Advertisements
Advertisements
Question
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
यः गणपतिस्तोत्रं जपेत् सः षडभिः मासैः फलं लभेत।
Advertisements
Solution
यः गणपतिस्तोत्रं जपेत् सः षडभिः मासैः फलं लभेत।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
सन्धिं कुरुत।
पशुभिः + तुल्यम् = ______
समानार्थकशब्दं लिखत।
चोरः - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सोऽपि = ______ + अपि।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
क्रियावान्स पण्डितः = क्रियावान् + ______ + पण्डितः।
उचितं कारणं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत।
मात्रा स्वशाटिका आर्द्रा कृता यतः ______।
शब्दस्य वर्णविग्रहं कुरुत।
क्वचित् - ______
सूचनानुसारं वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
तेन कः लाभः भवति? (बहुवचने लिखत।)
समानार्थकशब्दं लिखत।
अमरकोषः - ______
विशेषण-विशेष्य-अन्वितिं पूरयत।
| विशेषणम् | विशेष्यम् |
| ______ | पुत्रः |
| लिखितम् | ______ |
सन्धिं कुरुत।
तस्य + अन्तः (अ + अ) = ______
अधोदत्तं वाक्यं श्लोकस्थ-समानार्थक -शब्दैः पुनः लिखत।
हरिणः शष्पाणि भक्षयति तथापि व्याधः तस्य शत्रुः भवति।
अधोदत्तं वाक्यं श्लोकस्थ-समानार्थक-शब्दैः पुनः लिखत।
सत्पुरुषः निःस्पृहः वर्तते तथापि दुर्जनः तस्य अरिः भवति।
विशेषणं लिखत।
______ नभस्तलम्।
वर्णविग्रहं कुरुत।
रूपाढ्याम् - ______
समस्तपदं कुरुत।
लगुडस्य प्रहारः - ______
सवर्णदीर्घसन्धिः।
इ/ई + इ/ई = ई
परि + ______ = परीक्षा।
भवान्/भवती -स्थाने त्वं योजयित्वा वाक्यानि लिखत।
भवान् शीघ्रं पृच्छतु।
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ए/ऐ = ऐ
______ + एतद् = नैतद्।
यणसन्धिः।
उ/ऊ + विजातीयः स्वरः = व्।
मनु + ______ = मन्वन्तरम्।
विशेषण-विशेष्ययोः युग्मं पूरयत।
| पुंलिङ्गम् | स्त्रीलिङ्गम् | नपुंसकलिङ्गम् | विभक्तिः |
| पवित्रः जलाशयः | (पवित्र) नदी | (पवित्र) गङ्गाजलम् | प्रथमा |
| (नूतन) मण्डपम् | नूतनां भाषाम् | (नूतन) मन्दिरम् | द्वितीया |
| समृद्धेन (कोष) | (समृद्ध) परम्परया | समृद्धेन (नगर) | तृतीया |
| (कोमल) स्वभावाय | कोमलायै (लता) | (कोमल) पुष्पाय | चतुर्थी |
| प्राधीनात् (उपाय) | (पराधीना) बुद्ध्याः | (पराधीन) जीवनात् | पञ्चमी |
| (उत्तम) पुरुषस्य | उत्तमायाः (पत्रिका) | उत्तमस्य (वृत्तपत्र) | षष्ठी |
| (स्थूल) पुत्रे | स्थूलायाम् (कन्या) | (स्थूल) पात्रे | सप्तमी |
| हे (श्रेष्ठ) ऋषे | हे श्रेष्ठे (तपस्विनी) | हे (श्रेष्ठ) औषध | सम्बोधनम् |
योग्यरूपं योजयत।
मयूरस्य ______ दीर्घा। (चञ्चु)
हेत्वर्थक-अव्ययानि प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।
भार्गवः ______ (स्ना) गङ्गानदी गच्छति।
विधिलिङ्रूपाणि चिनुत लिखत च।
बालाः सर्वदा गुरूणाम् आज्ञां पालयेयुः।
उचितलिङ्गानुसार पृथक्कुरुत।
| पुं. | स्त्री. | नपुं. |
| ______ | ______ | ______ |
दुर्वासस्, उषस्, तपस्, अम्भस्, तेजस् ओजस्, नभस्, यशस्, स्रोतस्, वेधस्, वयस्, वासस्, पयस्, चेतस्, मनस्।
अधोदत्तान् शब्दान् पठत। एते शब्दस्य समासे कां विभक्तिम् अपेक्षन्ते इति लिखत।
गत - ______
रिक्तस्थानानि पूरयत।
| समस्तपदम् | समासविग्रहः | समासप्रकारः |
| कलाकुशलः | ______ | सप्तमी तत्पुरुषः |
| ______ | चिन्तायाः मुक्तः | पञ्चमी तत्पुरुषः |
| नेत्रहीनः |
नेत्राभ्यां हीनः |
______ |
| नृपकन्या | नृपस्य कन्या | ______ |
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| अस्याम् | ______ | ______ | सप्तमी |
| ______ | ______ | भवतीभ्यः | चतुर्थी |
| ______ | इमे | इमानि | प्रथमा |
लकार-तालिकां पूरयत।
लट् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| वन्दते | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | नृत्यावहे | ______ | उत्तमपुरुषः | |
| ______ | ______ | कथयथ | मध्यमपुरुषः |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
गण + ______ = गणेशः।
सन्धिकोषः।
जानोर्महिर्वेष्टितवामपाद्म् = जानोः + बहिः + ______।
सन्धिकोषः।
इत्येव = ______ + एव।
सन्धिकोषः।
किञ्चिदपि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
अधुनापि = ______ + अपि।
सन्धिकोषः।
पापमपाकरोति = ______ + अपाकरोति।
सन्धिकोषः।
तन्मे = तत् + ______।
सन्धिकोषः।
यत्परिपूर्णोऽयम् = यत् + ______ + अयम्।
सन्धिकोषः।
तस्याहम् = तस्य + ______।
सन्धिकोषः।
अध्ययनमसम्भवम् = अध्ययनम् + ______।
सर्व पुलिङ्ग सर्वनाम।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| सर्वः | ______ | ______ | प्रथमा |
| सर्वम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| सर्वेण | ______ | ______ | तृतीया |
| सर्वस्मै | ______ | ______ | चतुर्थी |
| सर्वस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| सर्वस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
| सर्वस्मिन् | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे सर्व | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
