेनुभ्यः | पञ्चमी |
Advertisements
Solution
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| वस्तुना | वस्तुभ्याम् | वस्तुभिः | तृतीया |
| पितरि | पित्रोः | पितषु | सप्तमी |
| धेनोः/धेन्वाः | धेनुभ्याम् | धेनुभ्यः | पञ्चमी |
RELATED QUESTIONS
सन्धिविग्रहं कुरुत।
कुतो विद्या = ______
विरुद्धार्थकशब्दं लिखत।
परः × ______
रूपपरिचयं कुरुत।
महताम्
अमरकोषपङ्क्तिं लिखत।
जलधरः
सन्धिविग्रहं कुरुत।
लघुभारमिव = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
इत्यपि = ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
इतोऽपि = ______
वर्णविग्रहं कुरुत।
स्नानस्य - ______
सूचनानुसारं परिवर्तनं कुरुत।
अहं द्विवारं स्नानं करोमि स्म। ('स्म' निष्कासयत)
विरुदधार्थकं शब्दं लिखत।
स्वच्छम् × ______
मेलनं कुरुत।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| १. कपाटिका | १. सुलभम् |
| २. कोषग्रन्थः | २. विशाला |
| ३. कण्ठस्थीकरणम् | ३. भिन्नाः |
| ४. अर्थाः | ४. पद्यमयः |
समानार्थकशब्दं लिखत।
अमरकोषः - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
ममाज्ञया = ______
क्रमानुसारं सचयत।
अ) त्रि-अक्षरयुक्ते शब्दे 'य' मध्ये तिष्ठति।
आ) शब्दस्य आरम्भे 'न' विद्यते।
इ) शब्दस्य अन्ते अपि 'न' विद्यते।
श्लोकात् षष्ठयन्तपदानि चिनुत लिखत च।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
तस्याधस्तात् = ______
सूचनानुसार वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
अहं लगुडेन कुक्कुरं ताडयिष्यामि। (लृट्स्थाने लिङ्प्रयोगं कुरुत)
समानार्थकशब्दं लिखत।
कृपणः - ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
सुवर्णम् - ______
समस्तपदं कुरुत।
स्वभावेन कृपणः - ______
समस्तपदं कुरुत।
लगुडस्य प्रहारः - ______
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
मुनयः वनप्रदेशे निवसन्ति। (एकवचने परिवर्तयत।)
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
रचय रामचरितम्। (लिङ्लकारे परिवर्तयत।)
पूर्वकालवाचकयोः उपयोगं कृत्वा दीर्घ वाक्यं कुरुत।

मर्कटः वृक्षात् ______ पेटिकां ______ टोपिकां ______ मस्तके ______ वृक्षम् आरोहति।
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
शशकः निद्रां (कृ) अगच्छत्।
धातो हेत्वर्थकम् अव्ययं प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
सः पत्रं (लिख्) लेखनीं स्वीकरोति।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
उ/ऊ + उ/ऊ = ऊ
गुरु + ______ = गुरूपदेशः।
सवर्णदीर्घसन्धिः।
ऋ, ॠ + ऋ ,ॠ = ॠ
भ्रातृ + ______ = भ्रातृषभः।
भवान्/भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवती प्रार्थयताम्।
अयादिसन्धिः।
ए/ए + कोऽपि स्वरः = अय्/आय्
तस्मै + ______ = तस्मायपि/तस्मा अपि।
अयादिसन्धिः।
ओ/औ + कोऽपि स्वरः = अव्/आव्
______ + एव = द्वावेव।
अयादिसन्धिः।
ओ/औ + कोऽपि स्वरः = अव्/आव्
______ + आस्ताम् = सुहदावास्ताम्।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ए/ऐ = ऐ
मम + ______ = ममैश्वर्यम्।
शुद्धं वा अशुद्धम्?
आपणिकः देवं नतवती।
लङ्लकारस्य स्थाने क्तवतु-रूपाणि योजयित्वा परिच्छेदं लिखत।
गते रविवासरे वयं सर्वे भ्रमणार्थम् अगच्छाम। मातुलः विविधफलानि आनयत्। भ्रातरः क्रीडासाहित्यं समचिन्वन्। पितृव्या कूप्यः अपूरयत। अन्ये यानेन अगच्छन्। अहं मम पित्रा सह द्विचक्रिकया अगच्छम्।तत्र वयं विविधाः क्रीडाः अक्रीडाम। मातुलानी मधुरं गीतम् अगायत्। भगिन्यः अपि बहूनि गीतानि अगायन्। मध्याहे माता कटम् अस्थापयत् भोजनसाहित्यं च अरचयत।
योग्यरूपं योजयत।
नारदः ______ शरणं गच्छति। (विष्णु)
योग्यरूपं योजयत।
मयूरस्य ______ दीर्घा। (चञ्चु)
चतुर्थं पदं लिखत।
धेनु - धेन्वा :: रज्जु - ______।
पूर्वकालवाचक-धातुसाधित-अव्ययं उपयुज्य वाक्यं लिखत।
धनं ______ (लभ्) सोमदत्तः महानगरम् असरत्।
त्वान्तं/ल्यबन्तम् अव्ययं निष्कासयत।
सुवर्णा प्रातः उत्थाय ग्रामम् अगच्छत्।
रूपाभ्यासं कुरुत।
रचयेम
रूपाभ्यासं कुरुत।
संरक्षेम
योग्यं रूपं लिखत।
वर्षाकाले ______ (वियत्) तडित् प्रकाशते।
योग्यं रूपं लिखत।
______ (मरुत्) साहाय्येन ______ (विद्युत्) निर्मीयते।
महत् इति तकारान्त विशेषण पठित्वा तालिका पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| महान् नृपः | महान्तौ नृपौ | महान्तः नृपाः | महान् गुरुः | महान्तौ ______ | महान्तः ______ |
| महान् कविः | महान्तौ कवी | महान्तः कवयः | महान् ______ | महान्तौ ऋषी | महान्तः ______ |
| महती शिला | महत्यौ शिले | महत्यः शिलाः | महती ______ | महत्यौ ______ | महत्यः नार्यः |
| महती नदी | महत्यौ नद्यौ | महत्यः नद्यः | महती धेनुः | महत्यौ ______ | महत्यः ______ |
| महत् नगरम् | महती नगरे | महान्ति नगराणि | महत् ______ | महती विश्वे | महान्ति ______ |
| महत् वस्तु | महती वस्तुनि | महान्ति वस्तूनि | महत् सरः | महती ______ | महान्ति ______ |
समस्तपदं लिखत।
कल्पनाम् अतीतः - ______
समस्तपदं लिखत।
ज्ञानस्य लालसा - ______
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
अर्थम् - ______
'क्त' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
जनैः पूजा ______। (कृ)
'क्त' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
अनया कथा ______। (रच्)
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
पुरुषः कार्यं ______। (कृ)
लकार-तालिकां पूरयत।
लङ् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| ______ | ______ | अपठाम् | उत्तमपुरुषः | |
| ______ | आस्ताम् | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | ______ | अलभध्वम् | मध्यमपुरुषः |
लकार-तालिकां पूरयत।
लोट् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| करोतु | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | पूजयतम् | ______ | मध्यमपुरुषः | |
| ______ | ______ | गच्छाम | उत्तमपुरुषः |
लकार-तालिकां पूरयत।
लिङ् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| ______ | रक्षेतम् | ______ | मध्यमपुरुषः | |
| ______ | ______ | विद्येमहि | उत्तमपुरुषः | |
| भवेत् | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः |
लकार-तालिकां पूरयत।
लृट् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| क्षालयिष्यति | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | वर्धिष्येथे | ______ | मध्यमपुरुषः | |
| ______ | ______ | कोपिष्यामः | उत्तमपुरुषः |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
भानु + ______ = भानूदयः
सवर्णदीर्घसन्धिः।
सदा + ______ = सदैव।
सन्धिकोषः।
स्थैर्यमारोग्यं = ______ + आरोग्यम्।
सन्धिकोषः।
तच्छवासनम् = ______ + शवासनम्।
सन्धिकोषः।
अधुनापि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
यत्रैतास्तु = ______ + एताः + ______।
सन्धिकोषः।
परैस्तु = ______ + तु।
सन्धिकोषः।
प्रतिदिनमिव = ______ + इव।
सन्धिकोषः।
कवेरमरसिंहस्य = कवेः + ______।
सन्धिकोषः।
______ = विपरीताः + चेत्।
सन्धिकोषः।
यत्परिपूर्णोऽयम् = यत् + ______ + अयम्।
सन्धिकोषः।
विक्रयणात्प्रभूतम् = ______ + प्रभूतम्।
सन्धिकोषः।
राज्याभिषेकादनन्तरम् = राज्याभिषेकात् + ______।
सन्धिकोषः।
करोत्यपहन्ति = ______ + अपहन्ति।
सन्धिकोषः।
अयमध्ययनप्रत्यूहः = अयम् + ______।
सर्व पुलिङ्ग सर्वनाम।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| सर्वः | ______ | ______ | प्रथमा |
| सर्वम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| सर्वेण | ______ | ______ | तृतीया |
| सर्वस्मै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| सर्वस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| सर्वस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
| सर्वस्मिन् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे सर्व | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
'इदम्' सर्वनाम नपुंसकलिङ्गम्।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| इदम् | ______ | ______ | प्रथमा |
| इदम्/एनत् | ______ | ______ | द्वितीया |
भवत् आदरार्थकं सर्वनाम।
भवत् - स्त्रीलिङ्गम् (भवती)
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| भवती | ______ | ______ | प्रथमा |
| भवतीम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| भवत्या | ______ | ______ | तृतीया |
| भवत्यै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| भवत्याः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| भवत्याः | ______ | ______ | षष्ठी |
| भवत्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे भवति | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
गम् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
स्पृह् = ______
